मुरैना~~जिला अस्पताल बना आवारा जानवरों का अड्डा,आला -अधिकारी बने मौन~~

मुरैना~~(चम्बल संभाग ब्यूरो चीफ संजय दीक्षित)

मुरैना~~जिला अस्पताल में सिक्योरिटी गार्ड के अलावा वार्ड बॉय वालों की भी ड्यूटी रहती है, लेकिन आए दिन वार्ड बाय तो शराब के नशे में धुत्त रहते हैं उनको यही नही पता होता कि कब सुबह होती हैं कब शाम होती हैं ।उन्हें तो अस्पताल परिसर में आकर सोना ही अच्छा लगता हैं उन्हें किसी से कोई मतलब नही कि क्या हो रहा है। किसी की भी नजर नहीं पड़ती की मरीजों की जगह पलंग पर आवारा जानवर सो रहे हैं ।जिला अस्पताल का ढाँचा इस तरह बिगड़ा हुआ है कि ऊपर वाला ही मालिक है। लाखों रुपए खर्च होने के बाद भी जैसे के तैसा माहौल बना हुआ है। अगर किसी की नजर  चूक गई तो किसी बच्चे या सामान को जानवर उठा कर ले जा सकते हैं। तब सिर्फ हंगामे के अलावा और कुछ नहीं होता है।इन दिनों मरीजों को दी जाने वाली सुख सुविधा जानवरों को उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे पहले भी आवारा जानवरों को भी जिला अस्पताल परिसर में घूमते हुए भी देखा गया था लेकिन अभी तक जानवरों को रोकने के लिए कोई भी ठोस कदम नहीं उठाया गया ।अगर इन सभी पर ध्यान नहीं दिया गया तो किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है। जिसकी जिम्मेदारी जिला अस्पताल के महकमे की होगी।

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