*शनि-मंगल-महंगाई-मार्केट-मोदी-मौसम*

*समसप्तक योग-षडाष्टक योग-अंगारक योग*
     
*शनि चलेंगे 142 दिन उलटी चाल* *डाँ.अशोक शास्त्री* 


*कुछ राजकीय ज्योतिषफल*

*शनि-मंगल-महंगाई-मार्केट-मोदी-मौसम*

*शनि-मंगल समसप्तक योग*

*7 मई से बदलेगी ग्रहों की चाल, 22 जून तक पड़ेगा जनजीवन पर असर*

*पीएम नरेंद्र मोदी सरकार को होगी परेशानी*

*मंगल - गुरु का षडाष्टक योग*

*आतंकी घटना से रहना होगा सतर्क*

*राहु-मंगल का अंगारक योग*

*जनता पर महंगाई की मार पड़ेगी*

*शनि करेंगे चीन और पाकिस्तान का बुरा हाल*

*हवाई और रेल दुर्घटना भी दे सकता है मंगल-राहु का साथ*

*मंगल देगा शेयर बाजार में उथल-पुथल*

*देश विकास में बाधा देगा मंगल*

*शनि हुए वक्री, पीएम नरेंद्र मोदी की बढ़ेगी मुश्किल, पाकिस्तान और चीन का होगा यह हाल* *डाँ.पं. अशोक शास्त्री*

दिनांक 30 अप्रैल को शनि गोचर में धनु राशि में वक्री होकर इसी अवस्था में 18 सितंबर तक उलटी चाल चलते हुए देश और दुनिया में बड़े बदलाव लेकर आएंगे। अग्नि तत्व की राशि धनु में शनि की उलटी चाल मौसम और राजनीति दोनों में आश्चर्यजनक बदलाव लेकर आएगी। केतु के साथ धनु में युति कर रहे शनि आगामी दो महीनों में देश के बड़े हिस्से में पानी की कमी और रेकॉर्डतोड़ गर्मी से जनता को भारी कष्ट देंगे। 7 मई से 22 जून तक मंगल मिथुन राशि में गोचर करते हुए शनि के सामने आकर खतरनाक ‘समसप्तक -योग’ का निर्माण करेगा। इस योग के प्रभाव से मानसून में देरी और लू का प्रकोप देश में पानी की किल्लत के कारण कई स्थानों पर हिंसक घटनाओं का कारण बनेगा। इस अवधि में गर्मी पिछले 15 वर्षों का रेकॉर्ड तोड़ सकती है।  मालवा के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य डाँ.पं. अशोक शास्त्री के  मुताबिक  ग्रहों की बदलती चाल के मुताबिक व्यक्तिगत प्रभाव पड़ता है। इसके अनुसार ही देश और दुनिया पर भी इसका सीधा प्रभाव देखने को मिलता है। इतना ही नहीं प्राकृतिक या अप्राकृतिक घटनाओं,  अप्रत्याशित रूप से होने वाले अच्छे या बुरे परिवर्तन के साथ ही हमले और भूकंप जैसी घटनाओं के लिए भी ग्रहों की स्थिति ही जिम्मेदार होती है। ज्योतिषाचार्य  डाँ.पं.अशोक शास्त्री  के पूर्व-विश्लेषण के आधार पर इस तरह की घटनाओं का पूर्वानुमान भी किया जा सकता है। ऐसी घटनाओं को टाला तो नहीं जा सकता, लेकिन इसे रोकने के लिए निश्चित रूप से सतर्कता बरती जा सकती है।

