मुरैना~~डॉट प्रोवाइडरों को पैसा नही देने पर जिला क्षय रोग अधिकारी को किया सस्पेंड~~

मुरैना~~(चम्बल संभाग ब्यूरो चीफ संजय दीक्षित)

मुरैना~~जिला क्षय रोग विभाग में कार्य डॉट प्रोवाइडरों को पिछले 5 साल से पैसा नहीं मिला है। जिसके चलते क्षय रोगियों को दवा खिलाने का कार्य काफी प्रवाहित हो रहा है। करीब 5 सैकड़ा डॉट प्रोवाइडर विभाग में मरीजों को दवा खिलाने की जिम्मेदारी का निर्वाहन कर रहे हैं।डॉट प्रोवाइडर ओं को पैसा ना मिलने का मामला वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा तो वही डब्लूएचओ की टीम को कार्य संतोषजनक नहीं लगा। इसलिए जिला क्षय रोग अधिकारी डॉक्टर अनुभा महेश्वरी को सस्पेंड कर दिया गया है। इस दौरान इन का मुख्यालय दतिया रहेगा। क्षय रोग विभाग में वर्ष 2014 से डॉट प्रोवाइडरों को पैसा नहीं दिया गया है। मुरैना जिला क्षय रोग विभाग में वर्तमान में करीब 3000 मरीज हैं ।उनको दवा खिलाने के लिए करीब 5 सैकड़ा डॉट प्रोवाइडर लगे हुए हैं। इसमें प्रथम कैटेगरी के मरीजों को दवा खिलाने पर डॉट प्रोवाइडर को मरीज ₹1000 द्वितीय कैटेगरी के मरीज को दवा खिलाने पर ₹1500 और एमडीआर व एसडीआर मरीज को दवा खिलाने पर  ₹5000 देने का विभाग का नियम है ,लेकिन पैसा नही दिये जाने पर क्षय रोग नियंत्रण कार्यक्रम प्रभावित हो रहा था। मरीजों को दवा खिलाने के लिए आशा कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता या मरीज के नजदीक व परिवार में कोई पढ़ा लिखा समझदार व्यक्ति हो। वह भी डॉट प्रोवाइडर का काम कर सकता है। पिछले 5 साल से इनका पैसा नहीं दिया गया। ऐसा नहीं है कि विभाग पर पैसा नहीं है पैसा तो रहता है लेकिन सिस्टम में गड़बड़ होने के कारण इन को पैसा नहीं मिल सका ।क्षय रोग के मरीजों को दवाई के लिए इधर उधर भटकना पड़ता है। जबकि शासन के द्वारा दवाइयां वितरित करने के लिए आशा कार्यकर्ताओं की ड्यूटी लगाई गई है।लेकिन समय पर क्षय रोग के मरीजों को दवा नही मिल पा रही हैं।शासन के द्वारा प्रचार प्रसार में काफी पैसा खर्च किया जा रहा है फिर भी क्षय रोग के  मरीजों को सुख सुविधाएं मुहैया नही हो पा रही हैं।जिसके चलते आये दिन मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही हैं।


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