टांडा~ टांडा में हर्षोल्लास के साथ मनाया महाबीर जन्म कल्याणक महोत्सव~~

दीपक जायसवाल टांडा~~


टांडा -  अहिंसा के प्रणेता भगवान महावीर का जीवन चरित्र मानव मात्र के लिए प्रेरक व कल्याणकारी है। महावीर ने पूरे विश्व को जियो और जीने दो का नारा दिया है। महावीर के सिद्धांत हमें जीने की कला सिखाते हैं।  उक्त विचार महावीर जन्म कल्याणक महोत्सव पर आयोजित धर्म सभा  मे वक्ताओं ने व्यक्त किये। 
बुधवार को टांडा में जैन समाज द्वारा महावीर जन्म कल्याणक महोत्सव के अवसर पर प्रातः प्रभात फेरी निकाली गई। तत्पश्चात सामुहिक चेत्यवन्दन, गुरुवंदन, पूजा की गई। 10 बजे जिन मंदिर से चेत्य परिपाटी नगर के प्रमुख मार्गों से निकाली गई। इस दौरान समजनो ने घर घर से भगवान की गहुली की गई। इसी के साथ मठ गली में जैन श्रीसंघ व परिषद परिवार द्वारा संचालित मधुकर शीतल नीर प्याऊ का शुभारंभ किया गया। नगर भ्रमण के पश्चात चेत्य परिपाटी आराधना पहुँच कर धर्म सभा में परिवर्तित हो गई। जहां सर्व प्रथम भगवान महावीर को चेत्यवन्दन कर वंदना रमेशचंद्र श्रीश्रीमाल ने सामुहिक रूप में करवाई। तत्पश्चात श्रीमती भारती बाफना ने प्रभु महावीर की वंदना स्वरूप स्तवन प्रस्तूत किया। समाज अध्यक्ष पारस जैन, पूर्व अध्यक्ष प्रकाशचंद्र जैन, शिखा तलेसरा ने महावीर स्वामी के जीवन चरित्र पर प्रकाश डाला। अ भा रा जैन नव युवक परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री  अशोक श्रीश्रीमाल ने परिषद कर द्वारा गो रक्षा पर किये जा रहे कार्यों पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर पाठ शाला के प्रथम, दिव्तीय व तृतीय  आने वाले बच्चों को पुरस्कृत किया गया। आभार विनय जैन ने व्यक्त किया।कार्यक्रम के बाद प्रभु की आरती पारस जैन परिवार व मंगल दीवा राजेन्द्र चौहान परिवार द्वारा उतारी गई। पारस जैन व मोहन चण्डालिया परिवार द्वारा प्रभावना वितरित की गई। दोपहर में महिला मंडल एवं बहु परिषद द्वारा महावीर पंच कल्याणक पूजा पढ़ाई गई।


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