खण्डवा~ आये  थे शान बढाने कर गये किरकिरी, पानी के लिये तरस रहे भाजे भाजियों~~

रवि सलुजा खण्डवा~~




खण्डवा  खण्डवा में नर्मदा जल आवर्धन योजना घोटाले के मामले में घिरे पूर्व मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चैहान। भाजपा प्रत्याशी व पार्टी के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष नंद कुमार सिंह चैहान  का नाकांकन रेली मे शिरकत करने सोमवार को यहां पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान उस समय भडक गये जब कांग्रेस के चुनावी मुद्दे व पिछले एक पखवाडे से  जलत्रासदी भोग रही नगर की जनता के संकट को लेकर मीडिया ने  प्रश्न पूछ लिया।  मीडिया के सवालों पर भड़कने के साथ वे, पत्रकारवार्ता बीच मे छोड़ रवाना हो गये। खण्डवा में नर्मदा जलापूर्ति की केन्द्र प्रवर्तित 150 करोड़ का नर्मदा जल योजना मे भारी  भ्रष्टाचार व गडबडियो के चलते योजना प्लाप होने के कगार पर खडी हो गयी है। भाजपा  की प्रदेश व नगर सरकार ने इसे आकार दिया है लेकिन योजना को सवीकृति यूपीए की  केन्द्र सरकार ने 2009 मे दी थी।
यह है मसला

          पिछले चुनाव में नर्मदा जल को लेकर झूठा वादा करके गए थे शिवराज सिंह।उन्होने– सार्वजनिक मंच से कहा था मेरे होते हुए कौन माई का लाल मीटर लगाता है ।मे मीटर  नहीं लगने दूंगा। भरोसे पर विश्वास करे लोगों ने भाजपा को समर्थन दिया  लेकिन आज जनता इनके झूठ  से  परेशानीभोग रही है।  आम लोगो को 3000 से 5500 रुपये तक खर्च कर नर्मदा जल  का कनेक्शन लेना पड़ रहा है। इसके बावजूद शहर में भाजपा की नगर नीगम परिषद द्वारा  आमजन को पीने का पानी तक मुहैया नहीं कराया जा रहा।
         नगर निगम भाजपा की है। वर्तमान में सांसद विधायक भाजपा के हैं। उनके ही  कार्यकाल में खंडवा में पाइप लाइनें बिछाने और नए कनेक्शन दिए जाने का काम हो रहा  है।  आलम यह है कि हर दिन किसी न किसी वार्ड में पानी की समस्या को लेकर हंगामे  या लोगों के परेशान होने की खबरें मीडिया में आ रही है।
          वरिष्ठ कांग्रेस नेता अजय ओझा ने बताया कि स्थिति यह हो गयी है कि  भाजपा नेता उल्टा चोर कोतवाल को डांटे वाली कहावत चरितार्थ कर रहे हैं।  शिवराजसिंह भी पीछे नहीं है। उन्होने  कहा कि हकीकत यह है कि भाजपा अपनी नाकामी व  भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए नौटंकी कर रही है। राईजिग  पाइप लाइन बिछाने में भी  मनमानी की गई। लोगों को पानी के बिल इतने अधिक दिए जा रहे हैं कि वह परेशान हो  गए हैं। जल वितरण व्यवस्था ठीक नहीं होने से जल त्रासदी बडा संकट बनकर सामने है।  श्री ओझा ने कहा कि नगर निगम के कुछ कर्मचारी पीपीपी मोड में योजना को आकार देने  जलप्रबंधन सम्हालने को लेकर आगे आई है  की विश्वा  कंपनी के एजेंट बने हुए है।  नगर मे जिन बोरिंग से लोगों को शहर में पानी दिया जा रहा है  वह बोरिंग भी बंद करने  की धमकी दी जा रही है। जिससे गरीब वर्ग के लोगों में दहशत का माहौल है
        

   श्री  ओझा ने कहा कि जुमलेबाजों की पार्टी में फिर जुमलेबाजी कर मामा  शिवराज सिंह भाजपा प्रत्याशी नंदू भैयाा के पक्ष मे माहोल बनाने आये थे लेकिन मीडिया के  सवाल के जबाब देने के स्थान पर वे वार्ता छोडकर भाग खडे हुये। अब नंदू भैया इअपने  ही नेता के इस  व्यवहार के कारण किरकिरी झेल रहे है


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