*7 मई से बदलेगी ग्रहों की चाल, 22 जून तक पड़ेगा जनजीवन पर असर*
डाँ. अशोक शास्त्री के अनुसार  7 मई से 22 जून 2019 तक मंगल, शनि, राहु और गुरु के कारण तीन-तीन अनिष्टकारी और भयानक अशुभ योग बनने वाले हैं। इन दुर्योगों का असर न केवल प्रत्येक मनुष्य पर होने वाला है बल्कि प्रकृति, पर्यावरण, देश और विदेशों के लिए भी अनिष्टप्रद साबित होने वाला है। 7 मई 2019 मंगलवार को प्रातः 6 बजकर 54 मिनट पर मंगल के मिथुन राशि में प्रवेश करने के साथ ही अशुभ योग शुरू हो जाएंगे। मंगल 22 जून 2019 शनिवार को रात्रि 11 बजकर 23 मिनट पर इसी राशि में रहेगा, उसके बाद कर्क राशि में प्रवेश कर जाएगा। 47 दिन मंगल का मिथुन राशि में गोचर तीन-तीन अशुभ योग का निर्माण कर रहा है। ये तीन दुर्योग हैं गुरु-मंगल का षडाष्टक योग, शनि-मंगल का समसप्तक योग और राहु-मंगल की युति से अंगारक योग।

*शनि-मंगल समसप्तक योग*

ज्योतिषाचार्य डाँ अशोक शास्त्री के मुताबिक  दुसरा  खतरनाक योग शनि-मंगल का समसप्तक योग बन रहा है। 7 मई से मंगल के मिथुन राशि में गोचर करने से यह योग बन रहा है। मंगल से शनि सप्तम और शनि से मंगल भी सप्तम स्थान में रहने के कारण समसप्तक योग बन रहा है। शनि और मंगल परस्पर एक-दूसरे के सम ग्रही कहलाते हैं। यह योग प्रत्येक राशि वालों को आर्थिक रूप से बुरी तरह नुकसान पहुंचाने वाला है। इस योग के प्रभाव से शनि और मंगल की महादशा, मंगल दोष, शनि की साढ़ेसाती या ढैया जिन लोगों को चल रहा हो उन्हें भयंकर वाद-विवाद, दुर्घटना आदि के योग बनेंगे। बीमारियों पर खर्च होगा।

*हवाई और रेल दुर्घटना भी दे सकता है मंगल-राहु का साथ*

पं. अशोक शास्त्री ने कहा कि  इस अवधि के दौरान भूकंप की संभावना होने के कारण, विशेष रूप से भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने के साथ ही उन्हें इसकी पूर्व जानकारी देनी भी जरूरी है। मंगल ग्रह को वाहनों का कारक भी माना जाता है, ऐसे में पाप ग्रहों के साथ युति के कारण वाहन व्यवहार पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इस बात को ध्यान में रखते हुए, उपरोक्त अवधि के दौरान हवाई दुर्घटना, सड़क या रेल दुर्घटनाओं की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। इस दौरान भयंकर बारिश, धूल भरे आंधी-तूफान और बर्फबारी की भी संभावना रहेगी।

*पीएम नरेंद्र मोदी सरकार को होगी परेशानी* डाँ अशोकशास्त्री

डाँ. शास्त्री ने  सरकार के बारे वर्तमान ग्रहों की गति के आधार पर भविष्य वाणी करते हुए बताया है कि  शनि धनु राशि में गोचर करते हुए वृषभ लग्न की आज़ाद भारत की कुंडली के आठवें घर में गोचर करेगा। इस उलटी चाल से चल रहे वक्री शनि पर मंगल की दृष्टि लोकसभा चुनावों में वर्तमान सत्तारूढ़ भाजपा को पूर्ण बहुमत पाने से वंचित कर देगी। भाजपा को सरकार बनाने के लिए नए सहयोगियों को जुटाना पड़ेगा जिससे एक समय असमंजस की स्थिति उत्पन्न होगी और शेयर बाजार में हड़कंप मचेगा। बड़ी राजनीतिक उठापटक के बाद ही सत्तारूढ़ भाजपा की दूसरी पारी शुरू हो पाएगी।

