सरदारपुर~ सरकारी यूनिफार्म छात्र-छात्राओं ने कि नापसन्द, तो अपने वेतन बढ़ई यूनिफार्म कि शान~~

सरदारपुर (शैलेन्द्र पँवार)


कहते है गुरू का स्थान भी माता-पिता कि बराबर होता है लेकिन इस वाक्य को चरीतार्थ करती ये शिक्षीका संगीता परमार जो अपने स्कूली बच्चों को पढ़ाई मे रूचि बढ़ाने कि लिये नितनये प्रयास करती रहती है! इसी शिक्षीका संगीता परमार ने पूर्व मे भी स्वयं के वेतन से स्कूली बच्चों कि पढ़ाई मे रूची बढ़ाने हेतु ड्राॅईन्गस व माॅडल ड्राइंग बनवाई थी, जिसे स्कूली बच्चों ने भी बहुत रूचि ली थी!
       

इस बार राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन(N. R. L. M.) के द्वारा शा. न. प्रा. विद्यालय फिफरफलिया (भोपावर) में यूनिफार्म वितरण कार्य किया गया, जिसमें कुल 45 बच्चों को दो-दो जोड़ी यूनिफार्म के हिसाब से कुल 90 यूनिफार्म वितरित की! इसमें 23 बालिकाओं के लिए ट्यूनिक स्कट, शर्ट, लेगी और 22बालको के लिए केवल शर्ट-नेकर दी थी बच्चों ने नेकर को नापसन्द करते हुए पहनने से इंतजार कर दिया, तब शिक्षिका संगीता परमार ने इस यूनिफार्म छात्र-छात्राओं कि पसन्दीदा बनाने के लिये युनिफार्म मे टाई, बेल्ट, और मोजे स्वयं के वेतन से बच्चों को भेट दी! इसमें कक्षा 1 से 5 तक के बच्चें है सरकारी स्कूल के बच्चे प्राइवेट स्कूल के बच्चों की तरह लग रहे हैं और पसन्दीदा यूनिफार्म मिलने से बहुत खुश भी है!


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