धार~ कमलनाथ सरकार के इस केबिनेट मंत्री को मीडिया से परहेज~~

आयोजन चढ़ा हंगामे कि भेंट~~

मोबाइल कि लाईट मे दिये मंत्रीजी ने भाषण~~

आयोजक कि लापरवाही आई सामने~~

धार (शैलेन्द्र पँवार)


सरदारपुर विधानसभा क्षैत्र के ग्राम नरसिंह देवला में प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री कमलेश्वर पटेल आजीविका के कार्यक्रम मे पहुंचे! नरसिंग भगवान के दर्शन कर आरती उतारी! जनपद पंचायत सरदारपुर द्वारा आयोजित कार्यक्रम मे अतिथियों का स्वागत  पुष्पक  एवं हार से किया गया! मंच से विधायक प्रताप ग्रेवाल जब अपना उद्बोधन दे रहे थे, तब स्टेज एवं पांडाल में लाइट गुल हो गई! क्षैत्रिय विधायक व मंत्री कमलेश्वर पटेल ने अपना उद्बोधन बंद लाईट में मोबाइल की रोशनी में दिया व कई घोषणाऐ की! आयोजनकर्ता कि भारी लापरवाही उजागर हुई ! आजीविका मिशन स्वसाहायीता समूह की महिलाओं कि शिकायत  पर कमलेश्वर पटेल द्वारा आजीविका मिशन के तीन अधिकारियों को बर्खास्त कर जांच के लिए आदेश दिये! मंत्री जी के जाँच से पूर्व बर्खास्त के फैसले पर महिलाओं का हंगामा बढ़ता देख, मंत्री कमलेश्वर पटेल वहां से निकल गए!
     आयोजन में प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री कमलेश्वर पटेल, क्षेत्रीय विधायक प्रताप ग्रेवाल, धरमपुरी विधायक पांचीलाल मेडा, पूर्व सांसद गजेंद्रसिंह राजू खेड़ी, कांग्रेस जिलाध्यक्ष बालमुकुंद सिंह गौतम, जिला पंचायत सीईओ आर.के. चौधरी आदि उपस्थित थे!


मीडिया से रूबरू होने मे मंत्री जी को परहेज क्यों :-

         कहते है कि सत्ता का नशा ही कुछ ऐसा होता है कि सत्ता हाथ आते है गुरूर सिर चढ़ बोलने लगता है! कुछ ऐसे ही आलम मे पिछली शिवराज सरकार के नेताओ के भी रहे थे, जो आमनागरीको से तो सुरक्षा के नाम पर दुरीयाँ बनाए तो रहते ही ये बल्कि निष्पक्ष मीडिया से भी दुरीयाँ बनाऐ रखते थे, तब इन्हीं विपक्ष मे रही कांग्रेसी नेताओं को सच कि बात करते व गरीबों का सबसे बड़ा शुभचिंतक बनते देखा जा रहा था और मीडिया को बहुत सम्मान देते देखा जाता रहा था ! लेकिन केबिनेट मंत्री कमलेश्वर पटेल को सरदारपुर के मीडियाकर्मीयो से दुरीयाँ बनाते देख ऐसा प्रतीत हो रहा है जैसे कांग्रेस सरकार मीडिया कि घोर विरोधी सरकार हो क्योंकि कल तक मीडिया को विश्वास मे लेकर चलने वाली कांग्रेस के केबिनेट मंत्री मीडीया से आज ऐसा व्यवहार करे तो इससे तो यही प्रतित होता है!
         दरअसल मंत्रीजी से जब मीडियाकर्मीयो ने सवाल पूछना चाहा तो वे मीडियाकर्मीयो से "नही, नही, नही, नही" कहते हुए ऐसे निकले जैसे कोई गुनाहगार पुलिस के बीच से भाग रहा हो! मंत्रीजी के ऐसे कृत्य से मीडिया मे रोष है कि प्रदेश सरकार के मंत्रीगण मीडिया से क्षैत्रिय समस्याओं को लेकर चर्चा नहीं करेंगे तो क्षैत्रिय जनता के दुःख-दर्द को कैसे जानेगे!


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