* अलीराजपुर~ मुबारक हो मुसलमानों की फिर रमदान आया है।*~~

*खुदा का और रसूले पाक का मेहमान आया है।*~

*कब होगा रहमतो का महीना शुरु कब दिखेगा चांद जानिए कब शुरू होगा इबादतो का महीना,*~~

✍जुबेर निज़ामी की रिपोर्ट✍



जानिये रमदान  मुबारक का चान्द कब दिखेगा।
कब शुरू होगा वो रहमतो बरकतो  व मगफेरतो का महीना रमदान को अल्लाह ताआला ने तीन हिस्सों मे तकसीम किया है। पहला अशरा 1 से 10 रोजे तक   रहमतो का अशरा रहता। 11से 20 रोजे तक बरकतो का अशरा रहता है। वही 21 से 30 तक जहन्नुम से मगफिरत का महीना रहता। है इस पाक माह मे बच्चो से लेकर जवान बुढे भी रोजे रखते है।

अलीराजपुर
बरकतों और रहमतों से भरपूर रमजान का पवित्र महीना इस साल मई के पहले हफ्ते से शुरु होने जा रहा है. इस्लाम के इस पवित्र महीने की शुरूआत 5 मई या 6 मई को चांद देखने के बाद होगी। दरअसल यह चांद पर निर्भर करता है इसलिए इसमें 1 दिन आगे पीछे का फेर भी हो सकता है। रमजान का पवित्र माह रोजों के कारण तो वैसे ही खास होता है लेकिन इस बार ये कुछ और भी अलग होगा। पिछले 36 साल में इस वर्ष रमजान का एक रोजा सबसे अधिक समय वाला यानि सबसे लंबा होगा। ये रोजा करीब 15 घंटे का होगा गर्मी के तीखे होते तेवर के बीच रोजेदारों के लिए ये किसी परीक्षा से कम नहीं। मगर अल्लाह अपने बंदो को होसला अता फरमाता है।ये उसकी रहमत  है।

5 को चांद दिखने की उम्मीद:
5 मई को पाक रमजान का चांद नजर आने की उम्मीद है। रमजान में पांचों वक्त की पाबंदी के साथ नमाज अदा की जाएगी। तरावीह की नमाज और कुराने पाक तिलावत और  अल्लाह की इबादत होगी। 5 मई को चांद का दीदार हुआ तो 6 मई को रमदान की पहली तारीख होगी। अगर 5 को चांद नही दिखा तो फिर 7 को रमदान की पहली तारीख होगी। इस्लामिक कलेंडर के नौवें महीने रमदान को पवित्र माना जाता है। रहमतों और बरकतों का यह महीना अच्छे कार्यों का 70 गुना   फल देने वाला होता है। रमदान के महीने में ही कुरान शरीफ नाजिल हुआ था। रमदान में जाने-अनजाने में हुए गुनाहों की माफी की इबादत भी की जाती है।

*44 ड्रीगी पारा भी नही कर पाएगा रोजेदारो के होसलो को पस्त*
इस बार 44-46डिग्री तापमान वाले मौसम में रोजे रखे जाएंगे। रोजेदार एक माह तक अफ्तार से पहले और सहरी के बाद कुछ नहीं खायेगे। रोजेदार पानी की घूँट भी पी लें तो रोजा टूट जाता है। फिर भी रोजेदारों में इबादत के लिए खासा उत्साह है। नेक नीयत और अकीदत के साथ इबादत की जाती है।
इमाम कारी अख्तर रजा साहब ने बताया पहले रोजे से सहरी का समय 4 बजकर 30 मिनट पर खत्म हो जाएगा। वहीं इफ्तार का समय 7 बजकर 5 मिनट पर रहेगा। यह समय जैसे-जैसे रोजे बढ़ते जाएंगे वैसे-वैसे यह भी बढ़ेगा और एक समय ऐसा आएगा कि रोजे 15 घंटे के होंगे।

*इस रमदान होंगे चार जुम्मा*
इस साल माहे रमजान के दौरान चार जुमा होंगे। जुमे की नमाज के कारण ये दिन और रोजा खास हो जाता है। अगर चांद नजर आ गया तो 5 मई से ही ईशा की नमाज के बाद से रमजान में होने वाली विशेष तरावीह शुरू हो जाएगी।

*क्या रहता है विशेष यहा*
अलीराजपुर सबसे विशेस यहा रोजेदार के लिये पुरे महिने एक से बडकर एक पकवान का फ्रुट और कोल्डीग सहित आरो पानी का इन्तजाम रहता है। ये नैक काम *इफ्तार कमेटी* पिछले कही वर्षो से सभी के सहयोग से कर रही है।  इफ्तार कमेटी से अख्तर निजामी ने बताया की सैयद मोहशीन बाबा की निगरानी मे सभी मेम्बर की एक मीटिंग ली जाऐगि सभी से चर्चा कर कमेटी तैयारी मै जुट जाऐगी।
इफ्तार कमेटी से सैयद मोहशीन बाबा अख्तर निज़ामी, सरताज वारसी, फरीद पठान, युनुस कनेक्टर, सोनु चंदेरी, साजीद मकरानी, साहबाज इन्जीनियर, सरफराज मकरानी (मोटुभाई) सलमान मकरानी,  एवं अजीजी ग्रुप सहित सभी नौजवानों के सहयोग से किया जाता है।


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