बड़वानी~ सुलह एवं समझौते के आधार पर नेशनल लोक अदालत में हो रहे है प्रकरणों के निराकरण -जिला एवं सत्र न्यायाधीश~~


बड़वानी /न्यायालय में चलने वाले प्रकरणो का सुलह एवं समझौते के आधार पर निराकरण करने का एक सशक्त माध्यम है लोक अदालत। लोक अदालत में प्रकरणो का निराकरण होने से दोनो पक्षो के मध्य आपसी सद्भाव व भाईचारा बना रहता हैै तथा वे कानून की लंबी प्रक्रिया से छूट कर त्वरित न्याय पाकर अपना जीवन सौहाद्रपूर्ण तरीके से जी सकते है। और अब पक्षकार नेशनल लोक अदालत के माध्यम से बड़ी संख्या में प्रकरणों का निराकरण करवाते है।
शनिवार को नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ करते हुए उक्त विचार जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री रामेश्वर कोठे द्वारा व्यक्त किये गये। इस अवसर पर कलेक्टर श्री अमित तोमर, पुलिस अधीक्षक श्रीमती यांगचेन डोलकर भूटिया, विशेष न्यायाधीश श्री दिनेशचन्द्र थपलियाल, प्रथम अपर जिला न्यायाधीश श्री समीर कुलश्रेष्ठ, द्वितीय अपर जिला न्यायाधीश श्री आशुतोष अग्रवाल, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री हेमंत जोशी, प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वर्ग-2 सुश्री रश्मि मण्डलोई, न्यायाधीश सुश्री आभा गवली, बार एसोसियेशन के अध्यक्ष श्री पुरूषोत्तम मुकाती सहित बड़ी संख्या में अभिभाषक, पक्षकार उपस्थित थे।
सुलह एवं समझौते के आधार पर 07 दम्पत्ति हुए एक
शनिवार को जिला न्यायालय बड़वानी में आयोजित नेशनल लोक अदालत में बड़वानी परिवार परामर्श केन्द्र के 05 प्रकरण एवं पेरालीगल वालेंटियर द्वारा प्रस्तुत 2 प्रकरण में सुलह एवं समझौते के आधार पर निराकरण कराया गया। इसके तहत जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री रामेश्वर कोठे के समक्ष जोड़ा़े ने आपसी मन-मुटाव को दूर कर न्यायाधीशो की उपस्थित में पुनः एक दूसरे को माला पहनाकर नये सिरे से जीवन जीने का प्रण भी किया। बिछड़े दम्पतियों को एक करवाने में परिवार परामर्श केन्द्र बड़वानी में एएसआई श्रीमती रेखा यादव, आरक्षक श्रीमती आशा डुडवे एवं काउंसलर श्रीमती अनिता चोयल एवं पेरालिंगल वालेंटियर श्री सरदारसिंह बघेल का सराहनीय योगदान रहा ।
शंका के कारण अलग हुए पति-पत्नि हुए एक
श्री सुनील द्वारा परिवार परामर्श केन्द्र, बडवानी पर आकर उनकी पत्नी श्रीमती पुजा के आचरण के संबंध मे शंका को लेकर उनके मध्य परस्पर विवाद होने पर मामला परिवार परामर्श केन्द्र के समक्ष प्रस्तूत हुआ।
परिवार परामर्श केन्द्र पर प्रभारी महिला डेस्क रेखा यादव,काउंसलर श्रीमती अनिता चोयल,आरक्षक आशा डुडवे द्वारा सुनील उनकी पत्नी श्रीमती पूजा व अन्य परिजनो को बुलवाकर उनकी काउंसलिंग कर उन्हे पति पत्नी के रिश्ते मे परस्पर विश्वास, समर्पण, सम्मान के बारे मे समझाइश दी गयी । समझाईश उपरांत उभयपक्षो ने सभी विवादो, मनमुटाव को समाप्त कर परस्पर एक दुसरे पर विश्वास कर समन्वय से एक साथ रहना तय किया।
विवाद से अलग हुए दम्पत्ति के मध्य समाप्त हुआ विवाद
श्रीमती कविता व महेश का विवाह 2017 में हुआ था। उन दोनो का एक पुत्र भी है। विवाह के छह माह बाद पारिवारिक विवाद प्रारंभ होकर वे दोनो परिवार के अन्य सदस्यो से अलग रहने लगे। परन्तु वहाॅ भी विवाद निरंतर होता रहने से उनके मध्य दूरिया बडी और श्रीमती कविता अपने मायके मे रहने चली गयी।
परिवार परामर्श केन्द्र के समक्ष मामला आने पर  प्रभारी महिला डेस्क रेखा यादव,काउंसलर श्रीमती अनिता चोयल, आरक्षक आशा डुडवे द्वारा कविता, महेश व उनके परिजनो को बुलवाकर उनकी काउंसलिंग कर उन्हे समझाइश दी गयी । समझाईश उपरांत उभयपक्षो ने सभी विवादो, मनमुटाव को समाप्त कर परस्पर एक दुसरे पर विश्वास कर समन्वय से एक साथ रहना तय किया।
मध्यस्थता के माध्यम से बिछड़े हुए दम्पत्ति मिले फिर से
श्रीमती प्रमिला के विवाह श्री गुना , निवासी ग्राम सेमलिया का होकर उनकी चार संताने है। गुना द्वारा निरंतर शराब का सेवन करने के कारण उनके व श्रीमती प्रमिला के मध्य परस्पर विवाद होकर परिवार को आर्थिक संकटो का सामना भी करना पड रहा था। विवाद व परेशानी बडने पर श्रीमती प्रमिला करीब दो वर्ष पूर्व संतानो सहित अपने पिता के घर ग्राम बडगाॅव आ गयी।
श्रीमती प्रमिला की माता के पैरालीगल वालेंटियर श्री सरदार बघेल के संपर्क मे आने पर पैरालीगल वालेंिटयर श्री सरदार बघेल ने उन्हे समझाईश दी व उनकी समझाईश पर श्रीमती प्रमिला अपने पति से पारिवारिक समझौते की बातचीत हेतू सहमत हुई।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मे इस संबंध मे श्रीमती प्रमिला व उनके पति श्री गुना को परिजनो सहित बुलवाकर काउंसलिंग व समझाईश श्री सरदार बघेल, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा की गयी। श्री गुना को शराब पीने से होने वाली शारीरिक, आर्थिक परेशानीयो व इसके सामाजिक बुराई होने के बारे मे विस्तृत समझाईश दी गयीं। काउंसलिंग पश्चात श्री गुना अपनी शराब पीने की आदत को त्यागने को तैयार हुए और इस पर श्रीमती प्रमिला ने उनके साथ जाने पर सहमति प्रकट की। काउंसलिंग पश्चात श्रीमती प्रमिला व श्री गुना पुर्व अनुसार पति पत्नी के रूप मे साथ रहने लगे है व उनके पारिवारिक विवाद समाप्त होकर वे आज बच्चो सहित सुखपूर्वक जीवन व्यतीत कर रहे है।
पति पत्नि के मध्य हुए समझौते के दौरान जिला सत्र न्यायाधीश ने दम्पतियों को समझौता रूपी एक-एक पौधा भेंट किया । इस पर दम्पतियों ने मिले पौधे को अपने खुशहाल जीवन का प्रतीक मानकर बड़ा करने का आश्वासन उपस्थितो को दिया ।


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