बड़वानी~आशाग्राम ट्रस्ट की 36वीं वर्षगांठ पर दिव्यांग जागरूकता पोस्टर का किया गया विमोचन~~



बड़वानी  / ‘ एक कदम उजाले की ओर ’ का पावन ध्येय लेकर मानव सेवा माधव सेवा की परिकल्पना को 13 जुलाई 1983 में आशाग्राम ट्रस्ट के स्वरूप मे साकार किया गया। प्रारंभिक तौर पर प्रशासन एवं समाज के संवेदनशील महामनाओं के द्वारा जिले में बहुतायत रूप में सर्वत्र विचरण करने वाले कुष्ठ रोगी समन्वित पुनर्वास का आधार बने और आज ट्रस्ट समग्र निःशक्तता पुनर्वास का केन्द्र बिन्दु बन गया।
भारत सरकार के दिव्यांग हितैषी निर्णय के तहत निःशक्तजन अधिकार अधिनियम 2016 के तहत विकलांगता की सात श्रेणियों को बढ़ाकर 21 प्रकार की दिव्यांगता को व्यापक दायरा प्रदान कर सेवा व पुनर्वास में दिव्यांगजनों को सबलता प्रदान की है। उक्त दिव्यांगता के प्रकारों को सहज सरल भाषा में तथा चित्रों के माध्यम से आमजन तक जानकारी पहुंचाने के लिए आशाग्राम ट्रस्ट द्वारा पोस्टर तैयार कर नेशनल लोक अदालत में जिला सत्र न्यायाधीश श्री रामेश्वर कोठे, विशेष न्यायाधीश श्री दिनेश चन्द्र थपलियाल, पुलिस अधीक्षक श्री डी.एस. तेनीवार सहित समस्त न्यायाधीशगणों एवं ट्रस्ट के सचिव डाॅ. शिवनारायण यादव के द्वारा जनहित मे विमोचन किया गया।
इस अवसर पर ट्रस्ट के सचिव डाॅ. यादव के द्वारा सामाजिक न्याय एवं निःशक्तन कल्याण अंतर्गत आशाग्राम ट्रस्ट द्वारा संचालित जिला दिव्यांग पुनर्वास केन्द्र के माध्यम से दिव्यांगजनों की जानकारी संकलित करने के लिए सर्वे फार्म तैयार करने की जानकारी भी उपस्थित अधिकारियों को देकर प्रशासन के सहयोग से सर्वे कराने की बात कही।
इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एडीजे श्री हेमन्त जोशी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती सुनिता रावत, एसडीएम श्री अभयसिंह ओहरिया, उप संचालक सामाजिक न्याय एवं निःशक्तजन कल्याण श्री संजयसिंह तोमर एवं जिला दिव्यांग पुनर्वास केन्द्र के पदाधिकारी उपस्थित थे।


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