देवास~ तेंदुए ने ग्रामीण पर किया हमला  घायल ग्रामीण इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती,~~

वन क्षेत्रों पर बढ़ते अतिक्रमण मानव के लिए घातक ,वन प्रणियो के प्रति आमजन की संवेदना में हो रही है बढ़ोतरी~~

अनिल उपाध्याय खातेगांव/देवास~~

खिबनी अभ्यारण वन परिक्षेत्र से लगे दीपगांव-कुसमानिया मार्ग पर
स्थित ग्राम पटरानी के साप्ताहिक हाट बाजार से खरीददारी कर  वापस अपने गांव ककडदी  पठार लौट रहे युवक पर तेंदुए ने उस समय हमला कर दिया जब वह शौच के लिए कालीबाई पटरानी के बीच एक पुलिया के पास बाइक खड़ा कर शौच कर रहा था! उसी समय पुलिया के सीमेंट के पाइप में बैठे तेंदुए ने उस पर हमला कर दिया! युवक ने जैसे-तैसे अपने आप को तेंदुए से बचाया और बचाओ बचाओ की आवाज लगाई आवाज सुनकर आसपास से लोगों ने पहुंचकर युवक को घायल अवस्था में देखा तो तत्काल वन अमले को खबर की वन अमले ने मौके पर पहुंचकर घायल युवक को इलाज के लिए कन्नौद के सिविल अस्पताल पहुंचाया जहां घायल का इलाज चल रहा है!
उधर घटना के बाद वन विभाग के आला अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर मौका मुआयना कर तेंदूए को पकड़ने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया है!
प्राप्त जानकारी के अनुसार खिबनी अभ्यारण वन परिक्षेत्र से लगे दिपगांव- कुसमानिया सड़क मार्ग पर ककडदी  पठार निवासी कालू पिता अदलसिंह बाइक से पटरानी साप्ताहिक हाट बाजार से खरीदारी करके जब अपने गांव लौट रहा था !उसी दौरान कालीबाई पटरानी के बीच एक पुलिया के पास वह जैसे ही पहुंचा उसी समय पुलिया के समीप बाइक में बैठे तेंदुए ने बाहर निकल कर उस पर हमला कर दिया! युवक के बाएं हाथ व छाती पर चोट आई है! इस दौरान युवक ने अपनी जान बचाने के लिए काफी देर तक संघर्ष किया ग्रामीणों के पहुंचने पर तेंदुआ युवक को छोड़कर जंगल की ओर भाग गया!
इस संबंध में खिबनी अभ्यारण के डिप्टी रेंजर कैलाश मुजाल्दे  ने बताया कि जैसे ही व्यक्ति के घायल होने की सूचना मिली तत्काल वन रक्षक अंकित बरसिया, राजकुमार मालवीय और वाहन चालक आनंद विश्वाकर्मा  घायल व्यक्ति के पास पहुंचा और कन्नौद के अस्पताल
लेकर पहुचे जहा उसका इलाज चल रहा हे!

मानव द्वारा  वन्य जीबो में
बढ़ती दखल अंदाजी!

वन्यजीब वाले क्षेत्रों में बढ़ती मानव दखलअंदाजी से वन का दोहन होने और नदियों के सूखने से भी बाघ तेंदुए सहित अन्य प्राणियों को जान से हाथ धोना पड़ रहा है! खातेगांव वन परिक्षेत्र खिबनी अभ्यारण से लगे गांव में तैंदुओ  की दस्तक शुरू हो गई है अभी तक दर्जनों मवेशियों को यह बाघ तेंदुए अपना शिकार बना चुके हैं! वहीं प्राकृतिक संसाधनों का दोहन बनजीवी का मानव आबादी में घुसपैठ बढ़ने का कारण बताया जा रहा हे! जंगलों का खात्मा होना चारगाहो व झीलो तलावो का सिमटना मानवीय वृत्ती का नतीजा हे! इसमें सरकार और प्रशासन के प्रश्नय को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता!
इससे बन जीवो के स्वभाव और व्यवहार में भी बदलाव देखे जा रहे हैं!

प्राकृतिक संसाधनों का
बढ़ता दोहन
------------
वन्यजीवों की अलग प्रकृति और प्रवृत्ति होती है! वह किसी किस्म की दखलअंदाजी बर्दाश्त नहीं करते हे!
प्राकृतिक संसाधनों के बढ़ते अत्यधिक दोहन के चलते उनके जीवन के आधार थे!
वन्यजीबो की मानव आबादी में घुसपैठ बढ़ती जा रही हे! इसके पीछे सबसे बड़ा कारण उनके सामने आहार और पानी का संकट बनता जा रहा  है !

प्राकृतिक संसाधनों पर
वन्य जीव आश्रित थे !
---------------
वन्य जीवो के प्रति आमजन की संवेदना में भी काफी बढ़ोतरी हुई है! नतीजा जतन पर्यावरण विभाग के संरक्षण हेतु राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी-बड़ी योजना स्थिति मे लेकिन आज उनके आवास स्थलों में स्थलों के चलते इस वन संपदा खतरे के बादल मंडरा रहे हे!
तेंदुआ को पकड़ने के लिए
रेस्क्यू ऑपरेशन जारी!
-------------
ग्राम भिलाई से पटरानी तक खेलनी अभ्यारण का जंगल है जिसमें कई प्राकृत प्रजातियों के वन जीव रहते हैं जो कभी कबार जंगल से बाहर भी निकल आते हैं इस जंगल से लगे कई गांव और किसानों के खेत हैं फिर भी
तेंदुए को पकड़ने के लिए टीम कार्य कर रही है इसमें तेंदुए की लोकेशन वाले क्षेत्र में आम जनता को नहीं जाने की अपील की गई है
"डिप्टी रेंजर कैलाश मुजाल्दे
खिबनी अभ्यारण वन परिक्षेत्र"

Post A Comment:

0 comments: