देवास~ नाबालिक अभियोक्त्री को शादी के लिए विवश कर सार्वजनिक स्थान पर उसके साथ बालात्कार करने एवं जान से मारने की धमकी देने वाले आरोपीगण को जिला एवं सत्र न्यायाधीश खातेगांव माननीय मनोज तिवारी ने 29 वर्ष का सश्रम कारावास एवं एवं  27,000/- रूपये के अर्थदण्ड दण्डित करने का सुनाया फैसला~~

अनिल उपाध्याय खातेगांव, देवास~~


9. अप्रैल 2019 मंगलवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश के न्यायालय से सत्र प्रकरण क्रमांक 218/2016 म.प्र. राज्य द्वारा आरक्षी केन्द्र खातेगॉव विरूद्ध कपिल आदि के प्रकरण में आरोपी कपील पिता दामू जाट निवासी विक्रमपुर को 363, 366, 506, 376(1), 354ए, एवं 5(यू)/6 लैंगिक अपराधो से बालको का सरंक्षण अधिनियम 2012 में दोषी पाते हुए कुल 29 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 25,000/-  रूपये के अर्थदण्ड एवं आरोपी जगदीश पिता श्रीदाना निवासी विक्रमपुर को धारा 506 भाग-2 एवं धारा 201 भा.द.वि. के तहत में 2 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 2 हजार रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।

घटना का संक्षिप्त विवरण :- अपर लोक अभियोजक गिरधर गोपाल तिवारी ने बताया की दिनांक 01.05.2016 को रात्रि 2ः00 बजे संजय पालीवाल ने थाना खातेगॉव में आकर रिपोर्ट दर्ज कराई की वह विक्रमपुर में रहता है, जहॉ उसके दो मकान पास पास स्थित है एवं एक मकान में उसकी माता ताराबाई तथा छोटा भाई महेन्द्र रहते है तथा दुसरे मकान में वह स्वंय परिवार सहित रहता है। उसके एक पुत्र व एक पुत्री अभियोक्त्री है। पुत्री  अभियोक्त्री की उम्र- 17 वर्ष होकर कक्षा 12 वीं में पढती है अभियोक्त्री दिनांक 30.04.2016 को रात्रि 10 बजे खाना बगैरह खा पीकर अपनी दादी के पास चली गई थी, और वे लोग भी खाना खा पीकर सो गये थे, वह सुबह उठा और उसने अपनी पत्नि से बोला कि अभियोक्त्री अभि तक क्यो नही आई तब उसकी पत्नी अभियोक्त्री को देखने गई और पूछा की अभियोक्त्री कहॉ है तब  अभियोक्त्री की दादी ने बोला की वह घर चली गई होगी इसके बाद अभियोक्त्री की मॉ और भाई महेन्द्र ने बताया कि अभियोक्त्री को रात 2 बजे सोते हुए देखा और उसके बाद वे लोग भी सो गये थे। उन्होने अभियोक्त्री को आस पास व रिश्तेदारी में तलाश किया किंतु उसका कोई पता नही चला । उनके घर के सामने लोकेश टेलर की दुकान है जहॉ आरोपी कपील जाट उठता बैठता था वह भी घर पर नही है रात्रि 8ः30 बजे उसने उसे लोकेश टेलर की दुकान पर देखा था इसलिए आरोपी कपील जाट पर शंका है कि वह अभियोक्त्री को बहला फुसलाकर व शादी का झासा देकर भगा ले गया है उक्त घटना पर से थाना खातेगॉव में गुमशुदगी दर्ज कर अपराध क्र. 371/2016 कायम किया गया। उसके पश्चात दिनांक 02.05.2016 को अभियोक्त्री को दस्तयाब कर उसके कथन लेखबद्ध किये तथा दिनांक 18.05.2016 को आरोपी कपिल को गिरफतार किया जाकर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया , आरोपी द्वारा उक्त अरोपो को अस्वीकार करते हुए विचारण चाहा गया।
अभियोक्त्री ने  अपने न्यायालयीन कथन में बताया की आरोपी ने उसे शादी का झासा देकर व घर से भगा ले गया और उसकी बिना सहमति के उसके साथ बालात्कार किया, जैसे तेसे अभियोक्त्री आरोपी की कैद से भाग कर खातेगॉव बस में बैठ कर आ गई उसके बाद आरोपी ने उसे घर वालो को उक्त बात बताने से मना किया व डराया धमकाया की अगर तुने यह बात बताई तो तुझे जान से खत्म कर दूगां।   
अभियोजन युक्ति युक्त संदेह से प्रमाणित करने में सफल रहा की आरोपी कपील द्वारा अभियोक्त्री को बिना उसकी सम्मति के बहला फुसलाकर व्यपहरण किया व विवाह करने के लिए विवश किया, व इन्दौर ले जाकर सुनसान जगह पर उसके साथ बलात्कार किया, ऐसी अभियोक्त्री जिसकी उम्र- 18 वर्ष से कम है,उसके साथ सार्वजनिक स्थल पर उसको नग्न कर लैंगिक हमला कर गुरूत्तर प्रवेशन हमला कारित किया । आरोपी कपील व जगदीश द्वारा अभियोक्त्री को जान से मारने की धमकी देकर भयोपरत कर आपराधिक अभित्रास कारित किया। तथा आरोपीगण को कठोर कठोर दण्ड देने बाबद् निवेदन किया। 

न्यायालय में हुए समस्त साक्ष्य निर्धारण के पश्चात माननीय अपर सत्र न्यायाधीश ने अपने निर्णय में प्रतिपादित किया की आरोपी कपील द्वारा एक नाबालिक बालिका को घर से शादी के लिए विवश कर घर से भगा कर सार्वजनिक स्थान पर उसकी लज्जा भंग कर बिना उसकी सम्मति के उसके साथ साशय बलात्कार किया एंव आरोपी जगदीश द्वारा उक्त घटना के पश्चात जान से मारने की धमकी दी जिससे उनकी मानसिक स्थिति का पता चलता है,  यदि ऐसे आरोपीगण को दण्ड से दण्डित नही किया गया तो समाज पर विपरित असर पडेगा तथा आरोपीगण को प्रोत्साहन मिलेगा, तत् पश्चात आरोपी के द्वारा किया गया कृत्य के सापेक्ष व सामाजिक प्रभाव आदि पर विचार करते हुए अभियुक्त आरोपी कपील पिता दामू जाट निवासी विक्रमपुर को 363, 366, 506, 376(1), 354ए, एवं 5(यू)/6 लैंगिक अपराधो से बालको का सरंक्षण अधिनियम 2012 में दोषी पाते हुए कुल 29 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 25,000/-  रूपये के अर्थदण्ड एवं आरोपी जगदीश पिता श्रीदाना निवासी विक्रमपुर को धारा 506 भाग-2 एवं धारा 201 भा.द.वि. के तहत में 2 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 2 हजार रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया कारावास की सजाएॅ साथ साथ भुगताई जावेगी। राज्य शासन की और से पैरवी अपर लोक अभियोजक गिरधर गोपाल तिवारी ने की।


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