*अलीराजपुर~ 42 डिग तापमान 1 से 2 किलोमीटर पैदल वो भी बगैर चप्पल के स्कूल जाने को मजबुर बच्चे* ~~

*निजी स्कूल मे 16 अप्रैल से हो सकते है अवकाश शासकीय स्कूल पर विचार*~~

*तापमान को देखते हुऐ शासकिय विद्यालय की जल्द ही अवकाश घोषित होने की संभावना*~~

✍जुबेर निज़ामी की रिपोर्ट✍
अलीराजपुर 📲9993116518~~


अलीराजपुर जिले भर मे इन दिनो  गर्मी का प्रकोप और तापमान बढ़ता नजर आ रहा है। करीब 42 डिग्री तापमान और तपती जमीन उसपर नंगे पैर शिक्षा के लिये   छोटे-छोटे बच्चे  1 से 2 किलोमीटर की दुरी तय करने पर मजबुर है। जिले के आला अधिकारी बंद कमरे में ऐसी के मजे लेटे रहते हैं उनका इस ओर कोई ध्यान नहीं है।

ये जानते हुऐ भी शिक्षा विभाग की ग्रामीण मे स्कूल कही दुरी पर है जिसके चलते बच्चो को लम्बी दूरी बगैर चप्पल के तपती जमीन पर तय करनी पडेगी। जिसको देखते हुऐ शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन को अप्रैल माह से छुट्टी घोषित करना चाहिये । मोसम के हिसाब से बच्चो के बिमार पडने की संभावना ज्यादा है। लु लगने से और झुलसती गर्मी से बच्चो को काफी परेशानी हो रही है। यही कारण है की बच्चो की उपस्थिति दिन पे दिन  स्कूल  मे कम होती जा रही है।

अप्रैल में गर्मी मई-जून जैसी गर्मी का सितम  ढाने लगी है। तापमान 42 डिग्री सेल्सियस से ऊपर चल रहा है। बढ़ते तापमान के बीच बच्चे स्कूल जाने को मजबूर है। प्रशासन ने स्कूलों का समय जरूर बदला लेकिन छुट्टी के बाद बच्चों को दोपहर में तपती धूप झेलना पड़ रही है। गर्मी के कारण बच्चों के बीमार होने की आशंका बनी रहती है। 

बच्चों की परेशानी को देखते हुए अशासकीय विद्यालय संघ सेंट्रल बोर्ड से जिले के सभी निजी स्कूलों में 16 अप्रैल से ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित किए जाने का आग्रह करेगा। उधर, शासकीय स्कूल पूरे महीने लगेंगे या नहीं इसको लेकर अभी कोई निर्णय नहीं हो सका है। पिछले कुछ वर्षों से अप्रैल से ही नया शिक्षण सत्र की परंपरा में शुरू हो गई है। लेकिन इस माह पड़ने वाली गर्मी के कारण बच्चों को परेशानी उठाना पड़ती है। इस बार भी भीषण गर्मी से बच्चों की उपस्थिति घट रही है। अशासकीय विद्यालय संघ निजी स्कूलों में 16 अप्रैल से ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित कराने की बात कह रहा है। अगर ऐसा होता है तो बच्चों को राहत मिलेगी। 


आदिवासी विकास विभाग के कैलेंडर के अनुसार ग्रीष्मकालीन सरकारी अवकाश 1 मई से 15 जून तक रहेंगे। सामान्य तौर पर जिला प्रशासन द्वारा अत्यधिक ठंड के दिनों में अवकाश घोषित कर दिए जाते है, लेकिन गर्मी के मौसम में बच्चों की हालत पर प्रशासन या विभाग ने कोई निर्णय नहीं लिया है। सोमवार को अधिकतम तापमान 42 डिग्री दर्ज किया गया। आने वाले दिनों में इसमें बढ़ोतरी की संभावना है। हालांकि 1 अप्रैल से कलेक्टर ने स्कूलों का समय बदलकर एक ही शिफ्ट में चलाने के लिए आदेश तो दिए लेकिन उनकी छुट्टी दोपहर 12 बजे होती है तब तक तेज गर्मी शुरू हो जाती है। ऐसे में कई बच्चे पैदल बगैर चप्पल के  कही किलोमीटर की दुरी तय कर स्कूल से घर  पहुचते है।

चालू माह में ही बेतहाशा गर्मी ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। सुबह आठ बजे से ही सूर्य की तपिश लोगों को बेहाल कर रही है। दोपहर होते होते लू के थपेड़ों से आम जन जीवन बेहाल होने लगा है। ऐसे में दोपहर 12 बजे विद्यालयों के बंद होने पर बच्चे गर्मी से झुलस जा रहे है, वहीं कुछ बच्चे बीमार भी हो गए हैं ऐसे में विद्यालयों का समय परिवर्तित किया जाना बेहद जरूरी हो गया है।

क्या बोले जिम्मेदार अधिकारी

अभी इस संबंध मे कलेक्टर महोदय से चर्चा हुई है मोसम को देखते हुऐ जैसे कलेक्टर साहब आदेश जारी करेंगें उसका पालन किया जाऐगा।
*जिला शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार कौरी*


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