दसाई~~अवेध शराब बेचने का काम जोरौ पर, आबकारी विभाग के अधीकारी सो रहै कुंभकरण कि निंद~~

जगदीश चौधरी (खिलेडी)6261395702~~


लाइसेंसी ठेकेदार द्वारा  शराब की अवैध रूप से गांव गांव चार पहिया वाहनो से भेजी जा रही है इस बात से अाबकारी विभाग को मालुम भी है लेकिन शराब माफिया व विभागीय अधिकारियों की अनदेखी से गांव गांव मे बोलेरो व पिकअप वाहनों से घरों व गुमटियो व दुकानों में शराब भेजी जा रही है।

शराब से  भरे वाहन पुलिस चौकी के सामने से निकलते हैं लेकिन पुलिस भी नहीं रोकती है उन वाहनों को यह वाहन दिन हो या रात गांव गांव जाकर शराब सप्लाई हो रही है लेकिन विभाग के अधिकारी मामले की जानकारी होने के बाद भी अनदेखी कर रहे है दसाई राजोद मांगोद लाइसेंसी शराब दुकान ठेकेदार द्वारा चोटिया बालोद घटोदा सोनियाखेड़ी बालोदा दंतोली बामन खेड़ी टांडाखेड़ा और सहित दर्जनों गांव में नियुक्त एजेंटों को नियम विरुद्ध शराब उपलब्ध करवाई जा रही है

शराब माफिय ने
गाव गाव मे एजेंटों को नियुक्त कर रखा है गांवो में शराब बेचने  के लिए दसाई शराब दुकान के मैनेजर से डायरी बनाना होती है इसके लिए उसे निर्धारित अमानत राशि 2000 से 5000 हजार तक डिपाजिट करवाने होते हैं उसके बाद उसके घर या दुकानो पर  आकर  गाड़ी शराब देकर चली जाती है

आबकारी विभाग और शराब माफिय की मिलीभगत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि गांव में नियु्क्तएजेंटों को साल में एक या दो बार केस भी अाबकारी  विभाग द्वारा कागजी कार्रवाई के लिए बना दिया जाते है
बेखौफ होकर कर रहे है शराब की कालाबाजारी
शराब माफियाओं के लिए भी सैया भये कोतवाल को डर काहे का की तर्ज पर जमकर शराब का धंधा जिले में बेखौफ होकर कर रहे हैं।

सिर्फ दिखावे की कार्रवाई

चुनावी मौसम में आबकारी विभाग के द्वारा जिले में बड़ी मात्रा में बिक रही अवैध शराब और पड़ोसी राज्य गुजरात में हो रही अवैध शराब की सप्लाय की कोई रोकथाम विभाग नहीं कर रहा है। सिर्फ दिखावे की कार्रवाई आबकारी विभाग कर मीडिया को पीआरओ के माध्यम से प्रेस नोट जारी करवा कर वाह-वाही लूटने में लगा है। जबकि दूसरी ओर लाखों रुपए की अवैध शराब सेटिंग से बाले बाले गुजरात और जिले के गांव गांव व  फलियों में बेचकर जमकर कमाई करने में आबकारी विभाग के अफसर व शराब माफिया लगे हुए हैं। 

  इन अवैध शराब  माफियाओ के द्वारा की जा रही अवैध शराब परिवहन पर कब तक पुलिस एवं आबकारी विभाग अंकुश लगाने में सफलता अर्जित कर सकेंगे या यूँ ही अपने गौरखधंधो को शराब माफिया जारी रखे रहेंगे! करोडौ रुपये का राजस्व ईस धंधे मे मिलता हो वहा दुध देती गाय के लात मारने पर भी कोई परेशानी नही होती


Post A Comment:

0 comments: