*अलीराजपुर~ विभाग की लापरवाही से छात्र को नही मिला आरटीआई का लाभ* - ~~

*जब बच्चे के दादाजी रिजल्ट लेने पहुचे तो स्कूल प्रबधन ने मांगी फीस…तब जाकर मामले का हुआ खुलासा*~~

✍जुबेर  निज़ामी की रिपोर्ट✍
अलीराजपुर 📲9993116518~~


अलीराजपुर उदयगढ :आरटीआई के तहत निजी स्कूल में अध्यनरत एक बच्चे का रिजल्ट लेने उसके दादाजी पहुचे तो स्कूल ने उसका नाम सूची में नही होने का हवाला देकर संपूर्ण वर्ष की फीस की मांग की। इस पर बालक के दादा भी भोचक्के रह गए। दरअसल जोबट निवासी घनश्याम पंवार ने सात माह पूर्व अपने पोत्र को जोबट की प्राईवेट स्कूल सदभावना कान्वेंट में भर्ती कर आरटीआई के तहत सभी दस्तावेज देकर सारी ओपचारिकताएं पूर्ण की थी। लेकिन अब जब वे बच्चे का वार्षिक परीक्षा का रिजल्ट लेने स्कूल पहुचे तो उन्हे रिजल्ट देने से मना कर दिया गया। ओर उनसे बच्चे की वार्षिक फीस की मांग की गई। जिस पर उन्होने स्कूल प्रबंधन को बताया की मेंने अपने पोत्र के नाम आरटीई के तहत सभी औपचारिकताएं पूर्ण की हे, तो फिर फीस क्यो अदा करू।

जिस पर स्कूल प्रबंधन ने बताया की आपके बच्चे का नाम भोपाल की सूची में शामील नही हे। इसलिए आपको हमारा शुल्क अदा करना ही पढेगा। बालक के दादा घनश्याम पंवार ने बताया की एडमिशन के समय 4 हजार रू. जमा करवाए थे। अब रिजल्ट देने के लिए 7 हजार रू. और जमा करने का कह रहे हे। इस संबध मे पालक घनश्याम पंवार अपनी समस्या लेकर जोबट के खंण्ड शिक्षा अधिकारी नवीन श्रीवास्तव से मिले और चर्चा की तो उन्होने बीआरसी प्रवीण प्रजापत को बुलाया। जिस पर पता चला की धनश्याम के पौत्र के दस्तावेज जोबट बीआरसी कार्यालय से भोपाल को जनरेट नही हुए। जबकि धनश्याम ने स्कूल सहित बीईओ और बीआरसी जोबट को भी बच्चे के सभी दस्तावेज उपलब्ध करवाए थे। लेकिन विभाग की लापरवाही से बच्चे को आरटीई का लाभ नही मिल पाया। इस प्रकार के प्रकरण से ऐसा लगता हे कि ब्लाक स्तर के अधिकारी कर्मचारी अपने कर्तव्य को लेकर काफी लापरवाह व उदासीन है। जिससे एक गरीब परिवार को बेवजह आर्थिक बोझ का सामना करने को मजबूर होना पडेगा। बच्चे के पालक घनश्याम ने इस संबंध मे कलेक्टर शमीम उद्दीन, सहायक आयुक्त मीना मण्डलोई के साथ ही भोपाल भी आवेदन भेज कर जिले के अधिकारीयो की लापरवाही के संबध मे अवगत करवाकर कार्रवाई की मांग की हे।

क्या कहते हैं जिम्मेदार

इस मामले मे कलेक्टर कार्यालय से पत्र प्राप्त हुआ है जांच कर बीच का रास्ता निकालेंगे। संबल योजना के तहत विधार्थी छात्रवृति के लिए पात्र है। वो भी दिलवाएगे।

नवीन श्रीवास्तव, बीईओ जोबट


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