मुरैना~~स्वागतम् लक्ष्मी योजना के तहत 18 जन्मी बेटियों की माताओं को एक पौधा  के साथ एक किट प्रदान की~~

मुरैना~~(चम्बल संभाग ब्यूरो चीफ संजय दीक्षित)

मुरैना~~क्षेत्रीय विधायक रघुराज सिंह कंषाना ने कहा कि विगत वर्ष 2011 के जनगणना अनुसार जिले में ऐसे 273 ग्रामों को चिन्हित किया है। जिनमें बेटियों की संख्या बहुत कम बताई गई है। यह घटती संख्या समाज व जिले के लिये चिंता का विषय है, इसके लिये चिन्तन करने की जरूरत है। हम सभी को जागरूक होकर इस दिशा में पहल करने की जरूरत होगी, कि हम बेटियों की संख्या कैसे बढायें । इस ओर ध्यान सभी वर्गो को देना होगा । ये बात उन्होने शनिवार को जिला अस्पताल में  को  स्वागतम् लक्ष्मी कार्यक्रम के तहत जिला अस्पताल परिसर में सम्बोधित करते हुये कही । उन्होने स्वागतम् लक्ष्मी योजना के तहत आज 18 जन्मी बेटियों की माताओं को एक पौधा (अमरूद) के साथ एक किट प्रदान की। जिसमें लाडली लक्ष्मी योजना का फार्म, जोन,सोन सनविट आदि प्रदान किये । इस अवसर पर कलेक्टर श्रीमती प्रियंका दास, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा. व्ही. के गुप्ता, जिला महिला बाल विकास अधिकारी गौतम अधिकारी, प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. एके गुप्ता, एसके शर्मा सहित अन्य चिकित्सक एवं बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुये कलेक्टर श्रीमती प्रियंका दास ने कहा कि समाज की महिलाओं की गरिमा एवं उनका सम्मान स्थापित करने एवं उनके प्रति किये जाने वाले असंवेदनशील व्यवहारों में परिवर्तन लाने की आवश्यकता है ताकि वे समाज में पुरूषों के समकक्ष अपना स्थान बना सके। इस व्यवस्था को परिवर्तित करने हेतु आवश्यक है कि वर्ततान में सामाजिक व्यवहार एवं सोच में परिवर्तन लाया जाये। इस सोच को मूर्तिरूप देने के लिये मध्यप्रदेश शासन महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा स्वागतम् लक्ष्मी योजना प्रारम्भ की गई।इसके साथ ही कलेक्टर श्रीमती दास ने कहा कि 273 ग्रामों के लिये 2-2 बीबीबीपी चैम्पियन बनाये गये है। ये उन गांव के लोगों को प्रेरित करेंगें जहां बेटियाँ बेटों की अपेक्षा किसी मायने में कम नहीं है। जो बेटे नहीं करते वो बेटियाँ कर दिखातीं है। इसके साथ ही उन्होनें कहा कि बेटियों को बचाने के लिये स्वास्थ्य, शिक्षा, सम्मान और सुरक्षा उपलब्ध कराई जायेगी। इसके लिये युद्ध स्तर से प्रयास किये जा रहे है। बेटी को जन्म लेने के बाद उसे समस्त टीके, प्रारम्भिक शिक्षा, किसी परीक्षा में उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने पर सम्मान और सुरक्षा के लिये जोड़ोकराटे आदि जैसे ट्रेनिंग दिलाना प्रारंभ कर दी है, जिससे बेटियां आगे बढ़े और पढ़े और अपनी स्वयं कर सके।कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक व कलेक्टर ने मैटरनिटी वार्ड में 18 बच्चियों की माताओं को पौधा एवं किट प्रदान किये। कार्यक्रम में सीएमएचओ ने सम्पूर्ण कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने कहा कि बेटियाँ किसी मायने में कम नहीं है। बेटियों को जन्म से लेकर शादि आदि तक की जिम्मेदारी शासन ने ली है। बेटियाँ किसी भी मायने में कम नहीं है। कार्यक्रम में सभी को बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम का संचालन डॉ. एसके शर्मा ने किया।


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