*मनावर~ ग्रामीण क्षेत्र में पड़ने वाली छात्राओं के लिए शासकिय स्कूलों में लगाई गई सेनेटरी वेंडिंग मशीन एवं मनी बाईलर*~~

*सेनेटरी पैड़ के इस्तेमाल से छात्राओं में आई जागरुकता*~~

*विशेष रिपोट मनावर से निलेश जैन* ~~ 


मनावर = अल्ट्राटेक सीमेंट कंपनी के समाजिक उत्तरदायित्व विभाग द्वारा  अपने प्रोजेक्ट खुशी के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में पड़ने वाली छात्राओं के लिये फिलहाल दो शासकिय कन्या स्कूल ग्राम मुराड़ एवं मनावर की कन्या शाला में सेनेटरी पैड़ मशीन एवं उसे नष्ट करने के लिये मनी बाईलर विधुत से संचालित मशीनें लगाई गई है । यह सूविधा सीर्फ छात्राओं के लिये निःशुल्क रहेगी । इस मशीन के उपयोग के बारे में जानकारी ली गई तो छात्राओं द्वारा निसंकोच खुलकर जानकारी दी गई । ज्ञात है कि ग्रामीण क्षेत्रों में जागरुकता के आभाव के कारण इसका प्रयोग न के बराबर हो रहा है । अल्ट्राटेक कंपनी ने अपने स्वस्था जागरुकत शिविर में जानकारी के आधार पर एक सर्वे के दौरान पता चला कि 98 प्रतिशत लड़कियों ने सेनेटरी पैड़ न तो देखें है और ना ही इसके प्रयोग के बारे में सुना था । छात्राओं की इस समस्या के बारे में अल्ट्राटेक सीमेंट कंपनी की ओंकार लेड़िस क्लब की सदस्यों ने विशेष रुचि लेकर प्लांट के सहयोग से समीप ग्राम मोराड़ की कन्या हाई स्कूल तथा मनावर की बालिका हाई सेकेंडरी कन्याशाला स्कूल में दोनों जगह सेनेटरी वेंडिंग मशीन और डिस्पोजल यूनिट लगाने के सफल प्रयास किये । इन दोनों शासकिय स्कूलों में लगभग 900 छात्राएं अध्ययन करती है । ओंकार क्लब की सभापति वाणी छाबड़ा विशेष सदस्य विश्वेश्वरी मिश्रा , प्रांची जैन ने कहा कि गत दो माह पूर्व यह दोनों जगह हमने मशीन लगवाई गई । साथही इस यूनिट के समीप ही सेनेटरी वेंडिंग मशीन के पैड़ इस्तेमाल के बाद मनी बाईलर मशीन में डालकर मात्र 14 सेंकंड़ में नष्ट होकर राख में बदल जाता है । हमारे द्वारा समय समय पर जानकारियों के माध्यम से क्षेत्र का वातावरण दुषित न होकर स्वस्छ रहे यह प्रयास लिये जाते है ।  स्कूल की छात्राएं स्वंय अपनी जरुरत के हिसाब से पैड़ निकालकर ले जाती है। अल्ट्राटेक सीमेंट कंपनी के यूनिट हेड विजय छाबड़ा एवं मानव संसाधन प्रमुख अजय मिश्रा ने कहा कि आने वाले समय में यूनिट के ऐरिये में आने वाले ग्रामीण क्षेत्रों की स्कूलों में और भी वेंडिंग मशीन लगाई जायेगी । सीएस आर विभाग के रुपेन पटनायक ने बताया कि हमारे द्वारा प्रति सप्ताह ग्राम बोरलाई, उदयपुरा, सीतापुरी, मोहाली, टोंकी और करोंदिया में नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर लगाए जाते हैं। जहां मरीजों की जांच कर उन्हें नि:शुल्क दवाई दी जाती है। इन शिविरों में डाँ शैलेंद्र यादव, डाँ गौरव गुप्ता अपनी सेवाएं देते हैं। डॉक्टरों ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों की अधिकांश महिलाएं एवं बालिकाए सेनेटरी पैड़ का इस्तेमाल न के बराबर करती है। डाँ गौरव गुप्ता ने कहा कि शिविर में आने वाली ज्यादातर महिलाओं एवं बालिकाओं में इनफेक्टिव बीमारियों से पीड़ित आती है। पीरियड़ के दौरान साधारण कपड़े का इस्तेमाल करने से महिलाओं में फंगस इनफेक्शन, बैक्ट्रियल इन्फेक्शन, खून की कमी जैसी बीमारियों के अलावा महिलाओं के गर्भाधान में भी कमी आती है। जब हमनें स्कूल में इन पैड़ मशीनों के माध्यम से अब छात्राओं के साथ साथ घरों में काम करने वाली महिलाओं में भी इसके इस्तमाल से होने वाले लाभ की जानकारी मिलने से अब महिलाओं में जागृति आई है । चिकित्सों के अनुसार हमारे शिविर में अधिकांश महिलाएं में व्हाइड डिस्चार्ज की समस्या से पीड़ित ही आती है । लेकिन अब पैड़ के इस्तेमाल करने पर उन्हें इस बीमारी से छुटकारा मिल रहा है । ग्राम मोराड़ में स्कूल की छात्राओं से चर्चा की तो उन्होने बिना किसी झिझक के खुल कर पैड़ के इस्तेमाल और उसे नष्ट करने के बारे में निसंकोच जानकारी दी। स्कूल के प्राचार्य नरेश सेन ने कि कहा कि कंपनी की इस सफल पहल से क्षेत्र की पड़ने वाली छात्राएं काफी खुश है । प्राचार्य नरेश सेन ने बताया कि हम छुट्टी के दिनों भी आकर अपनी सेवाएं दे रहे है ताकि जरूरतमंद बालिकाएं पैड़ ले जा सके। स्कूल की छात्रा शानु, पायल , नीलिमा, खुशबू ने कहा कि सेनेटरी वेडिंग मशीन का उपयोग हम सभी छात्राएं कर रही है। ज्ञात है कि सेनेटरी पैड़ के इस्तेमाल को लेकर कई छात्राएं अब इसका प्रचार करने लग गई है । उल्लेखनीय है कि कंपनी ने इस योजना को प्रोजेक्ट खुशी का नाम दिया है । इस पूरी पैड़ यूनिट मशीन को लगाने में कंपनी को लगभग 1 लाख रुपये का खर्च आया है। दोनों स्कूलों में करीब 900 छात्राएं है । हर माह कंपनी द्वारा करीब 12 हजार रूपए प्रतिमाह इन पैड़ को मशीन में डालने का खर्चा आता है जो कंपनी वहन करती है ।


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