झाबुआ~ रविवार को निर्दलीय कांग्रेस बागी जेवियर मेडा की ऐतिहासिक जनसंपर्क रैली ने तोड़े सारे पिछले कीर्तिमान~~

प्रमुख दलो के खेमो के मन मे,शायद तूफान की तरह उठ रहा एक ही सवाल....?*अब इस*हल* का क्या* हल*~~

कांग्रेस एवं भाजपा के प्रत्याशियो पर लगाये भ्रष्टाचार के आरोप~~

झाबुआसंजय जैन~~


रविवार 25 नवंबर को कांग्रेस के बागी निर्दलीय प्रत्याशी जेवियर मेडा ने हजारो की संख्या में समर्थको के साथ नगर में ऐतिहासिक रैली निकालकर जनसपंर्क कर बस स्टैण्ड पर आम सभा का आयोजन किया था। जिसमें हजारो की संख्या में समर्थको ने हाथ में जेंवियर मेडा के झंडे को लेकर उन्हे जिताने के नारे लगाये। समर्थको की इतनी भीड देखकर नगर में लोगो की ऑखे फटी की फटी रह गयी थी। हजारो जेवियर समर्थको ने अपने गा्रमीण अंदाज में विशाल रैली निकालकर ढोल मांदल की थाप बजाते हुये नगर में जनसंपर्क किया था। इस ऐतिहासिक जनसंपर्क रैली ने भीड़ के सारे पिछले कीर्तिमानो को तोड़ दिया है। 

*** रचा नया इतिहास रविवार की ऐतिहासिक जनसंपर्क रैली ने -तोड़ दिया पिछले सारे कीर्तिमानों को 


कांग्रेस के बागी निर्दलीय प्रत्याशी जेवियर मेडा की विशाल ऐतिहासिक जनसंपर्क रैली ने प्रदेश में पिछले भीड़ के सारे कीर्तिमानों को तोड़ दिया है। इस सभा मे उनके पक्ष में हजारों की तादात में लगभग 10 से 12 हजार लोगों का जनसैलाब एकत्रित हुआ था। मुख्यालय का बस स्टैंड खचाखच भर गया था। इस विशाल जनसंपर्क रैली ने दोनों ही प्रमुख दलों की नींद उड़ा कर रख दी है। गौरतलब है कि पिछला कीर्तिमान भी निर्दलीय ने ही रचा था,अब उस कीर्तिमान को भी एक निर्दलीय प्रत्याशी ने ही तोड़ा है......ना कि किसी प्रमुख दल के प्रत्याशी ने......? ज्ञात रहे कि पिछले विधानसभा चुनाव 2013 में भाजपा के बागी थांदला विधानसभा के प्रत्याशी कलसिंह भाभर की रैली ने इससे पहले के सारे कीर्तिमानों को तोड़कर प्रदेश में अपार जनसमुदाय का एक नया कीर्तिमान बनाया था। परिणाम,पूरे देश मे मोदी लहर के बावजूद भी एकमात्र इस विधानसभा में भाजपा की जमानत जप्त हो गयी थी,वो भी एक निर्दलीय प्रत्याशी के सामने। यहाँ से निर्दलीय प्रत्यशी कलसिंह भाभर विजयी हुए थे।


                        ***** विशाल ऐतिहासिक जनसंपर्क रैली की बाजार में प्रतिक्रिया *****


*** विशाल जनसंपर्क रैली का हो रहा व्यापक असर,दोनों ही दलों के परंपरागत वोटो और मुख्यत: नोटा समर्थको पर..... रैली ऐसी लग रही थी कि निकल रहा हो,किसी प्रत्याशी का विजय जुलूस 

इस विशाल रैली की प्रतिक्रिया को जानने के लिए जब विचार न्यूज़ टीम बाजार में पहुची तो लोगो का यह कहना था कि ऐसी विशाल रैली तो हमने प्रमुख दलो के प्रत्याशियो की जीत के बाद भी आज तक नही देखी है। यह रैली तो ऐसी लग रही थी कि किसी प्रत्याशी का विजय जुलूस निकल रहा हो। इस रैली ने तो दोनों ही दलों को छटी का दुध पिला दिया है। 


