*बुरहानपुर~अमानक स्तर के एवं मिस ब्रांडडेट गुटका बेचने वाले दो आरोपीगण को  तीन-तीन माह का सश्रम कारावास एवं 20000 - 20000 रूपये का अर्थदण्ड*~~

बुरहानपुर (मेहलक़ा अंसारी) 


मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी श्री अनिल सिंह चौहान ने आरोपीगण (1) मनीष पिता मोहनलाल खंडेलवाल, उम्र 40 वर्ष निवासी संतोष नगर परतवाड़ा जिला अमरावती, महराष्ट्र (2)  प्रकाश पिता रमेशलाल थदानी उम्र 41 वर्ष निवासी सिंधी केम्प, पोस्ट ऑफिस परतवाड़ा, जिला अमरावती महराष्ट्र को तीन-तीन माह का सश्रम कारावास एवं 20000-20000 रूपये के अर्थदण्ड से दंडित किया गया।
प्रकरण की विस्तार पूर्वक जानकारी देते हुये शासन की ओर मीडिया सेल प्रभारी अभियोजन अधिकारी श्री सुनील कुरील ने बताया कि,  08.05.2012 को खाद्य सुरक्षा अधिकारी ज़िला बुरहानपुर श्री एच.एल.अवास्या को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि बस स्टैंड बुरहानपुर पर परतवाड़ा (महाराष्ट्र ) से एस.टी. बस क्रमांक एम.एच. 40/एन 9546 से विमल गुटके के 04 कार्टुन जा रहे है, जिस पर खाद्य अधिकारी, जिला प्रशासन व खाद्य विभाग की टीम के साथ बस स्टैंड बुरहानपुर पहुंचे तथा कंडक्टर से पुछताछ करने पर उसने माल इंदौर ले जाना बताया। चूंकि विमल गुटका म.प्र. शासन द्वारा प्रतिबंधित है इस कारण खाद्य अधिकारी ने अपने नाम व पते का परिचय देते हुये कंडक्टर से पूछा कि माल किसने बुक कराया, जिस पर कंडक्टर ने अंकल पार्सल एंड फॉरवर्ड लिमिटेड सुरेश दादा जैन कॉम्पिलेक्स, अंजता रोड जलगॉव द्वारा बुक कराई जाना बताया तथा कंडक्टर से विक्रेता व मालिक का नाम पुछने पर उसने पार्सल रसीद प्रस्तुत की। खाद्य अधिकारी ने कंडक्टर से मिल गुटके की गुणवत्ता की जांच हेतु नमूना व माल जप्त  किया । विवेचना के दौरान अंकल ट्रेवल्स के प्रभारी से पुछताछ करने पर ज्ञात हुआ कि आरोपी मनीष खंडेलवाल व प्रकाश धवानी का पार्सल है और उन्होने ही उक्त पार्सल बुक कराया था, जिस पर विवेचना अधिकारी ने आरोपीगण के विरूध्द धारा 26(2)(1)(IV), 51, 52, 58, 59(1) खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनिमय के अंतर्गत अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।
प्रकरण में सफलता पूर्वक पैरवी अभियोजन अधिकारी श्री प्रकाश सोंलकी द्वारा की गई और उन्हों ने विचारण पश्चात आरोपीगण को मा. न्यायालय से दोषसिद्ध कराते हुये धारा 26(2)(1)(IV), 51, 52, 58, 59(1) खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के अंतर्गत दोनो आरोपी को तीन-तीन माह के  सश्रम कारावास  व 20000-20000 रूपये के अर्थदण्ड से दंडित कराया ।


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