खिलेडी~~प्रदेश मे हर साल शुरू होने वाला स्कूल चलो अभियान सवालो के घेरे मे है सरकारी स्कूलों की हालत बेहत चिंताजनक ~~

जगदीश चौधरी (खिलेडी)6261395702~~


कहते हैं की बच्चे देश के भविष्य है मगर खिलेडी सरकारी स्कूल की कक्षा पहली से 10 वी तक के कुल 386 बच्चों में मात्र चार शिक्षक व एक प्रभारी प्राचार्य के भरोसे पढ़ाई कर रहे हैं एकीकृत शाला के अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय में 3 शिक्षक व मिडील में 1 शिक्षक व प्रभारी प्राचार्य वहीं हाईस्कूल में एक भी शिक्षक नहीं होने से 9 वीं 10 वीं के बच्चे भगवान भरोसे पढ़ाई करने को मजबूर हैं।

खिलेडी मे दो साल पहले हाईस्कूल खुला था तब से आज तक हाईस्कूल के लिए एक भी शिक्षक कि नियुक्ति नहीं हुई जिसके चलते मिडील के शिक्षक व अतिथि शिक्षकों के भरोसे पढ़ाई चल रही है पुरी शाला मैं प्राथमिक विद्यालय में 110 बालक बालिकाओं अध्ययन रत है व माध्यमिक विद्यालय में 126 व हाईस्कूल की कक्षाओं में 150 से अधिक बालक बालिकाओं अध्यन रत है वहीं शिक्षकों ने बताया की अभी तो नये एडमिशन चल रहै है, जिससे अभी ओर बच्चों की संख्या बढ़ेगी।

मगर शिक्षकों की कमी होने से गाँव के कई बच्चों ने दसाई कडोदकला बिडवाल के विधालयो मैं एडमीशन करा रहै है प्रभारी प्राचार्य शेर सिंह मंडलोई ने बताया की हमने शिक्षक  विभाग को कई बार खिलेडी विधालय में शिक्षकों की कमी होने के बारे में व हाईस्कूल के लिए शिक्षकों की नियुक्ति के लिए आवेदन दिये मगर आज तक कोई नहीं आये अभी अतिथि शिक्षक के लिए आवेदन आये है जिनको हमने मेरिट के हिसाब से सुची बनाई गई है पर अभी तक कोई आवेदन कर्ता नहीं आये है।

हम उनको फोन भी लगा रहै तो वे कह रहै हम आ रहै है, आज अतिथि शिक्षकों की जॉइनिंग करने की तारीख थी मगर एक ही अतिथि शिक्षक नहीं आया, एक दो दिन मे कोई ओर आते हैं की नहीं अगर इनमें से कोई नहीं आते तो हम ओर कोई वैकल्पिक  व्यवस्था कर शिक्षक रखेंगे विभाग से भी शिक्षक नियुक्ति की मांग करेंगे जल्द से जल्द शिक्षकों की कमी को पुरा करने का प्रयास करेंगे।

वहीं गांव के सत्यनारायण पाटीदार ग्रामीणो के साथ गुरुवार को विधालय में शिक्षकों की कमी को लेकर चर्चा करने गये तो देखा की शिक्षकों की कमी होने से एक एक शिक्षक एक ही कमरे एक से पाचवी तक 100 से अधिक बच्चों को लेकर पढ़ाई करा रहे थे तो एक हाल मे छटी सातवीं आठवीं के बच्चे को बेठा कर पढ़ाई करा रहे  थे। तो हाईस्कूल की कक्षाओं में शिक्षक नहीं थे केवल माध्यमिक शिक्षकों ने बच्चों को कार्य देकर बच्चे पढ़ाई कर रहे थे।

सत्यनारायण पाटीदार ने बताया की विधालय में बच्चों को बेठक व्यवस्था भी देखी तो बच्चे बिना टाट पटी पर बेठे थे तो शिक्षको से कहाँ की बच्चों को टाट पट्टी पर तो बेठाओ तो शिक्षकों ने बताया की जल्दी नई टाट पट्टी की व्यवस्था कर देगे।


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