देवास~बहुचर्चित बोरवेल घटना में
बालक रोशन को मिला न्याय~~

आरोपी खेत मालिक को 2 वर्ष के कारावास एवं 25 हजार रूपये के अर्थदण्ड से किया दण्डित~

अनिल उपाध्याय देवास~~


खातेगांव तहसील के दूरस्थ ग्राम उमरिया में 10 मार्च 2018 को रेखा बाई अपने तीन पुत्रों के साथ खेत में मजदूरी करने के लिए पहुंची थी लेकिन उसे नहीं मालूम था कि जिस खेत में वह मजदूरी कर रही है उस खेत में खुला हुआ होल है उसी खुले हुए होल में खेलते खेलते 4 वर्षीय रोशन जा गिरा था 48 घंटे से अधिक समय तक बालक उसी होल में घी और मौत से संघर्ष करता रहा शासन और प्रशासन के साथ ही सेना के जवान भी बच्चे को होल से निकालने के लिए कई घंटे तक खेत में डटे रहे, बालक की कुशलता व साही सलामती के लिए दुआओ का दौर चलता रहा, आखिरकार प्रशासन और सेना के जवानों की कामयाबी ने बालक को सकुशल होल से बाहर निकाल दिया, और जय जयकार ओ के नारे गूंज उठे लोगों ने रोशन की हिम्मत को दाद दी वहीं सेना ने भी उसे सलाम किया,
इस पूरे मामले में खेत मालिक को दोषी करार दिया और उसी प्रकरण का 15.मई 2019 को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश के न्यायालय से सत्र प्रकरण क्रमांक 202/2018 म.प्र. राज्य द्वारा आरक्षी केन्द्र खातेगॉव विरूद्ध हीरालाल के प्रकरण में आरोपी हीरालाल पिता डालू जाट उम्र- 41 वर्ष निवासी ग्राम उमरिया तहसील खातेगॉव जिला देवास म.प्र. को धारा 308 भा.द.सं. के तहत में दोषी पाते हुए 2 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 25,000/-  रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।

