बड़वानी~जीवन का हर बसंत देश के महात्यौहार निर्वाचन को समर्पित~~

बड़वानी  /मेरे जीवन में ऐसा कोई आम निर्वाचन नहीं हुआ है जिसमें मैने मतदान नहीं किया है। मैं स्वयं मतदान करने के साथ-साथ अपने परिवार और मोहल्ले वालों को भी मतदान के लिए घर से निकलने की आवाज देता हूं। लोग मेरा लिहाज भी उम्र के अधिकता के कारण रखते हैं तथा मेरी दिव्यांगता के बावजूद व्हीलचेअर पर बैठकर मतदान करने जाने की स्थिति को देखकर स्वयं प्रेरित होते हैं कि जब बाबा व्हीलचेअर पर मतदान करने हेतु उत्साह से जा सकते हैं तो हम क्यों नहीं ।
ऐसा ही जज्बा लोकसभा निर्वाचन के दौरान दिव्यांग आदर्श मतदान केन्द्र आशाग्राम में देखने को मिला जब श्री कचाटिया बाबा ने अपनी उम्र के 82 बसंत के बाद भी भौर होते ही अपने मत का उपयोग सहयोगी की सहायता से कतारमुक्त बाधा रहित वातावरण में किया।


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