*अलीराजपुर~ बाजार में मिलावटी खाद्य पदार्थ, सेहत को नुकसान*~

*मिठाई पर लगे चांदी के वरक मे 99% तक एल्युमिनियम साथ ही कपडे रंगने वाली डाई से लाल हो रही लाल मिर्च पावडर*~

*नगर मे धडले से बिक रही नकली कोल्डिंग  नकली मिलावटी दुध एवं मिठाईया साथ ही केमिकल युक्त आम ज्यूस*~

✍जुबेर निज़ामी की रिपोर्ट✍
अलीराजपुर 📲9993116518~~


अलीराजपुर एक तरफ तो खाद्य पदार्थों के भाव देश भर में सातवें आसमान को छू रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ उनमें मिलावट भी की जा रही है। लोगों को पूरे दाम चुकाने के बाद भी शुद्ध चीज नहीं मिल रही है। नतीजा उन्हें आर्थिक नुकसान के साथ-साथ स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से भी जूझना पड़ रहा है। गंभीर बात यह है कि बाजार में मिलावटी खाद्य पदार्थ बिक रहे हैं इसकी जानकारी फूड सेफ्टी विभाग को भी है, बावजूद इसके मिलावट खोरों पर कार्रवाई नहीं की जा रही है। 

वर्तमान समय में अलीराजपुर नगर सहित ग्रामीण के दुकानदारों को अधिक रुपए कमाने का जुनून सवार है। इस जुनून के जोश में दुकानदार मिलावट युक्त खाद्य पदार्थ बाजार में बेचकर आम आदमी के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। खाद्य पदार्थों का सामान हो या फिर मसाले से लेकर हरी सब्जी में मिलावट स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है। डॉक्टरों का कहना है कि इन मिलावटी चीजें खाने से गंभीर बीमारियां होने की संभावना बनी रहती है। 

*कैसे की जा रही है मिलावट*
इन दिनों फल और सब्जी को तरह-तरह के केमिकल का उपयोग कर तैयार किया जाता है। मसलन लौकी व कद्दू में ऑक्सीटोसिन का इस्तेमाल किया जाता है। एक सब्जी विक्रेता की माने तो केमिकल से सब्जी ताजी और हरी बनाए रखने के लिए केमिकल का उपयोग करने से नहीं चूक रहे हैं। वहीं दूध में पानी मिलाना अब पुरानी बात हो गई है। दूध का व्यापार करने वाले लोग केमिकल मिलाकर अधिक मात्रा में मिलावटी दूध बना रहे हैं। मिलावटखोर अब यूरिया, ग्लूकोज जैसे केमिकल की मिलावट कर रहे हैं। इसके अलावा दूध में निरमा, साबुन व पानी सहित अन्य केमिकल को मिलाकर दूध तैयार कर रहे हैं। 

सभी जगह मिल रहा है मिलावटी सामान: ऐसा नहीं है कि  नगर में मिलावटी खाद्य पदार्थ कोई व्यक्ति या फर्म बेच रही हो। यहां तो सभी जगह मिलावटी सामान बेचा जा रहा है। मिलावटी खाद्य पदार्थ शहर के साथ ही गांवों में भी बेचा जा रहा है। 

*हानिकारक हैं स्वास्थ्य के लिए यह खाद्य पदार्थ* 
मिलावटी खाद्य पदार्थ का सेवन स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक हैं। *डॉक्टर प्रकाश ढौके* का कहना है कि खाद्य पदार्थों में मिलावट के तौर पर जो केमिकल इस्तेमाल किए जाते हैं वे स्वास्थ्य की दृष्टि से काफी नुकसानदायक हैं। इनके लगातार सेवन से उल्टी दस्त, लीवर, किडनी सहित पेट संबंधी रोग होने की संभावना बनी रहती है। 

*सजा का भी प्रावधान*
बाजार में बिक रहे पैकेट बंध और खुले खाद्य पदार्थ में अगर मिलावट साबित होती है, तो खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत दोषी को दस साल की सजा होने का प्रावधान हैं, इसके साथ आर्थिक जुर्माना भी किया जा सकता है। 

दुकानों से मिर्च, हल्दी, हींग और चांदी के वरक और अन्य कई चीजों के सैंपल उठाए जाए और राज्य सरकार की ओर से प्रमाणित लैब सीईजी से इनकी जांच कराई जाऐ  सीधे तौर पर मानव शरीर को कैंसर और लिवर, खराब कर देने वाली चीजें मिलावटिए बाजार में भेज रहे हैं। एक  रिपोर्ट के मुताबिक, मिठाई पर लगाए जाने वाला चांदी वरक एल्युमिनियम से बनाया जा रहा है। चांदी के वरक को मिठाई, च्यवनप्राश, पान, सुपारी, बिरयानी यहां तक की फलों पर भी लगाया जाता है। कैंसरमारक मानी जाने वाली हल्दी में लकड़ी का बुरादा और लाल मिर्च पाउडर में कपड़े रंगने वाली सूडान डाई की मिलावट हो रही है। खुली बिकने वाली चीजों में मिलावट का खुला खेल... हमें बीमारियां बेच रहे मिलावटिए 

*मिठाई पर लगे चांदी वरक में 99% तक एल्युमिनियम कपड़े रंगने वाली डाई से लाल हो रही हमारी मिर्च* 
91 से 99% तक एल्युमिनियम मिला चांदी वरक में और चांदी 1% ही। एफएसएसएआई के मानकों के अनुसार चांदी वरक में किसी भी तरह की धातु मिलाना अवैध है। 


*लिवर कैंसर का बड़ा कारण* 
असर...थोड़ा ज्यादा असली फूड कलर नुकसानदायक पर यहां फूड कलर ही मिलावटी। पाम ऑयल से पाचन, हार्ट और हाई बीपी की समस्याएं हो सकती है।
लिवर-आंत को खतरा भी हो सकता है।

यदि हम बात करे कोल्डीन्ग और आम ज़्यूस की तो बाजार मे केमिकल वाले ज्यूस और नकली कोल्डीग आइस्क्रीम भी नकली बन रहे है नगर मे भारी मात्रा मे बेचे जा रहे है। जिसपर खाद्य विभाग ने अभी तक कोई एक्शन या कार्यवाही नही की है।


Post A Comment:

0 comments: