बड़वानी~ छोटा बड़ दा में अवैध रेत खनन ५ मजदूरों की मौत ~~

*तीनो सालो में १२० मजदूरों की अवैध रेत खनन में मौत हुई है।*~~

*बड़वानी जिले में आज भी अवैध रेत खनन जारी है, प्रशासन चुप है~


   सरदार सरोवर परियोजना से प्रभावित बड़वानी, खरगोन, धार, अलीराजपुर जिले अवैध रेत खनन पर पूरी रोक आदेश पारित किया गया है। सरदार सरोवर डूब क्षेत्र एवं नर्मदा की सहायक नदियों में अवैध रेत खनन पर पूरी रोक का आदेश म प्र उच्च न्यायालय खंडपीठ जबलपुर में आदेश दिया गया है मई २०१५ व NGT भोपाल में भी २०१६ आदेश दिया गया है परन्तु आज तक पालन नहीं हुआ है।
   पिछले तीन सालों में लगभग १२० मजदूरों की मौत हुई है। उसमे बड़वानी जिले में छोटा बड़ दा, पिप लूद, खेड़ी, देहदला, मोहिपूरा, नद गांव, पेंड्रा, इत्यादि हुई थी।
आज भी बड़वानी जिले में पिपलुद, खेड़ी, देहदाला, नद गांव, पेंड्रा, छोटा बड़ दा, मोहीपूरा, दत वाडा, केशर पूरा, पिछोला, किर मोहि, नलवाया, ब्रहामण गांव, पिचोड़ी, अवल्डा चिपखेडी, भवती इत्यादि जगह पर हो अवैध रेत खनन हो रहा है।
खनिज विभाग कोई भी जिम्मेदारी नहीं ले रहा है, बड़वानी प्रशासन अवैध रेत खनन पर चुप है कोई कार्यवाही नहीं हो रही है।
यह अभी जगह पर अवैध रेत खनन हो रहा है यह सभी नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण विभाग के नाम पर दर्ज है, राजस्व विभाग की लेंड रिकार्ड में कार्यालय यंत्री बड़वानी २२ के नाम पर दर्ज दिखाई दे रहा है, अवैध रेत खनन NVDA की जमीन पर रहो रहा इसलिए NVDA भी जिम्मेदारी है।
पिछली सरकार के समय भी अवैध रेत खनन नहीं हो पाया है, वहीं नई सरकार भी अवैध रेत खनन नहीं रोक पा रहा है।
नर्मदा घाटी में वर्षो से जारी अवैध खनन आज भी जारी हैं। इससे नर्मदा नदी, भूजल, हवा, मछली, ओर नर्मदा की पूरी प्राकृतिक व्यवस्था तक बर्बाद हो रही है। ओर खेती-पेड़ो पर भी असर हो रहा है। नर्मदा बचाओं आंदोलन ने पूरे कानूनी आधार पर इसके खिलाफ न केवल अवाज उठाई है किन्तु म0प्र0 उच्च न्यायालय में याचिका भी दाखिल की। इस पर याचिका में नर्मदा किनारे, सरदार सरोवर परियोजना लिये भूअर्जित क्षेत्र में रेत खनन पर तो रोक लगवा ही दी है लेकिन साथ ही राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण को पर्यावरणीय मुद्दो पर विशेषज्ञ राय के लिये याचिका का एक हिस्सा भेज दिया। राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण ने भी 30 मई 2017 के आदेश द्वारा नर्मदा कछार में भी वेध मंजूरी के बिना कोई खनन होने एवं नदी पात्र में कोई भी खनन पर रोक लगाने की बात कही। न्यायाधिकरण ने सुनवाई के  दौरान 2 वरिष्ठ अधिवक्ताओं से धरातल पर जांच करवाई जिस पर रिपोर्ट में संपूर्ण अवैधता की हकीकत सामने आई । न्यायाधिकरण ने कई सारे अंतरिम आदेश भी दिये, 4 जिलाधीशो को कोर्ट में बुलाया ओर आदेश भी दिये, लेकिन अंतरिम आदेशो पर भी अमल नही हुआ। किसी भी रोकथाम के बिना, रायल्टी के बिना, पर्यावरण का विनाश बढाते चलता रहा है।


बड़वानी में नर्मदा किनारे चल रहे पूर्णतः अवैध रेत खनन के मामले में पुलिस प्रशासन और खनिज विभाग दोनो के कुछ कर्मचारी अधिकारी भ्रष्टाचार करके, पकड़े गये टेक्टर, आरोपित ड्रायवर को छोड़ देते है, मालिक को गिरप्तार नही करते, यही हमारा अनुभव है। सभी न्यायालयीन आदेश एवं कानूनो का उल्लंघन करते हुये जो अंधाधुंध रेत खनन ओर उससे नर्मदा का विनाश, सरदार सरोवर का भी निरूपयोगी होना है, उसकी घौर भत्र्सना करते है। तत्काल अवैध खननकर्ता सख्त कार्यवाही हो और अवैधता सीधी रोकी जाय।
राहुल यादव, दयाराम यादव, धनराज भिलाला, कैलाश गोस्वामी

मोबाईल 9179617513


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