*अलीराजपुर~ तीर-कमान ओर छोटे दैनिक उपयोगी हथियार पर प्रतिबंध नही-:पुलिस अधीक्षक श्रीवास्तव*~~

✍जुबेर निज़ामी की रिपोर्ट✍
अलीराजपुर 📲9993116518~~

अलीराजपुर गत दिनों शांति समिति की बैठक के बाद आई अखबारों में प्रकाशित खबर के आधार पर आदिवासी समाज के कार्यकर्ताओं द्वारा आदिवासी समाज के पारम्परिक हथियार तीर-कमान पर पाबंदी लगाने वाली बात को लेकर समाज का प्रतिनिधि मंडल पुलिस अधीक्षक श्री विपुल श्रीवास्तव से मुलाकात कर आवेदन सौपा जिसमे आदिवासी समाज की परम्परा, संस्कृति का ओर समाज की पहचान बताते हुए कहा के अनादिकाल से ही समाज के बुजुर्ग इस हथियार का उपयोग करते हुए अपनी सुरक्षा करते थे,इन्ही शस्त्र के माध्यम से अंग्रेजो से युद्ध करते हुए जल,जंगल,जमीन और जंगली जानवरों से रक्षा करते आये है।
पीढ़ी दर पीढ़ी चलते आरहे है ओर इसका उपयोग जन्म से मृत्यु संस्कार में भी किया जाता है जिसमे श्री श्री वास्तव द्वारा बताया गया के हमने शांति समिति की *बैठक में इस तरह के पारम्परिक हथियारों तीर कमान पर प्रतिबंध सबंधी कोई आदेश नही दिया न ऐसा होगा,आर्म्स एक्ट के तहत आने वाले हथियारों पर अब प्रतिबंध रहेगा चूंकि आचार सहिंता भी लग चुकी है अतः नियमानुसार कार्यवाही ही कि जाएगी,तीर कमान पर कोई प्रतिबंध नही है।*
पदाधिकारी द्वारा *ताड़ी के मटके फोड़ने सबंधित बात रखी और आवेदन के माध्यम से निवेदन भी किया के आदिवासी का पारम्परिक पेय पदार्थ ताड़ी से इस सीजन में आमदनी भी होती है हा यदि गलत तरीके से ताड़ी बनाकर कोई बेचता है तो प्रशासन अपने अनुसार कार्यवाही करें उसमे हम भी आपका साथ देंगे और गलत ताड़ी अथवा अवैद्य शराब परिवहन की सूचना कर पुलिस प्रशासन की मदद भी करेंगे* इस पर पुलिस कप्तान द्वारा बताया के अवैद्य शराब के खिलाफ हम लगातार प्रयास कर रहे है के उसे रोका जाये ओर ताड़ी के मटके फोड़ने वाली घटना उनके संज्ञान में नही है यदि ऐसा होताहै तो गलत है में पता करवाता हु यदि सही पेय पदार्थ रोड से थोड़ा अंदर बेचा जाता है तो किसी प्रकार की कार्यवाही नही की जाएगी और रोड पर बैठने वाले ताड़ी विक्रेताओं को समझाने की बात कही ताकि कोई विवाद निर्मित न हो और जिले में हो रही मोटरसायकिल दुघर्टना पर नियंत्रण किया जा सके।
लगभग आधे घण्टे से ऊपर चली बातचीत में अजाक थाने की शिकायत जिसमे निराकरण न होने की बात बताई और अनुसूचित जाति,अनुसूचित जनजाति एट्रोसिटी अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 के तहत कोई ठोस कार्यवाही न होने की बात कही जबकि *पिछले दिनों 2 आवेदन दिए गए जिसमे माइनिंग इंस्पेक्टर चेनसिंह डामोर पर शासकीय कार्य मे बाधा उतपन्न कर दबाव बनाने सबंधी शिकायत ओर ग्राम सेजा निवासी प्रकाश डावर के फ़ेसबुक वाल पर   बादल सोनी नाम के व्यक्ति द्वारा सार्वजनिक रूपसे गाली गलौच कर अपमानित शब्दो का प्रयोग किया था जिस पर एट्रोसिटी एक्ट के तहत कार्यवाही की मांग की* ओर रवीना बलात्कार हत्याकांड के आरोपी की गिरफ़्तारी के लिए प्रशासन को सख्त होने का अनुरोध किया।
इस दौरान केरम जमरा,विक्रम चौहान, नितेश अलावा,राजेन्द्र रावत,जितेंद्र चौहान, सालम सोलंकी सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।


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