             *षडाष्टक योग*

ज्योतिषाचार्य डाँ अशोक शास्त्री ने कहा कि  दिनांक  7 मई से 22 जून तक मंगल और गुरु का षडाष्टक योग बन रहा है। षडाष्टक योग एक प्रकार का भकूट दोष होता है। अर्थात जब दो राशियों के बीच की दूरी का संबंध 6-8 का हो जाता है तो यह षडाष्टक योग कहलाता है। गोचर में मंगल मिथुन राशि में रहेगा और गुरु वृश्चिक राशि में। इस प्रकार मंगल से गुरु छठा और गुरु से मंगल आठवां होने के कारण षडाष्टक योग बना है। मंगल और गुरु परस्पर शत्रु ग्रह हैं। इस योग के कारण लोगों में सात्विक गुणों का ह्रास हो जाता है और राजसी और तामसिक गुणों का समावेश हो जाता है। जातक व्यसनी हो जाता है। अनेक लंबी बीमारियों का कारण भी यह योग है। इस योग के कारण मनुष्यों में रोगों की प्रधानता हो जाती है। शरीर में पोषक तत्वों की कमी हो जाती है और रक्त की कमी हो जाती है। इससे कई रोग हो जाते हैं। जातक मानसिक रूप से परेशान हो जाता है। सारे कार्य अटक जाते हैं। अच्छे भले चलते हुए कार्यों में बाधा आने लगती है। पैसों की कमी होने लगती है। व्यक्ति कर्ज में फंस जाता है। कहा जाता है इसी गुरु-मंगल के योग के कारण भगवान राम को भी 14 वर्ष वनवास भोगना पड़ा था।

*मंगल देगा शेयर बाजार में उथल-पुथल* डाँ अशोकशास्त्री

मंगल की विपरीत युति, देश में भी आंतरिक विद्रोह, आतंकवादी हमले और सैन्य गतिविधि आदि का संकेत दे रही है। इस दौरान आर्थिक बदइंतजामी के कारण लोगों में अविश्वास बढ़ेगा, साथ ही मंगल ग्रह के साथ पाप ग्रहों की युति के कारण आर्थिक संकट जैसी समस्याओं को भी नकारा नहीं जा सकता। ऐसी स्थिति में, विदेशी मुद्रा की तुलना में स्थानीय मुद्रा में भी कटाव हो सकता है और इससे शेयर बाजार में अत्यधिक उथल-पुथल की संभावना भी बढ़ जाएगी। हालांकि, ज्योतिषीय उपायों के जरिए ग्रह स्थितियों के प्रतिकूल प्रभाव को टाला जा सकता है या उनके प्रभावों को कम किया जा सकता है। इस स्थिति के बाद थोड़ी, सावधानी बरतकर बड़े नुकसान से बचा जा सकता है।

*आतंकी घटना से रहना होगा सतर्क*

डाँ शास्त्री के मुताबिक  वक्री शनि  का मंगल के साथ 7 मई से 22 जून तक का गोचर देश में कम से कम दो स्थानों पर आतंकी हमलों और हिंसा की बड़ी वारदातों को अंजाम दे सकता है। मिथुन राशि से प्रभावित बंगाल में मई महीने में हिंसक घटनाएं हो सकती हैं। वृश्चिक राशि से प्रभावित दिल्ली-एनसीआर में किसी बड़े आतंकी संगठन की साज़िश का खुलासा कुछ आतंकियों की धर-पकड़ के बाद होगा। शनि का आज़ाद भारत की कुंडली के अष्टम भाव पर गोचर किसी बड़े वयोवृद्ध नेता की मृत्यु से देश में शोक की लहर पैदा कर सकता है। चन्द्रमा में गुरु की दशा भी आज़ाद भारत की कुंडली में यही संकेत दे रही है। एक अन्य बड़े ग्रह गुरु भी इस समय गोचर में वक्री चल रहे हैं जो कि 20 अगस्त को ही मार्गी होंगे।

*देश विकास में बाधा देगा मंगल*

डाँ अशोक शास्त्री ने स्पष्ट कहा कि  इतना ही नहीं मंगल ग्रह के कृषि से जुड़ा होने और प्रतिकूल ग्रहों की स्थिति के कारण, फसल हानि, बीमारी या भारी बारिश की स्थिति में फसल खराब होने के कारण आर्थिक नुकसान भी हो सकता है। व्यापक तौर पर देखा जाए,  तो यह स्थिति देश के आर्थिक विकास में बाधा उत्पन्न कर सकती है। 

