*सूर्य का वृषभ राशि में आगमन बड़े राजनीतिक उठा-पटक का संकेत*~~

*बड़े राजनीतिक उठा-पटक*~~

*नारी शक्ती का प्रभाव बढ़ेगा*~~

*आंधी-तूफान और मानसून में देरी रिकॉर्ड तोड़ गर्मी*~~

*शेयर बाजार में होगी तेज गिरावट*~~

*वृषभ संक्रांति का राशि पर प्रभाव*~~

*डाँ.पं.अशोक शास्त्री*~~


*सूर्य का वृषभ राशि में आगमन बड़े राजनीतिक उठा-पटक का संकेत*

पं. अशोक शास्त्री ने कहा कि 15 मई को सूर्य वृष राशि में आगया है । ज्योतिष में सूर्य के राशि परिवर्तन के समय बनने वाली कुंडली को सूर्य संक्रांति या सूर्य वीथी कुंडली कहा जाता है। सूर्य के राशि परिवर्तन के समय बन रही ग्रह स्थिति से आने वाले 30 दिनों के राजनीतिक घटनाक्रम, मौसम में बदलाव और अन्य आर्थिक-सामाजिक परिवर्तनों का भविष्य कथन करने की परंपरा सदियों से भारत में रही है।

          *राजनीतिक उठा-पटक*
 
ज्योतिषाचार्य डाँ. पं. अशोक शास्त्री ने स्पष्ट कहा कि सभी पंचांगों में सूर्य संक्रांति, अमावस्या और पूर्णिमा के समय बनने वाली कुंडलियों से फल-कथन को देख सकते हैं। 15 मई को सुबह 11 बजकर 2 मिनट पर सूर्य वृषभ राशि में प्रवेश करेंगे तो कर्क लग्न की कुंडली बन रही होगी जो आजाद भारत की कुंडली का तीसरा घर है जहां चंद्रमा स्थित है। इस कुंडली में छठे भाव में केतु और शनि की युति पर हानि स्थान यानी बाहरवें घर से राहु और मंगल की दृष्टि होगी। इस योग के प्रभाव से चुनाव नतीजों के बाद बड़ी राजनीतिक उठापटक देखने को मिलेगी। मंगल दशमेश यानि केंद्र सरकार के भाव का स्वामी होकर वृषभ संक्रांति की कुंडली में 12वें घर में स्थित है। यह स्थिति वर्तमान
सरकार के कमज़ोर होने का संकेत है।

*महिला नेता का प्रभाव बढ़ेगा*
 
          ज्योतिषाचार्य डाँ.अशोक शास्त्री ने कहा कि  केंद्र सरकार के दशम भाव में स्थित बुध और शुक्र क्रमश तीसरे व चौथे घर के स्वामी होकर वर्तमान भाजपा सरकार द्वारा नए सहयोगियों की मदद से सत्ता में वापसी का योग बना रहा है। संक्रांति की कुंडली में दशम भाव में पड़ा शुक्र किसी बड़ी महिला राजनेता का सरकार को समर्थन देकर सत्ता में महत्वपूर्ण पद पाने का योग बना रहा है। वृषभ संक्रांति कुंडली में 12वें घर और छठे घर के प्रबल पाप ग्रहों शनि, मंगल, राहु और केतु से पीड़ित होने से नयी सरकार के गठन में सांसदों की खरीद फरोख्त, दल-बदल और अन्य विवादों के सुप्रीम कोर्ट में जाने की भी संभावना बन रही है।

*आंधी-तूफान और मानसून में देरी*

           डाँ. अशोक शास्त्री के मुताबिक  वृषभ संक्रांति कुंडली में जलीय ग्रह चंद्रमा का शनि और मंगल जैसे शुष्क ग्रहों की दृष्टि से पीड़ित होना मानसून में देरी का योग बना रहा है। इस योग के प्रभाव के चलते 15 मई से 15 जून के बीच गर्मी पिछले कई दशकों का रिकॉर्ड तोड़ देगी। उत्तर भारत में विशेषरूप से 18 मई की पूर्णिमा और 3 मई की अमावस्या के आस-पास आंधी-तूफान और भूकंप के हलके झटकों से जनता में भय पैदा हो सकता है।

*शेयर बाजार में होगी तेज गिरावट*  
          ज्योतिषाचार्य डाँ. अशोक शास्त्री के अनुसार सूर्य से दूसरे घर में गोचर कर रहे मंगल और राहु तथा अष्टम भाव में चल रहे केतु और शनि के कारण खरीफ की फसलों की बुआओं मे  इस साल देरी होगी जिसका कारण मानसून में विलम्ब होगा। 23 मई से 3 जून के बीच शनि मंगल के नजदीकी अंशों पर बन रहे ‘सम-सप्तक’ योग के कारण शेयर बाजार में तेज गिरावट होगी। वृषभ राशि में सूर्य पर वृश्चिक राशि में चल रहे गुरु की दृष्टि सोने के दामों में कुछ कमी लाएगी ।

*वृषभ संक्रांति का राशि पर प्रभाव*

          डाँ. शास्त्री ने बताया कि यह संक्रांति 7 राशियों मेष, कर्क, सिंह, कन्या, तुला, मकर, मीन के लिए शुभ रहने वाली है। अन्य राशियों के लिए यह संक्रांति लाभप्रद नहीं है।
           
                 *ज्योतिषाचार्य*
          डाँ. पं. अशोक नारायण शास्त्री
         श्री मंगलप्रद् ज्योतिष कार्यालय
245,एम.जी.रोड (आनंद चौपाटी)धार, एम.पी.
                मो.नं. 9425491351

                   


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