देपालपुर~ नजूल की जमीन पर हो रहा था कब्जा देर रात प्रशासन ने रुकवाया पूर्व में भी इसी जगह को लेकर दो का दो बार अतिक्रमण हटाओ हित ही कार्रवाई~~

विमल फौजी देपालपुर~~


देपालपुर -चुनाव आचार संहिता का फायदा उठाने के लिए सरकारी जमीन पर कैसे निर्माण होता है वह देपालपुर में पता चला जब पुराना ताकीपुरा जाने वाला रास्ता जो कि सरकारी जमीन पर सर्वे नंबर 601 सरकारी रिकॉर्ड में सरकारी रास्ता दर्ज है। वहां पर अवैध निर्माण के लिए बकायदा शमियाना लगाया आसपास पता न चले उसके लिए कनात लगाई और नीचे मुरम का भराव कर लोहे के एंगल गाड़ दिए गए और ताबड़तोड़ सरकारी जमीन पर शेड़ बनाना शुरू कर दीया।  वह तो प्रशासन को जानकारी मिली और उन्होंने तुरंत नगर परिषद के कर्मचारी को फोटो लेने का भेजा नगर पंचायत के कर्मचारी ने जैसे ही फोटो खींचना शुरू किए इस दौरान काम करने वाले सामान लेकर नौ दो ग्यारह हो गए । जिस जगह निर्माण चल रहा था वहां पूर्व में तत्कालीन एसडीएम पवन जैन तथा तत्कालीन तहसीलदार बजरंग बहादुर द्वारा भी दो बार यहां पर किए गए अतिक्रमण को तोड़ा था ।
बुधवार की रात नजूल की जमीन पर एक बार फिर चुनाव आचार संहिता की आड़ में शेड बना कर कब्जा किया जा रहा था जिसकी जानकारी तहसीलदार को मिली तो उन्होंने ताबड़तोड़ नगर परिषद सीएमओ देपालपुर को सूचना दी जिस पर   उन्होंने अपने कर्मचारी को भेजकर कार्य को रुकवाया। नगर में चुनाव हो या ना हो नायब तहसीलदार से लेकर तहसीलदार ,सीएमओ, पटवारी, ग्रामसेवक कोई भी नहीं रात रुकते जिसका परिणाम नगर में देखने को मिल जाता है क्योंकि अधिकारी नहीं रहने से अतिक्रमणकारियों की चांदी हो जाती है जिसका नतीजा पूर्व में हटाया गया अतिक्रमण की जगह पर एक बार फिर अतिक्रमण कर उस  जगह को कब्जे में करने का प्रयास किया जा रहा था ।सूत्रों की मानें तो नजूल की जमीन को भी अवैध भू माफियाओं ने इस का सौदा कर दिया जिस पर अतिक्रमण होता है और शिकवा शिकायत पर फिर अतिक्रमण तोड़ दिया जाता है। भाजपा के शासन में जहां इस जगह पर दो बार कब्जा हटाया  अब कांग्रेस के सरकार आते ही एक बार फिर अतिक्रमणकारियों में हिम्मत आई और उन्होंने कब्जा जमाना शुरू किया।
इनका कहना- मैं पटवारी को भेजकर दिखवाता हूं वह पंचनामा बनाकर उचित कार्रवाई की जाएगी। रात्रि में सूचना मिलते ही अतिक्रमण को रुकवाया। अवधेश चतुर्वेदी तहसीलदार देपालपुर।


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