*राहु-मंगल का अंगारक योग*

डाँ अशोक शास्त्री ने बताया कि  राहु पहले से ही मिथुन राशि में चल रहा है। इसी राशि में मंगल के आ जाने से राहु-मंगल की युति बन रही है। राहु-मंगल के कारण गोचर में अंगारक योग का निर्माण हो गया है। इस योग के प्रभाव से लोगों में क्रोध की प्रधानता हो जाएगी। जरा-जरा सी बातों पर वाद-विवाद बढ़ेंगे। निर्णय क्षमता प्रभावित होगी। यह योग अग्नि का कारक ग्रह है। इसके प्रभाव से दुर्घटनाएं, आगजनी, युद्ध जैसी स्थिति बनेगी।

*जनता पर महंगाई की मार पड़ेगी*

पं. अशोक शास्त्री के अनुसार  गुरु और शनि का एक साथ वक्री होना और आगामी 16 जुलाई का ग्रहण मौसम में भारी उथल पैदा करेगा। 16 जुलाई से 20 अगस्त के बीच देश के कई हिस्सों में बाढ़ के प्रकोप से जान-माल का भारी नुकसान होगा। मई के महीने में रेकॉर्ड तोड़ गर्मी, जून में मानसून में देरी तथा सामान्य से कम वर्षा और बाद में 16 जुलाई से 20 अगस्त के बीच में आकस्मिक सामान्य से अधिक भारी वर्षा से बाढ़ का प्रकोप सरकार और आम जनता दोनों को मुश्किल में डाल देगा। देश में सब्ज़ियों के दाम तेज़ी से बढ़ेंगे और जनता पर महंगाई की मार पड़ेगी।

*भूकंप और प्राकृतिक आपदाएं बढ़ सकती है*

         ज्योतिषी डाँ अशोक शास्त्री ने कहा कि  30 अप्रेल से 22 जून  2019 तक का चरण भी इसी तरह की अप्रत्याशित घटनाओं का संकेत दे रहा है। इस समय ग्रहों की स्थिति के मद्देनजर प्राकृतिक या अप्राकृतिक तौर पर प्रतिकूल घटनाओं के उत्पन्न होने की संभावना है। इस अवधि में केतु-शनि, मंगल-राहु और मंगल-प्लूटो की युति बन रही है। यहां इस बात का ध्यान रखना जरूरी है कि मंगल अग्नितत्व का ग्रह है और इसका स्वभाव उग्र है। चूंकि, इसमें भूमि कारक की प्रधानता होती है, इसलिए पाप ग्रहों के साथ इसकी युति, आने वाले दिनों में भूकंप या भूमि संबंधी आपदाओं की संभावना में बढ़ोतरी कर सकती है। मंगल युद्ध का भी कारक है। ऐसे में इसके प्रभाव में देशों के बीच युद्ध या युद्ध जैसी स्थिति या व्यक्तिगत विवादों की संभावना भी बढ़ जाएगी।

*शनि करेंगे चीन और पाकिस्तान का बुरा हाल*

ज्योतिषाचार्य डाँ अशोक शास्त्री ने कहा कि शनि  से प्रभावित चीन के हानि स्थान में शनि वक्री होकर चीन की अर्थव्यस्था को बड़ा झटका देंगे। चीन की मकर लग्न और मकर राशि की कुंडली में हानि के बाहरवें घर में गोचर कर रहे शनि वहां के निर्माण उद्योग में मंदी ला देंगे। पाकिस्तान को बाढ़ और भूकंप से बड़ा नुकसान पहुंच सकता है। इज़राइल और अरब देशों के मध्य शनि-मंगल के समसप्तक योग के कारण मई-जून में तनाव बढ़ेगा जिससे पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में बढ़ोतरी होगी।
                    ज्योतिषाचार्य
          डाँ. पं. अशोक नारायण शास्त्री
         श्री मंगलप्रद् ज्योतिष कार्यालय
245,एम.जी.रोड (आनंद चौपाटी)धार, एम.पी.
                  मो.नं.  9425491351


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