देवास~मॉर्निंग वॉक पर निकले ग्रामीण पर तेंदुए ने किया हमला ,इलाज के लिए घायल ग्रामीण पहुंचा अस्पताल,

जंगलों में नदी नाले सूख जाने के कारण वन प्राणी कर रहे हैं ग्रामों की ओर पलायन,~

अनिल उपाध्याय
खातेगांव / देवास ~~

जंगलों में  वन प्राणियों के सामने पानी का संकट उत्पन्न होने के कारण वन प्राणी प्यास बुझाने के लिए गांव की ओर रुख करने लगे हैं !जो मानव जीवन के लिए खतरा बन सकते हैं अभी 2 दिन पहले ही नर्मदा तट से लगे गांवो में भालू के देखे जाने के बाद मंगलवार सुबह खातेगांव नसरुल्लागंज मार्ग से लगे मालागांव खूबगांव मार्ग पर  मॉर्निंग वॉक पर निकले ग्रामीण युवक पर तेंदुए ने हमला कर दिया युवक के पेट छाती व पीठ पर चोट आई है इस दौरान युवक ने अपनी जान बचाने के लिए काफी देर तक संघर्ष किया ग्रामीण के चिल्लाने पर तेंदुआ उसे छोड़कर भाग निकला,
देवास जिले की खातेगांव तहसील के गांव मालागांव के ग्रामीण युवक मंगल धुर्वे ने बताया कि प्रतिदिन की तरह वह मॉर्निंग वॉक पर निकला था मालागांव खूब गांव के बीच एक पुलिया के नीचे से कुछ आवाजें आ रही थी जैसे  उसने पुलिया के नीचे झांक कर देखा तो उसके नीचे तेंदुआ बैठा हुआ था जैसे ही मैंने अपना मुंह घुमाया तेंदुए ने मेरी पीठ पर हमला कर दिया लगभग 5 से 7 मिनट तक तेंदुआ और मेरे बीच संघर्ष हुआ इस दौरान शरीर के कई हिस्सों में तेंदुए के नाखून के निशान हो गए मेरे चिल्लाने पर तेंदुआ मुझे छोड़कर भाग निकला घटना की जानकारी तत्काल ग्रामीणों को दी ग्रामीण मौके पर पहुंचे तब तक तेंदुआ वहां से भाग चुका था ग्रामीणों की मदद से मुझे खातेगांव के सरकारी अस्पताल पहुंचाया जहां मेरा डॉक्टर ने परीक्षण किया,

तेंदुए के हमले से बाल-बाल बचे अफजल

खूबगांव कि ग्रामीण अफजल शेख प्रतिदिन की तरह बाइक से खेत पर जाते हैं मंगलवार सुबह 6:00 बजे के करीब खेत पर जा रहे थे उसी दौरान नाले में छिपे तेंदुए ने दहाड़ मार कर उनकी बाइक का पीछा किया लेकिन अल्लाह का शुक्र है कि वह तेंदुए के हमले से भी बाल बाल बच गये,

पहले भी तेंदुए ने मचाई थी दहशत

गौरतलब है कि कुछ वर्ष पूर्व पलासी के जंगल में ही शिकारियों द्वारा बिछाए गए दाते वाले जंजीर के फंदे में एक तेंदुआ फस गया था !ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग का अमला मौके पर पहुंचा था अमले ने तेंदुए को जाल से मुक्त करने का प्रयास किया तो वह मौका पाकर भाग निकला था इसके बाद ग्रामीणों में अपने मवेशियों और खुद की सुरक्षा का सवाल खड़ा हो गया था !काफी खोजबीन के बाद भी वह तेंदुआ वन विभाग के हाथ नहीं लगा


वन विभाग के पास तेंदुए की वास्तविक संख्या नहीं

क्षेत्र के जंगलों में तेंदुए के अक्सर देखे जाने की बातें सामने आती है इससे प्रतीत होता है कि उनकी संख्याओं में निश्चित ही इजाफा हुआ है! आश्चर्य इस बात का है कि तेंदुए की वर्तमान संख्या के बारे में वन विभाग के पास स्पष्ट आंकडो का अभाव हे! वन प्राणी भी सिर्फ ग्रामीणों को नजर आते हैं वन विभाग इससे अछूता दिखाई देता है!


मानव द्वारा वन्यजीवों में
बढ़ती दखलंदाजी

वन्यजीव वाले क्षेत्रों में बढ़ती मानव दखलंदाजी से वन का दोहन होने और नदियों के सूखने से भी बाघ तेंदुए सहित अन्य प्राणियों को जान से हाथ धोना पड़ रहा है ,खातेगांव वन परिक्षेत्र
के जंगलों में पानी का संकट प्राकृतिक संसाधनों का दोहन जीवो का मानव आबादी में
घुसपेठ बढ़ने का कारण बताया जा रहा है! जंगलों का खात्मा होना चारगाहो व झीलों तालाबों का सिमटना मानवी वृती का नतीजा है !इसमें सरकार और प्रशासन के  प्रश्न को भी नाराज नहीं किया जा सकता है! इससे बन जीवो के स्वभाव और व्यवहार में भी बदलाव देखे जा रहे हैं!

प्राकृतिक संसाधनों का
बढ़ता दोहन ,

वन जीवो की अलग प्रकृति और प्रवृत्ति होती है वह किसी किस्म की दखलंदाजी बर्दाश्त नहीं करते हैं! प्राकृतिक संसाधनों के बढ़ते अत्यधिक दोहन के चलते उनके जीवन के आधार वन थे! पर जीवों की मानव आबादी में घुसपैठ बढ़ती जा रही इसके पीछे सबसे बड़ा कारण के सामने आहार और पानी का संकट बनता जा रहा है !प्राकृतिक संसाधनों वन्य जीव आश्रितों हो!
वन्य जीवो के प्रति आमजन की संवेदना में भी काफी बढ़ोतरी हुई है नतीजा जतन पर्यावरण विभाग के संरक्षण हेतु राज्य व राष्ट स्तर पर बड़ी-बड़ी योजना बनती है लेकिन आज तक उन पर अमल पर नहीं हुआ है आज भी वन्य जीवो के आवास स्थलों की समुचित व्यवस्थाएं नहीं हो पाई है इसके चलते वन संपदा पर भी खतरे के वादल मंडरा रहे हे,


तेंदुए को पकड़ने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी,

2 दिन से वन विभाग की टीम भालू के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही थी, मंगलवार सुबह मालागांव- खूबगांव मार्ग पर तेंदुए द्वारा एक ग्रामीण को घायल करने की घटना के बाद वन विभाग का रेस्क्यू ऑपरेशन तेंदुए के लिए शुरू किया गया, वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे सतर्क रहें, तेंदुए दिखने पर तत्काल वन विभाग को सूचना दे,

घायल ग्रामीण खतरे से बाहर

मंगलवार सुबह तेंदुए के हमले से घायल ग्रामीण मंगल धुर्वे अब खतरे से बाहर है उसका प्राथमिक उपचार कर उसे आवश्यक दवाई गोलियां एवं इंजेक्शन दे दिए गए हैं!
डॉक्टर गणपत बघेल बीएमओ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खातेगांव


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