बड़वानी~ राज्य मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यों ने देखा केन्द्रीय जेल की व्यवस्था को~

बड़वानी /मध्यप्रदेश राज्य मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष श्री नरेन्द्र कुमार जैन तथा सदस्य श्री मनोहर ममतानी तथा श्री सरबजीतसिंह ने शनिवार को केन्द्रीय जेल बड़वानी का दौरा किया । इस दौरान उन्होने जहाॅ बंदियों से उन्हें मिल रही सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की वहीं जेल अधीक्षक से भी जेल में ओर सुविधा बढ़ाने हेतु की जाने वाली व्यवस्थाऐं, वर्तमान में आ रही कठिनाईयों की जानकारी प्राप्त की । जेल निरीक्षण पश्चात् उन्होने मीडिया के प्रश्नों का जवाब देते हुये बताया कि निरीक्षण की टीप बनाकर वे अपनी अनुशंसा राज्य शासन को भेजेंगे । जिससे व्यवस्थाऐं ओर बेहतर बन सके ।
बंदियों से चर्चाकर जानी उनकी समस्या को
राज्य मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यों ने अपने निरीक्षण के दौरान बैरको में भी जाकर उपलब्ध सुविधाओं को देखा एवं बंदियो से विस्तार में चर्चाकर जानकारी प्राप्त की । इस चर्चा के दौरान कुछ बंदियो द्वारा उनको इस जेल से स्थानान्तरित कर उनके गृह जिले की जेल में भेजने के आवेदन का निराकरण न होने की जानकारी पर उन्होने मौके पर ही उपस्थित जेल पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि वे बंदियो की इस मांग पर समय रहते नियमानुसार कार्यवाही करवाये । इसी प्रकार आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यो के महिला बंदी बैरक का निरीक्षण करने पर कुछ बंदियों द्वारा महिला बैरक में स्थान की अत्यधिक कमी होने से हो रही समस्या बताने पर उन्होने आश्वस्त किया कि वे अपनी निरीक्षण टीप में इसका उल्लेख करेंगे । जिससे एक और महिला बैरक का निर्माण हो सके ।
देखा बंदियो को मिल रही सुविधाओं को
राज्य मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यो ने अपने निरीक्षण के दौरान भण्डार गृह, रसोई घर, आटा चक्की पिसाई केन्द्र, पावरलूम, हस्तकला एवं काठ सामग्री निर्माण गृह का भी निरीक्षण किया । साथ ही उन्होने मौके पर कार्य कर रहे बंदियो से भी चर्चाकर जाना कि उन्हें कौशल विकास हेतु संचालित इन केन्द्रो पर कितने घण्टे कार्य करना पड़ता है, इस कार्य के बदले उन्हें कितना पारिश्रमिक प्राप्त होता है।
बैरको के विस्तार की करेंगे अनुशंसा
राज्य मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यो ने मीडिया से चर्चा के दौरान बताया कि केन्द्रीय जेल बड़वानी में क्षमता से दुगने बंदी मौजूद है । वही महिला बैरक में भी क्षमता से अधिक बंदी है। इसको देखते हुये वे अपनी रिपोर्ट में इसका विशेष उल्लेख करेंगे । जिससे केन्द्रीय जेल बड़वानी में पर्याप्त संख्या में और बैरको का निर्माण हो सके ।
बंदियो को कानूनी अधिकार अनुसार जिले समस्त सुविधा
राज्य मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यो ने अपने निरीक्षण के दौरान उपस्थित जेल अधीक्षक श्री डीएस अलावा को भी निर्देशित किया कि बंदियो को मिलने वाले पैरोल, विचाराधीन बंदियो को मिलने वाली कानूनी सहायता जैसे प्रकरणो में किसी भी स्तर पर त्रुटि या देरी न होने पाये, इसका विशेष ध्यान रखा जाये । इस दौरान आयोग के सदस्यो को यह जानकारी मिलने पर कुछ जेलो में घटित घटना के पश्चात् बंदियों को उनके परिजनों के द्वारा भेजी जाने वाली सामग्री का प्रवेश जेल में बन्द करवा दिया गया है। इस पर आयोग के अध्यक्ष ने इसे संज्ञान में लेते हुये इस पर कानूनी प्रावधान करने या यह सुविधा पुनः प्रारंभ करवाने की अनुशंसा शासन को भेजने की भी बात कही ।
अनाधिकृत व्यक्ति या संस्था द्वारा राज्य मानव अधिकार से संबंद्धता बताने पर होगी कार्यवाही
बड़वानी के अपने दौरे के दौरान आयोग के अध्यक्ष श्री जैन ने स्पष्ट किया कि कुछ जगहों से ऐसी शिकायते प्राप्त होती है कि तथाकथित कुछ व्यक्ति या संस्था अपने आप को मानव अधिकार आयोग से संबंद्धता बताते है, जो की गलत है। क्योंकि राज्य मानव अधिकार आयोग सिर्फ उचित प्रक्रिया से ही जिलो में मानव अधिकार आयोग मित्र की नियुक्ति करता है। अगर कही पर कोई गैरवाजिब तरीके से अपने आप को आयोग से संबंद्धता बताता है या कोई नियुक्त मानव अधिकार आयोग मित्र गलत आचरण करता है, तो उसकी शिकायत या जानकारी तत्काल राज्य मानव अधिकार आयोग को भेजी जाये । दोषियो पर कठौर कार्यवाही की जायेगी ।


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