बड़वानी~~स्वतंत्रता सेनानी पिता ने ओझर में तो पुत्र ने बड़वानी में किया मतदान~~

बड़वानी /96 वर्षीय स्वतंत्रता सेनानी श्री नारायण चैबे ने मतदान के प्रति अपने कर्तव्य का आज भी निर्वाह किया। वे बड़वानी में निवास कर रहे हैं, लेकिन मतदान करने के लिए बड़वानी से करीब 52 किलोमीटर दूर ग्राम ओझर गये और मतदान करके लौट आये। इस अवस्था में मतदान के लिए की गई कष्टपूर्ण यात्रा के बारे में श्री चैबे कहते हैं कि इसमें कोई समस्या नहीं है। देष के लिए आजादी की लड़ाई में भाग लिया तो आजाद देष के लोकतंत्र को मजबूत बनाये रखने के लिए मतदान करना जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि देष में पहले आम चुनाव 1951-52 में हुए थे। तब से लेकर अब तक हुए सत्रह लोकसभा चुनावों, राज्य की विधानसभा के चुनावों तथा स्थानीय शासन के अंतर्गत पंचायती राज संस्थाओं के सभी चुनावों में उन्होंने मतदान के अपने कर्तव्य का निर्वाह किया है। बड़वानी से ओझर मतदान करवाने के लिए श्री चैबे को कॅरियर सेल के कार्यकर्तागण प्रीति गुलवानिया, हेमराज रामेणा और रेहदिया अलावे ले गये थे। ओझर में उन्होंने प्रीति गुलवानिया तथा अपने पुत्र नत्थूप्रसाद चैबे की सहायता से मतदान किया। उनके इस जज्बे की ओझर के नगरजनों ने भी प्रषंसा की तथा उनसे प्रेरणा ली। 

 इधर श्री नारायण चैबे के पुत्र डाॅ. मधुसूदन चैबे एसोसिएट प्रोफेसर होकर बड़वानी में पदस्थ हैं। उन्होंने सरस्वती षिषु मंदिर क्रमांक 03 में मतदान करके अपने दायित्व का निर्वाह किया। डाॅ. चैबे लगभग एक दषक से मतदाता जागरूकता के अभियान में कॅरियर सेल के कार्यकर्ताओं के साथ संलग्न हैं और जिले के सभी क्षेत्रों में जाकर नुक्कड़ नाटकों, क्विज, ईवीएम प्रदर्षनों आदि के जरिये कार्य कर चुके हैं। मतदाता जागरूकता संबंधी उनके नाटक ‘मांग्यो सुधरी गयो’, खिड़की खोलो सासूजी’ और ‘माॅडर्न बनो मेडम’ बहुत प्रसिद्ध हुए थे। ताजा लोकसभा चुनाव में भी कॅरियर सेल की टीम के सदस्यों प्रीति गुलवानिया, अंतिम मौर्य, किरण वर्मा, ग्यानारायण शर्मा, अदनान पठान, आवेष खान, शुभम सेन, जयप्रकाष सोलंकी, रहदिया अलावे, राहुल मालवीया, पवन परिहार, संजय सोलंकी, प्रीतम राठौड़, दीपिका धनगर, रवीना मालवीया, राजेष जाधव आदि ने मतदाताओं को जागरूक किया।


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