देवास~~ कांग्रेस के आदिवासी नेता मण्डलोई की हत्या का हुआ खुलासा,पुत्र ने ही कर दी पिता
की निर्मम ह्त्या~~

पिता के सौतेले व्यवहार से व्यथित था पुत्र,रंगपंचमी पर हुआ था विवाद~~

अनिल उपाध्याय देवास~~


देवास जिले के बागली के पूर्व मंडी अध्यक्ष एव.कांग्रेस के कद्दावर आदिवासी नेता विश्राम  मण्डलोई की हत्या की साजिश उनके पुत्र महेंद्र ने ही रची थी।  इस बात खुलासा बागली थाने पर एसपी चंद्रशेखर सोलंकी ने किया है। पिता पुत्र के बीच लंबे समय से अनबन चल रही थी।पुलिस ने मण्डलोई की हत्या के चार दिन बाद इस हत्याकांड से पर्दा उठा दिया। एसपी सोलंकी ने बताया कि  घटना को लेकर  पुलिस महानिरीक्षक उज्जैन राकेश गुप्ता एवं उप पुलिस महानिरीक्षक अनिल शर्मा  अत्यंत गंभीर थे। इसके बाद पुलिस अधिकारियों द्वारा घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कन्नौद डॉक्टर नीरज चौरसिया के निर्देशन में विभिन्न टीमों का गठन किया गया था जिसमें प्रभारी बागड़ी एसडीओपी एसएल सिसोदिया उदय नगर टीआई अविनाश सिंह सेंगर बागली टीआई अमित कुमार सोनी कन्नौद टीआई जय राम चौहान हाटपिपलिया आईटीआई मुकेश इज्जतदार कांटा फोड़ प्रभारी विपिन शर्मा शामिल थे। दरअसल मंडलोई की दो पत्नियां थी जिसमें बड़ी राजू भाई और बुरी है जिनके दो लड़के महेंद्र उम्र 27 साल विजेंद्र उम्र 22 साल तथा एक लड़की मनीष उम्र 20 साल तथा दूसरी पत्नी ललिता जो पुंजापुरा में शिक्षक के 2 पुत्र सुमित उम्र 19 साल एवं अमित उम्र 18 साल है मृतक विश्राम मंडलोई का ग्राम निमनपुर की ग्राम आंगनवाड़ी कार्यकर्ता शकुंतला से संबंध थे तथा मृतक की पत्नी और उसके बच्चों की घनिष्ठता भी अधिक थी।

कांग्रेस नेता मंडलोई के पास लगभग 165 बीघा जमीन थी जिसकी देखरेख के लिए उसके बड़े पुत्र महिंद्र को पढ़ाई छुड़वा कर बुलवा लिया था मृतक विश्राम अपनी दूसरी पत्नी ललिता बाई पूर्वी के बच्चों पर ज्यादा ध्यान रखता था पहली पत्नी के बच्चे अपने आप को उपेक्षित महसूस करते थे दोनों पत्नियों में तल्खी बनी रहती थी अपनी पहली पत्नी से मारपीट गाली-गलौज करता था। एवं अपने बड़े पुत्र महेंद्र को अक्सर काम न करने पर गालियां देता रहता था, इसी बात को लेकर रंगपंचमी पर विवाद भी हुआ था। शकुंतला के घर जाने को लेकर भी पिता पुत्र में अक्सर विवाद की स्थिति निर्मित होती रहती थी। वहीं घटना वाले दिन विश्राम सिंह ने अपनी किसी जमीन के सौदे को   लेकर ग्राहकों को  दिखाने गया था। जो महेंद्र को नागवार गुजरा था।

पिता के सौतेले व्यवहार से था व्यथित-
महेंद्र अपने पिता की पुतले व्यवहार एवं गाली-गलौच मारपीट अपने सगे भाई बहनों की पढ़ाई पर ध्यान ना देने और दूसरी मां के बच्चों पर ज्यादा ध्यान देने से व्यथित था एवं बुधवार की रात जब मृतक की पत्नी अस्वस्थ होने के कारण अपने स्थित खेत पर नहीं जा सकी तब मृतक के पुत्र महेंद्र ने पिपरी से नीमन पर अपने पिता को रात का टिफिन देने जाने के बहाने गया और पिता को नशे की हालत में सोता हुआ पाया एवं मौके का फायदा उठाकर वही रखी कुल्हाड़ी से अपने पिता के सिर पर पीछे दो बार प्राणघातक वार किए एवं वहां से भाग निकला एवं बिरजाखाल रोड पर कुल्हाड़ी को फेक दिया और घर चला गया।

विस्तृत पूछना घटनास्थल की छानबीन एवं दशक के पुत्र महेंद्र से कई विवादित दोनों को पूछताछ कर मृतक के पुत्र महेंद्र मंडल द्वारा संपूर्ण घटनाक्रम का खुलासा किया गया महेंद्र के मेमोरेंडम के आधार पर कुल्हाड़ी एवं वाहन मोटरसाइकिल को मुताबिक के आधार पर जब्ती की कार्रवाई की गई।
कार्यवाही में मुख्य रूप से उप निरीक्षक शिवपाल सिंह परिहार मोना राय अरविंद भदोरिया रविंद्र दंडोतिया विक्रम यूनी मुकेश कुशवाहा आर राधेश्याम रोहित पारस प्रमोद कश्यप नदीम खान कुंदन मोहरा मोहरा प्रमोद और देवेंद्र आर्य यशवंत शामिल थे। एसपी ने  टीम को दस हजार के नाम से पुरस्कृत भी किया।


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