इंदौर~चुनाव, मतदान और राष्ट्रहित विषय पर व्याख्यान सम्पन्न~~

राष्ट्रहित में मतदान ज़रूर करें~~

इंदौर।स्वामी दयानंद स्कूल के पूर्व छात्रों ने मतदाताओं को जागरूक करने के उद्देश्य से व्याख्यान रखा गया।जिसमें मतदाताओं को जागरूक किया गया।विभिन्न वक्ताओं ने चुनाव, मतदान और राष्ट्रहित विषय पर बोलते हुए इस बात पर ज़ोर दिया कि लोकसभा चुनाव की अहमियत को समझें,इससे देश की सरकार चुनी जाती है।ये गली मोहल्ले के पार्षद के चुनाव नहीं हैं।स्वामी दयानन्द उ.मा. विद्यालय,अहिल्या नगर, वैशाली नगर के पास, अन्नपूर्णा मंदिर मार्ग पर व्याख्यान आयोजित किया गया। कार्यक्रम संयोजक नरेश वसाइनी, विनय पिंगले,संदीप भालेराव,पराग लोंढे ने जानकारी देते हुए बताया कि
लोकतंत्र का महापर्व चल रहा है जिसे 'चुनाव' कहते हैं l ये चुनाव हैं केंद्र में सरकार बनाने के लिए l हर चुनाव निर्णय लेने की दृष्टी से अलग-अलग होते हैं l पंचायत चुनाव, नगर पालिका चुनाव, प्रान्त सरकार के लिए विधान सभा चुनाव और केंद्र सरकार के लिए लोकसभा चुनाव। प्रत्येक चुनाव में प्रत्याशी चुनने के हमारे कुछ मापदंड होने चाहिए और क्या होने चाहिए, यह निरंतर विमर्श का विषय भी है क्योंकि आपसी विमर्श से हम अधिक सही निर्णय ले पाते हैं lऐसा ही एक विमर्श आयोजित किया गया। इंदौर शहर के जागरूक तथा राष्ट्र भावना को प्राथमिकता देने वाले नागरिकों ने शिरकत की ।व्याख्यान में विख्यात विचारक, चिंतक और प्रखर वक्ता हुकुमचंद सांवला ने अपने संबोधन में कहा राष्ट्रहित में हम ज़रूर मतदान करें।उन्होंने कहा भारत के प्रत्येक व्यक्ति का वोट ही देश के भावी भविष्य की नींव रखता है। इसलिए हर एक व्यक्ति का वोट राष्ट्र के निर्माण में भागीदार बनता है।उन्होंने उदहारण देते हुए कहा हम सुविधा वाली सरकार के बजाय सुरक्षा देने वाली सरकार को चुनें। कृष्णकुमार अष्ठाना ने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि   लोकसभा चुनाव में सभी लोगों की सहभागिता सुनिश्चित हो व सभी लोग मतदान करे, ताकि वोट प्रतिशत शत प्रतिशत हो,और देश के ज़िम्मेदार नागरिक बनें। संयोजक नरेश वसाइनी ने हर हाल में अपने मत के इस्तेमाल पर ज़ोर देते हुए कहा बाद में किसी को कोसने से क्या लाभ।उन्होंने ये पंक्ति भी सुनाई-
देश से है प्यार तो
हरपल यह कहना चाहिए
मैं रहूं या ना रहूं
भारत ये रहना चाहिए।नरेश वसाइनी,विनय पिंगले,संदीप भालेराव,पराग लोंढे ने
अपेक्षा जताई है कि हम सभी इसमें सहभागी होकर लोकतंत्र को अधिक परिष्कृत कर पाएंगे तथा अपने निर्णय को राष्ट्रहित के अधिक से अधिक अनुरूप कर पाएंगे lउन्होंने कहा मतदाताओं को जागरूक किया जाएगा ताकि राष्ट्रहित के अनुरूप मतदान
अवश्य कर सकेंl सभी ने राष्ट्रहित में मतदान की शपथ भी ली।


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