देपालपुर~ फसल पंजीयन की अंतिम तारीख 9 मार्च~~

किसान हो रहे परेशान। गेंहू की जगह प्याज~~

विमल फौजी देपालपुर~~


देपालपुर - जब से  डिजिटल  इंडिया हुआ है  तब से ही  ग्रामीण क्षेत्र की जनता  काफी परेशान है  एक तरफ सरकार ऑनलाइन की बात कर रही है  वहीं दूसरी तरफ  ऑनलाइन में  कराया गया पंजीयन  गलत शो कर रहा है डिजिटल इंडिया की गलती को  किसान भोग रहे हैं।  फसल पंजीयन की अंतिम तारीख  9 मार्च है  लेकिन  किसानों का पंजीयन सही नहीं होने पर वह तहसीलदार पटवारी के दफ्तर के चक्कर काट रहे हैं। इंदौर मध्यप्रदेश शासन की ओर से खरीदे जाने वाले गेहूं चने का पंजीयन 9 तारीख तक होना है । वहीं जब किसान अपनी खसरा बी वन की नकल निकलवाने जा रहे तो गेहूं और चने की जगह सबसे ज्यादा प्याज ही लिखा हुआ आ रहा है ।जिससे उन्हें गेंहू चने के पंजीयन कराने में दिक्कत आ रही है और दौड़ कर क्षेत्र के पटवारी एवं तहसीलदार से बात कर रहे हैं  कि जब हमारे यहां प्याज लगाया ही नहीं है तो यह प्याज कैसे लिखा आ रहा । फिर दूसरी बात सामने आ रही कि किसानों का अधिकतर रकबा चने गेंहू  का बोया हुआ था उस समय भी फसलें जब ज्यादा ठण्ड से जली तो किसानों ने पंजीयन चने का करवाया था और वही पटवारियों के यहां डाटा एंट्री होकर उन्हें कच्ची स्लिप पर प्रमाण पत्र सम्बंधित पंजीयन फसल का दिया गया था । उसके बावजूद भी डाटा एंट्री में इतनी बड़ी गलती कैसे हो गई 

अब किसान परेशान हो रहे कि 1 दिन पंजीयन की तारीख शेष बची वहीं डाटा एंट्री सुधारने में पहले पटवारी की एंट्री होगी उनकी आईडी से कंप्यूटर पर सुधारे जाएंगे उसके बाद वही इंट्री को क्षेत्रीय तहसीलदार डाटा एंट्री में सुधारेंगे । उसके बाद खाद्य अधिकारी की एप पर उसे सुधारने पर ही उनकी फसल की एंट्री होगी ।  यह सुधार होने के बाद ही फिर से उनका पंजीयन गेहूं चने के लिए खरीद केंद्र पर होगा ।
अब ऐसे में ये दुविधा बढ़ गयी है की पंजीयन की तारीख ही खत्म हो जायेगी तो क्या करेंगे । वही किसान अशोक माथुर देपालपुर,रामचन्द्र पटेल ,मुस्ताक बनेडिया,चरत दयाल,विजय सिंह तंवर बडोलिहोज ने बताया कि अगर 9 तारीख के पहले सुधार नही हुवा तो हमे आंदोलन करना पड़ेगा।
इनका कहना- हमने हमारी तरफ से डाटा एंट्री में सुधार कर दिया है जिसका जवाब हमारे पास आ गया लेकिन फूड अधिकारी का कहना है कि भोपाल से जो नया ऐप लांच किया है उसके बाद ही सही पता चल पाएगा ।अवधेश चतुर्वेदी।


Post A Comment:

0 comments: