*अलीराजपुर~ जिला चिकित्सालय मे डाँक्टर नदारत मरीज हो रहे परेशान।* ~~

*जिला चिकित्सालय चड़ा भ्रस्टाचार की भैंट स्वास्थ्य अधिकारी है मौन* ~~

*जन प्रतिनिधि और जिला प्रशासन के भी आदेश का नही किया जा रहा है पालन*~~

✍जुबेर निज़ामी की रिपोर्ट✍
अलीराजपुर 📲9993116518~~

अलीराजपुर जिले की स्वास्थ्य सेवा ऐ  लडखडाई यु तो केन्द्र सरकार स्वास्थ्य को लेकर बडे बडे दावे कर रही है मगर यहा अलीराजपुर जिले की जमीनी हकीकत जिरो है। यदि हम बात करे तो जिला चिकित्सालय मे शाम के 5:30 बजे तक एक भी डाँक्टर ड्यूटी पर मौजुद नही जब की मरीज 4:30 से यहा डाँक्टर का इन्तजार कर रहे है कही मरीज तो निजी क्लीनिक पर उपचार करवाने पर मजबुर है मगर अलीराजपुर जिला आदिवासी जिला होने के कारण कही गरीब आदिवासियों को जो की ग्रामीण से आते है उन्हे रिटन  जाने के लिये साधन भी नही मिलता।  


साफ तौर पर देखा जा रहा है की गरीब भोले डाले आदिवासियों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। और उन्हे मिलने वाला लाभ समय रहते नही मिल पा रहा है।

यदि हम बात करे स्वास्थ्य सुविधाओं की तो कुछ भी नही है जिला चिकित्सालय मे ट्रामा सेंटर बने कही वर्ष बित चुका है मगर अभी तक महिला चिकित्सक (गायनेक) की व्यवस्था नही है लम्बे समय से जिला चिकित्सालय खुद बिमार या यु कहो की कोमा मे है।

जिला चिकित्सालय मे वेसे भी डाँक्टरो द्वारा रेफरी का खेल खेला जा रहा है यहा हर दुसरे मरीज को गुजरात के लिये रेफर किया जाता है। जिससे यहा पदस्थ डाँक्टरो को गुजरात के केशर हॉस्पिटल से भारी कमीशन दिया जाता है। खास बात तो ये है की जिस एनसी महिला को यहा से सिजर  का बोलकर गुजरात के केशर हॉस्पिटल मे भेजा जाता वहा उस मरीज से 40से 50 हजार तक वसूले जाते है। वही यदि कोई समझदार पेसेन्ट को यदि बडवानी जिला चिकित्सालय मे ले जाता है तो वहा नोर्मल डिलेवरी हो जाती है है ता ताजुब की बात।

यहा हर डाँक्टर अपने घर या क्लेनिक पर चैक करने पर 200 से 300 रुपये फीस वसूलता है। यहा तक की सोनोग्राफी के लिये भी खुद जिला चिकित्सालय के डाँक्टर यह कहकर की यहा की मशीन सही नही है अच्छी रिपोर्ट नही आऐगी बता कर घर प्रायवेट सोनोग्राफी करकर 1000 से 1200रुपये वसूलते है। फिरभी जिला स्वास्थ्य अधिकारीयो की नीद नही खुल रही है।

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