***  जाने नही देना चाहते वोट व्यर्थ

कुछ परंपरागत दोनों ही दलो के मतदाताओ ने नाम ना छापने की शर्त पर कहा कि हम हमारा वोट व्यर्थ नही जाने देना चाहते है इसलिए इस बार हम निर्दलीय प्रत्याशी को समर्थन देंगे। आश्चर्यजनक रूप से इस रैली का सबसे ज्यादा असर नोटा समर्थको में देखा गया वे भी अपना मत नोटा में डालकर अब व्यर्थ नहीं करना चाहते है। उनका कहना है कि हम दोनों ही प्रमुख दलो को एक अच्छा सबक देगे ताकि कोई भी दल चुनाव में उतरने के पहले आमजन के मन को टटोल सके। उनकी इस मंशा से साफ जाहिर है कि वे भी अपना समर्थन इस चुनाव में किसके पक्ष में करने वाले है....?


*** दोनों ही दलो के खेमे में बैचनी कि इस *हल*का*हल* क्या है......?

दोनों ही प्रमुख दलो के खेमो की नींद रविवार की इस ऐतिहासिक जनसंपर्क रैली ने उड़ा कर रख दी है। उपरोक्त आमजनों की प्रतिक्रिया सुनने के बाद तो साफ  नजर आ रहा है कि अबकी बार ऊट किस करवट बैठने वाला है। खैर इस बात का आंकलन लगाने में कुछ भी कहा नही जा सकता है क्योंकि राजनीति और क्रिकेट में कभी भी कुछ भी हो सकता है। इस रिकॉर्ड विशाल रैली को देखने के बाद दोनों ही प्रमुख दलो के खेमो के मन मे एक सवाल तो तूफान की तरह जरूर उठ रहा होगा कि इस अब *हल* का*हल*  क्या करें....?

*** केन्द्र में कृषि मंत्री बने थे सांसद भूरिया,हम सभी के सहयोग से ही 


हजारो की संख्या में महती जनसभा को संबोधित करते हुये निर्दलीय प्रत्याशी जेवियर मेडा ने सांसद कांतिलाल भूरिया एवं डॉ. विक्रांत भूरिया को आडे हाथ लेते हुये कहा कि कांतिलाल भूरिया हम सभी के सहयोग से केन्द्र में कृषि मंत्री बने थे,कांतिलाल भूरिया ने आदिवासियो की चिंता करने की बजाय स्वयं की चिंता ज्यादा की। केन्द्र में जब आदिवासी मंत्री बने तब किसानो को विदेश ले जाने के लिये जो किसान नही ऐसे प्रकाश रांका ओर पप्पू सेठ को अपने साथ विदेश ले गये। आप ओर हम सब किसान है लेकिन उन्हे किसान की कोई च्रिंता नही है। पप्पू सेठ के बारे में उन्होने बोला कि जेवियर मेडा की रैली की जानकारी मिलते ही पप्पू सेठ तीन लॉख रूपये लेकर बाटने के लिये ला रहे थे उसे पुलिस ने पकडा। इसकी शिकायत जेवियर मेडा ने भाजपा पर भी आरोप लगाते हुए कहा कि झाबुआ मे भाजपा को उम्मीदवार नही मिला इसलिये उन्होने पेटलावद का व्यक्ति यह खडा किया। नगर में अभी तक हुई सभी रैलियों में ऐतिहासिक जनसंपर्क रैली जेवियर मेडा की ऐतिहासिक जनसंपर्क रैली ने इतिहास कायम कर दिया ओर इसे लेकर कांग्रेस एवं भाजपा तक में घोर निराशा दिखाई दे रही है। 


*** नही आती,भीली भाषा तक बोलना 

सभा को संबोधित करते हुये जेवियर मेडा के समर्थक मिथायस भूरिया ने सांसद कांतिलाल भूरिया के साथ उनके बेटे कांग्रेस प्रत्याशी डॉ. विक्रांत भूरिया पर आरोप लगाते हुये कहा कि वे सही मायने में प्योर आदिवासी नही है ओर ना ही उन्हे ठीक तरीके सथ े भीली भाषा तक बोलना आती है। वो नही किसी गांव का रास्ता जानते है ओर ना ही गांव का नाम। निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में लड रहे जेवियर मेडा को कांग्रेस से पूर्व में भी टीकट नही देने पर उनके द्वार निर्दलीय चुनाव लडा गया था। कांतिलाल भूरिया द्वारा परिवार वाद प्रथा को आगे बढाया जा रहा है। उनके द्वार क्षेत्र के सांसद के तौर पर नही सिर्फ  अपने ही बेटे का प्रचार प्रसार किया जा रहा है।


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