खंडवा /बीड~ जिनींग फैक्ट्री में लगी आग ने लिया रौद्र रुप तो क्या नहीं थे सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम ~~

आग में झुलसे श्रमिक के पास कोई  सुरक्षा उपकरण नहीं ~~

बीड रवि सलुजा ~~



बीड मे स्थित कमल जिनिंग फैक्ट्री में बुधवार शाम अचानक शॉर्ट सर्किट से आग लग जाना बताया गया आग बुझाने के जिनिंग फैक्ट्री मालिक के पास बुझाने के कोई पुख्ता इंतजाम भी नहीं थे आग बुझाने के संसाधन जब तक पहुचते तब तक आग  भीषण रुप मे बदल गई तत्काल ही मौके पर मौजूद लोगों ने आग बुझाने का प्रयास तो  किया परंतु आग ने  अपना विकराल रूप धारण कर लिया था! तत्काल सिंगाजी ताप परियोजना  एवं नगर परिषद मुंदी व हरसुद के फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई !मौके पर तत्तकाल फायर ब्रिगेड ने पहुंचकर आग पर काबू पाने का प्रयास किया दो फायर ब्रिगेड के बाद तीसरी फायर ब्रिगेड भी आग बुझाने के काम में लग गई ! मौके पर मौजूद मुंदी पुलिस थाना प्रभारी शिव निनामा एवं बीड चौकी एसआई शिवराम पाटीदार एवं पुलिस स्टाफ मौके पर मौजूद रहा आंगजनी का विकराल रूप देखकर गांव में लोगों में दहशत होने लगी प्राप्त जानकारी के अनुसार कमल जिनिंग फैक्ट्री करोड़ों रुपए का कपास भरा हुआ रखा बताया गया जब करोड़ों रुपयो का कपास रखा था तो संचालक द्रारा कोई मुकुल व्यवस्था क्यों नहीं की जाती था और इस अग्निकांड से लाखों रुपए का क्षति होने का अनुमान भी लगाया जा रहा है। पुरी आग जनी की घटना मे  फैक्ट्री में काम कर रहा श्रमिक जयपाल भी गंभीर रूप से आग में झुलस गया है बताया जा रहा है की जिनिंग प्रेस में काम करने वाले श्रमिकों के पास सुरक्षा के उपकरण भी नहीं हैं  उसकी कोई जवाबदार फिक्र नहीं कर रहा था विडबना है कि जिसे गंभीर घायल  को मोटर साईकिल से  ही मुंदी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया ! जबकि जिस जगह वह काम कर रहा था वहां के मालिक ने उसका तुरंत इलाज करवाना भी जरुरी नहीं समझा वही बताया जा रहा है कि गुरुवार को खंडवा से उसे  इदौर रेफर किया गया है! मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि आग लगने पर कर्मचारियों में अफरा तफरी का माहौल व चिता की लंकिरे  साफ देखी जा रही है! जबकि नियम मुताबिक कपास  जिनिग के इतने बड़े व्यापार में स्वयं अपने संसाधनों पर आधारित फायर ब्रिगेड, पानी टकी,  एंबुलेंस पाइपलाइन , जैकेट ,मार्क्स, चश्मा, हैंड ग्लोब्स, सुरक्षा के सभी संसाधन मौजूद होना चाहिए ! जो बताया जा रहा है कि मौके पर नजर नहीं आए . ग्रामीणों में आक्रोश है कि पूरा मामला बेहद चिंता का विषय है , बार-बार जिनिग फैक्ट्री में आग लगना कहीं ना कहीं  गांव पर  बडा संकट है  आसपास रहने वाले ग्रामीणों की जान से भी बड़ा खिलवाड़ हो सकता है जो जांच को  बेहद आवश्यक कर कड़ी कार्रवाई करने की जरूरत भी है ! 

कुछ अनसुलझी पहेलिया का हल जरुरी

       इस अग्निकांड में कमल जीनिग  फैक्ट्री में रखा लाखों रुपए का कपास जलकर खाक हो गया वहीं एक श्रमिक गंभीर रूप घायल होने से अन्य कर्मचारियों में चिता साफ देखी जा सकती है

            सुरक्षा कारणों को अगर ध्यान मे रखा जाता तो इस प्रकार की हर साल हो रही घटना से सबक लिया जा चुका होता  जिनिंग फैक्ट्री में जब बड़े पैमाने पर कपास का काम किया जाता है तो चारो और पानी की पाईप लाईन ,रैत ,अग्निशामक  मैडिकल इंतजाम, व सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम  सहित सभी व्यवस्था होनी चाहिए जिसकी वजह से भी आग पर काबू समय पर पाया जा सके .

   बताते है कि बीड जिनिग मे आग लगने की यह कोई पहली घटना नही  है इसके  पहले भी  समय समय पर आगजनी की धटना धट चुकी है  यह बताया गया कि विडंबना आगजनी से जिनिग मालिक ने कोई सबक नहीं लिया इसलिए ऐसी घटनाएं बार बार घटित होती जा रही है

आगजनी की घटना क्षेत्र में चर्चाओं का विषय बना हुआ हैं  कितु परतु का बाजार भी गर्म है कई प्रकार के सदेह आशंकाएं भी जन्म दे रही है जो कि पुलिस की सभी पहलुओं की जांच में ही खुलासा होना तय है!


इनका कहना -
                बीड पुलिस चौकी एस आई शिवराम पाटीदार ने बताया की जिनिंग फैक्ट्री मालिक द्वारा मौके पर सुरक्षा के कोई इंतजाम  उपलब्ध नहीं रखे गए थे आग लगने के कारणों को जांच कर  कमी या लापरवाही पाई जाती है तो फैक्ट्री मालिक पर अपराध दर्ज किया जाएगा  ..


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