यह है पूरा मामला
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अपर लोक अभियोजक गिरधर गोपाल तिवारी ने बताया की दिनांक 10.03.2018 को 11ः00 बजे के लगभग रेखाबाई अपने तीन पुत्र क्रमशः नैतिक उम्र- 06 वर्ष, रोशन उम्र- 04 वर्ष, तथा केतन उम्र- 02 वर्ष के साथ ग्राम उमरिया में आरोपी के खेत पर अन्य महिला मजदूरो के साथ गेंहूॅ काटने की मजदूरी पर गई थी तथा तीनो अवयस्क पुत्रो को उसने आम के पेड के नीचे बैठा दिया और पास में ही कटे हुए चने वाला आरोपी का खेत भी था, जिसमें अन्य महिलायें चने की घेटी इकटठा कर रही थी। ग्यारह बजे के लगभग उसका पुत्र नैतिक आया और बोला की रोशन गढडे में गिर गया है, तब उन्होने जाकर देखा कि बोरिंग के खुले होल में रोशन गिरा हुआ था और उसके चिल्लाने की आवाज आ रही थी, तब उसने मजदूर साथीयो की मदद से रस्सी व साडी बांधकर रोशन को निकालने का प्रयास किया, किन्तु रोशन को नही निकाल पाये तब प्रशासन को सूचना दी गई और प्रशासन की मदद से पोखलेन जे.सी.बी. मशीन द्वारा गढडा करके उसे दिनांक 11.03.2018 की रात्रि को 36 घण्टे पश्चात बाहर निकाला जा सका। उसके पश्चात रोशन का चिकित्सा परीक्षण हेतु खातेगॉव अस्पताल लाया गया, उक्त घटना पर से थाना खातेगॉव द्वारा तहसीलदार खातेगॉव से बोरवेल किसके खेत में है इस बाबद् अनोराध पत्र प्रेषित किया गया, जिस पर से तहसीलदार खातेगॉव द्वारा संबंधित पटवारी से ट्रैस नक्सा, व भूमि सर्वे नं. 491 पर भूमिस्वामी आरोपी हिरालाल का होना पाया गया, उक्त घटना पर से थाना खातेगॉव पर अपराध क्र. 209/2018 धारा 308 भा.द.सं. के तहत हीरालाल पिता डालू जाट उम्र- 41 वर्ष निवासी ग्राम उमरिया तहसील खातेगॉव जिला देवास म.प्र. को गिरफ्तार किया गया व अनुसंधान पूर्ण होने के उपरांत अभियोग पत्र जे.एम.एफ.सी. न्यायालय खातेगॉव में प्रस्तुत किया गया, प्रकरण का विचारण अपर सत्र न्यायालय का होने से दिनांक 28.05.2018 को प्रकरण उर्पार्पत किया गया, आरोपी द्वारा उक्त आरोप को अस्वीकार करते हुए प्रकरण का विचारण चाहा गया।अभियोजन युक्ति युक्त संदेह से प्रमाणित करने में सफल रहा की घटना दिनांक, समय, व स्थान पर बालक रोशन उम्र- 04 वर्ष जिस बोरिंग के होल में गिरा था वह आरोपी के स्वामित्व का था एवं आरोपी को यह जानकारी में था कि यदि बोर का होल उसने करवाया है और यदि होल खुला रहने पर यदि कोई व्यक्ति उसमें गिर जायेगा तो उसकी मृत्यू कारित होना सम्भाव्य होगा, अपर लोक अभियोजक द्वारा प्रकट किया की ट्यूबवेल का होल करवाकर पानी नही निकलने की दशा में उस होल को खुला छोडने की प्रवृति समाज में बढती जा रही है, इसलिए आरोपी को पर्याप्त व उचित मात्रा में दण्ड से दंडित किये जाने का अनुरोध किया है।न्यायालय में हुए समस्त साक्ष्य निर्धारण के पश्चात अपर सत्र न्यायाधीश ने अपने निर्णय में प्रतिपादित किया की आरोपी द्वारा अपने खेत में बोरिंग होल को खुला हुआ छौड दिया गया तथा उसके खेत पर बालक रोशन उम्र-4 वर्ष की माता रेखाबाई व अन्य महिलायें फसल काटने गई थी, तब भी आरोपी यदि चाहता तो उस बोर को ढक सकता था, क्योंकि आरोपी को पता था, कि छोटे बच्चे मजदूरी करने वाली मॉ के साथ आये है, इस प्रकार से ट्यूबवेल को होल खुला छोडने की वजह से देश प्रदेश के कितने ही स्थानो पर बच्चे ऐसे बोर के होल में गिर जाते है और ये घटनाएॅ लगातार सामने आती रहती है, इन परिस्थितियों में शिक्षाप्रद रूप से दण्डित किया जाना अति आवश्यक है, जिससे की ऐसे घटनाओ पर रोकथाम लगे और होल कराने के पश्चात उसे इस प्रकार से बंद करें कि उसमें गिरने की कोई घटना घटित न हो, अतएव आरोपी हीरालाल पिता डालू जाट उम्र- 41 वर्ष निवासी ग्राम उमरिया तहसील खातेगॉव जिला देवास म.प्र. को धारा 308 भा.द.सं. में दोषी पाते हुए 2 वर्ष की सजा एवं 25000/- रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया, अर्थदण्ड की राशि अदा न कर पाने की दशा में व्यतिक्रम स्वरूप आरोपी को छः माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगताया जावे, अर्थदण्ड राशि 25,000/- रूपये में से बाद अपील अवधि पश्चात क्षतिपूर्ति के रूप अवयस्क पीडित रोशन की माता को 20,000/- रूपये प्रदान किया जावे।
चिञ
5:बालक रोशन


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