खण्डवा ~निमाड़ के लोकपर्व  गणगौर उत्सव का उल्लास चरम पर ~~

सोमवार सुबह  दर्शन के लिए खुली माता की बाड़िया~~

दोपहर विधिवत पूजन के बाद जवारे पाट पर बैठाए गए~~

माता को घर लाकर पूजन , अभिषेक कर नेवैध लगाया~~

शाम पार्वतीबाई धर्मशाला परिसर में माता को पानी पिलाया ~~

9, 10 और 11 अप्रैल को भी किया जाएगा माता का विसर्जन ~~

खण्डवा , संजय चौबे ~~


मध्यप्रदेश के पूर्व निमाड़ खण्डवा में लोक सांस्कृतिक पर्व गणगौर की धूम है । भगवान शिव - पार्वती के विवाह के रूप में मनाया जाने वाले इस पर्व का उल्लास अब चरम पर है । इस सिलसिले में सोमवार को तीज से गणगौर पर्व का उल्लास नई उचाइयां छूने लगा । सुबह दर्जनों स्थानों पर दर्शन के लिए माता की बाड़िया खुली । अलसुबह से ही बड़ी तादाद में श्रद्धालु माता की बाड़ियो में पहुंचे । अनेक स्थानों पर दर्शनों के लिए लंबी कतार लग गई । बाड़ियो में विधिवत पूजन का सिलसिला दोपहर 12 तक चला इसके बाद ज्वारों के पूजन पश्चात उन्हें पाट पर बैठाया गया । इसके बाद रथ में माता को लोग घर ले आए । घरों में माता का पूजन, अभिषेक कर नेवैध लगाया गया । इसके बाद विभिन्न जोड़ो को भोजन कराकर जगह - जगह भंडारे आयोजित किए गए । यह सिलसिला शाम तक चलता रहा । शाम होते बड़ी संख्या में श्रद्धालु रथों को भ्रमण करते हुए  गाजे बाजे के साथ शहर की पार्वती बाई धर्मशाला परिसर ले आए । यहाँ माता को पानी पिलाया गया । यहाँ बड़ी संख्या में सजी धजी युवतियों और महिलाओं ने जमकर डांस किया । वीडियो बनाया और सेल्फी भी ली । इसके बाद रथों को वे घर ले गए । इसके बाद रात होते ही माता के गीतों का सिलसिला शुरू हो गया जो विभिन्न स्थानों पर रात भर चलेगा । मंगलवार को गणगौर घाट पर विसर्जन का सिलसिला शुरू होगा जो लोग रथ बौड़ाएंगे वे 10 और 11 अप्रैल को भी माता का विसर्जन करेंगे ।


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