खिलेडी~ सब समझ का खेल है कहते हैं एक दिन सब को मरना है।पर समझदार क्या उसका तो रोज ही मरण होता हैं~ पं. कमलकिशोर जी नागर ~

जगदीश चौधरी (खिलेडी)6261395702~


खिलेडी~~ सिलोदा समीप पंचमुखी गांव मे चल रही पं. नागर जी की भागवत कथा के तीसरे दिन मालवामाटी के संत व मां सरस्वती के वरद पुत्र पं. कमलकिशोर जी नागर ने कथा मे कहां ये सब समझ का खेल है कहते हैं एक दिन सब को मरना है।

पर समझदार क्या उसका तो रोज ही मरण होता है इस लिए जो समझे उसको समझाव ना समझे उसे रहने दो उसे क्या कहना उसे  क्या समझा कर ज्ञान देना इसी लिए  तो । खाली आदमी केवल जी रहा है बाकी वो जिने का मजा नहीं ले रहा है खाली जी रहा है बस माझी इधर बुलावे माया उधर बुलावे मा इधर तो पत्नी उधर अब इंसान करे तो क्या करे बस सोच ओर मन में उलझा रहता है यो मन ये भी करु वो भी करु मे उलझा है कथा सुनो मन से सुनो ओर जो भी करो अपना मन करे वो करों सोच मे ना उलझा करों मन को हमेशा प्रसंन करों राजी राजी रखो।

आदमी खुन पसिना बहता जाता है वहीं नाव तो हिलती जाएंगी। तु तो हस्ता जा ये पेट पाप कराये ओर पिट बिचारी भार की मार खाती जाएँ ऐसा जहाँ कभी किसी की शादी हो ओर दोनो पति पत्नी गुगे बहरे हो तो  ब्रह्मा भी नहीं बिगाड़ सकता हां कभी झगड़े नहीं होते वह घर कभी नहीं टूटता वह हमेशा दोनों मन ही मन अपने काम अपना जीवन खुशी से जीते जहां हर व्यक्ति आपस में झगड़ते रहते हैं वह अपनी हर छोटी-छोटी बातों में झगड़ा करते हैं वह कभी खुश नहीं रहते  इसलिए जहां विवाद हो वहां पर खड़े नहीं रहना चाहिए वहां से दूर हट जाना चाहिए इंसान को प्रतिदिन अच्छे कार्य करना चाहिए जिससे मन प्रसन्न रहता है।भगवान हमेशा अच्छी सोच बनाए रखता है अच्छे काम करने के लिए मन में भी कथा  सुन लेना चाहिए मन से भी कथा सुनी जा सकती हैं वस्तु से जितना लगाओ रहता है।

यह प्रेरक विचार समीप गांव पंचमुखी में उमा महेश्वर गौशाला परिसर में झाला परिवार द्वारा आयोजित संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन कथावाचक मालवा के संत कमल किशोर नागर जी ने व्यक्त किए में प्रतिदिन आज इन समिति सदस्यों व कई लाभार्थियों के द्वारा सल्फर हार भोजन प्रसादी लाभार्थियों द्वारा दिया जा रहा है कथा तीसरे दिन भी नागरजी की कथा सुनने बड़ी संख्या में भक्त दुर दुर से पंचमुखी पहुँचे आयोजन समिति ने तीसरे दिन भी कथा सुनने वालो की बढ़ती संख्या को देखते हुए पाडल को बड़ा या कथा सुनने मे पुरुषों से ज्यादा महिलाओं की संख्या ज्यादा गर्मी के चलते पंचमुखी गांव पहुच ने वाले आसपास के गाँवों में  पंचमुखी मार्ग पर ठंडे पानी के लिए आरो युक्त पानी की केन भर सभी आने जाने वालो के लिए पानी की व्यवस्था की से वहीं कथा स्थल पर भी आसपास के गाँवों के गो शालाओ व कई समितियो ने कथा स्थल पर भी प्याव लगाये है तेज गर्मी के बाद भी कथा मे प्रति दिन जनसेलाब उमड़ रहा है कथा मे हर भजनों पर कथा पांडाल नाचते हुए भजनो का आनंद भक्तों के द्वारा लिया जा रहा है ।


Post A Comment:

0 comments: