बड़वानी~ पाटी में उड़ा गुलाल, भरी कुर्राट, भोंगर्या हाट की रही धूम~~


बड़वानी /पाटी में आदिवासियों द्वारा परंपरागत रूप से वर्षों से मनाए जा रहे भोंगर्या हाट (मेला) की धूम गुरूवार को देखने को मिली। ढोल मांदल और बांसुरी की मधुर धुन पर नृत्य करते व कुर्राट भरते आदिवासी समाजजन व पारंपरिक वेशभूषा में युवक नजर आए। आदिवासी संस्कृति की ये झलक गुरूवार को पाटी नगर में देखने को मिली। भोंगर्या हाट में अंचल के 50 से अधिक गांवों के हजारों ग्रामीण महिला, पुरुष और बच्चे मेला देखने पहुंचे। मेले में एक हजार से अधिक दुकानें लगी थी। आसपास के गांवों से आए हजारों लोगों ने मेले में होली की खरीदी की। साथ ही युवक-युवतियों की टोली ने झूलों का भी जमकर आनंद लिया। भोंगर्या हाट में 12 बजे बाद से लोगों की भीड़ बढ़ना शुरू हुई। हाट में पारंपरिक पोशाक में युवक-युवतियां, बच्चे व बुजुर्ग सज-धज कर पहुंचे। युवा आधुनिक व पारंपरिक परिधान पहने नजर आए। समाजजनों ने खाने-पीने की चीजों पर जमकर खर्च किया। नगर के बाहर मैदान पर लगे छोटे-बड़े झूलों पर झूल कर युवक-युवतियों ने आनंद लिया। इस बार बड़ी संख्या में झूले भी लगे। 

 पाटी का भोंगर्या हाट पूरे जिले में प्रसिद्ध रहता है। हर साल यहां भोंगर्या हाट की खासी धूम देखने को मिलती है। इस वर्ष भी भोंगर्या हाट में समाज के महिला-पुरुष और बच्चे उत्साहित होकर शामिल हुए और कुर्राट के साथ मांदल की थाप पर गुलाल उड़ाकर जमकर नाचते-गाते नजर आए।
ढोल-मांदल पर जमकर थिरके
मेले में आसपास के गांवों से अलग-अलग दल ढोल-मांदल लेकर मेले में पहुंचे। एक जैसी वेशभूषा में आदिवासी समाज के लोग कुर्राट के साथ मांदल की थाप पर गुलाल उड़ाकर जमकर झूमें।
सुरक्षा के रहे तगड़े प्रबंध

 भोंगर्या हाट की भव्यता को देखते हुए सुरक्षा व कानून व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन ने भी सुरक्षा के तगड़े प्रबंध किए। जगह-जगह पुलिस जवान तैनात नजर आए। इससे कोई हुड़दंग भी नहीं मचा पाया।


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