बैतूल~ हिन्दू नववर्ष की पूर्व संध्या पर निकली शोभायात्रा~~

सचिन शुक्ला बैतूल~~


शाहपुर -हिन्दू नववर्ष गुड़ीपड़वा की पूर्व संध्या   के तत्वावधान में श्री राम मंदिर से शनिवार शाम गाजे-बाजे के साथ   झांकियों सहित शोभायात्रा में घोड़े पर बाल रूप की झलक को सुससज्जित वेशभूषा में प्रदर्शित करते बच्चे, भारतमाता की झांकी विशेष आकर्षण का केंद्र रही।केसरिया ध्वज लहराते  युवा और विभिन्न समाज के सदस्यों ने भी उमंग-उत्साह से भाग लिया।
जगह-जगह रास्ते में फूलों  से शोभायात्रा का स्वागत किया गया।

इसी दिन से हुआ था सृष्टि निर्माण प्रारंभ
ब्रह्मपुराण के अनुसार इसी दिन से ब्रह्मा ने सृष्टि निर्माण प्रारंभ किया था, इसलिए इसे सृष्टि का प्रथम दिन भी माना जाता है। चैत्र महीना भारतीय कैलेंडर के हिसाब से साल का पहला माह होता है। विदेशी शक आक्रांताओं पर राजा विक्रमादित्य की जीत के बाद उनके नाम पर ब्रह्म संवत का नामकरण विक्रम संवत के रूप में हुआ। इसी दिन मर्यादा पुरुषोत्तम राम का राज्याभिषेक हुआ था। पौराणिक मान्यता के मुताबिक चैत्र नवरात्र के पहले दिन आदिशक्ति प्रकट हुईं थी और उनके कहने पर ही ब्रह्मा ने सृष्टि की रचना शुरू की थी। यही कारण है कि चैत्र शुक्ल का पहला दिन हिंदू नववर्ष के तौर पर मनाया जाता है। इसी दिन से महान गणितज्ञ भास्कराचार्य ने सूर्योदय से सूर्यास्त तक दिन, महीने और साल की गणना कर पंचांग की रचना की थी।


Post A Comment:

0 comments: