*मनावर~ ओंकारेश्वर नहर परियोजना की चौथे चरण की नहर में भारी भृष्टाचार होने से किसानों की मेहनत पर फिरा पानी*~~                                       
*क्षेत्र के किसानों में घडिया नहर निर्माण को लेकर आक्रोश*~~            

*क्षेत्र के दो मंत्री एवं विधायक मौन*~~   

*नहर निर्माण कार्यो की जांच को लेकर मंत्री को भेजा पत्र*~~                    

*विभाग के अधिकारीयों की भूमिका पर सवालिया निशान*~~                 

निलेश जैन  मनावर~~


मनावर के समीप करोड़ों की सिंचाई नहर परियोजना का कार्य पिछले पांच वर्षों से अधूरा पड़ा हैं, जबकि संबंधित अधिकारियों का कहना है कि कार्य गत वर्ष पूर्ण हो चुका है और नहरो का टेस्टीग का कार्य जारी है। ओंकारेश्वर नहर परियोजना की चौथे चरण की अंडर ग्राउंड सीसी पाइप लाइन नहर का कार्य 3 वर्ष में पूर्ण किया जाना था, लेकिन 5 वर्ष होने पर भी कार्य आज भी अधूरा हैं। लगभग 349 करोड 30 लाख की भारी भरकम राशि की इस योजना में संबंधित अधिकारियों का ध्यान कार्य पूर्ण कराने के बजाए ठेकेदार को भुगतान कर कमिशन लेने में ज्यादा रहा है। यदि सिंचाई मंत्री संपूर्ण परियोजना के कार्य और भुगतान की ई ओ डब्ल्यू (आर्थिक अपराध अनुसंधान ब्यूरो) से जांच कराए तो एनवीडीए के कई चेहरे बेनकाब हो जाएंगे। सूत्रों का कहना है कि यह परियोजना पूर्ण हो जाती तो चार विकासखंडों के 114 ग्रामों की खेती को सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो जाती, लेकिन ठेकेदार और अधिकारियों की मिलीभगत से शासन की करोड़ों की राशि को चूना तो लगा ही साथ ही साथ आधे अधूरे कार्य से किसानों को सिंचाई सुविधा भी अधिकांश जगह नहीं मिल पाई हैं। इधर योजना के अधिकारी और ठेकेदार लगातार टेस्टिंग का बहाना कर टालमटोल कर रहे है। जबकि टेस्टिंग में अधिकांश जगह लीकेज होना सामने आ रहा है। लीकेज का पानी किसानो के खेतो में जाने से उनकी फसलो को भी नुकसान हो रहा है। उल्लेखनीय है कि इस योजना मंे ठेकेदार की सुविधानुसार 5 बार समयावधि भी बढ़ाइ गई थी। लेकिन इसके बावजूद कार्य पूर्ण नहीं होने से नहरों में न तो पानी छोड़ा जा सका है और न ही किसानों की इस महत्वपूर्ण समस्या का कोई हल निकाला गया हैं। ठेकेदार द्वारा जब भी टेस्टिंग की गई तब कई जगह पाइप के जॉइन्ट से पानी लीकेज होने लगा था। क्योंकि गैर तकनीकी तरीके से लापरवाही बरतते हुए ठेकेदार ने पाइप तो डाल दिए, लेकिन पाइप के जॉइन्ट को सही ढंग से नहीं जोड़ने से कई जगह पाइप लाइन लीकेज होने लगी हैं। टेस्ंिटग और लीकेज सुधारने में ही ठेकेदार समय गंवाते रहे।  इस परियोजना की मुख्य नहर में आज तक पानी नहीं आया है। ग्राम टोंकी, सोंड़ूल, बंजारी, मण्ड़ावदी नदी, डा़बड़, कालीबावड़ी, झीरण, लुन्हेरा आदि जगह नहरो में लगातार लीकेज हो रहा है। इस संबंध में नहर विभाग के एसड़ीओ  बी.एस. सिसोदिया ने कहा कि लीकेज को हम सीमेंट से ठीक करवा रहे है। नहरो में पानी छोड़ने के बाद सभी ग्रामों में किसानो को सिंचाई सुविधा मिलने लगेगी। आश्चर्य है कि इतना सब होने पर भी तत्कालीन भाजपा एवं काग्रेस सरकार के मंत्री एवं जनप्रतिनिधियों मौन धारण कर रखा था।

 किसानों का आरोप है कि ओमकरेश्वर नहर योजना में मेसर्स सदभाव इंजीनियरिंग एजेसी के ठेकेदार ने बिना अनुभव वाले लेबर काॅन्ट्रेक्टर बबलू ठेकेदार को पेटी पर काम दे रखा है । ठेकेदार द्वारा सही मापदंड़ से काम नही करने से नहरे लीकेज हो रही । नहर के घटिया निर्माण कार्यो को लेकर मनावर नगर के पत्रकार स्वप्निल शर्मा, पन्नालाल गेहलोद, निलेश जैन ने विभाग के मंत्री हुकुमचंन्द्र कराडा भोपाल एवं वरिष्ठ अधिकारीयों को पत्र भेजकर जांच कि मांग कि है ।


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