*अलीराजपुर~अलीराजपुर  नगर सहित जिले भर मे अवैध रुप से  मेडिकल स्टोर्स हो रहे संचालित*~~

*मेडिकल स्टोर्स पर बगैर डिग्री धारियों को दे रहे बै खोफ मेडिसिन कही जगह तो खुद मेडिकल स्टोर्स पर कर रहे है प्रेक्टीस*~~

✍जुबेर निज़ामी की रिपोर्ट  ✍
अलीराजपुर 📲9993116518~~



अलीराजपुर नगर सहित जिले  भर मे मेडिकल  स्टोर्स पर बै खोफ बगैर डिग्री धारियों बंगालियों को मेडिसिन सप्लाई की जा रही वही थोक एवं खेरची मेडिसिन व्यापारी स्वास्थ्य विभाग  सहित ड्रग इंस्पेक्टर द्वारा जिले मै अभी तक किसी प्रकार की कोई कार्यवाही नही हुई है। जब कि ग्रामिण छेत्र मे मेडिकल स्टोर्स  संचालक ही इलाज कर रहे है या यु कहा जा सकता है की प्रेक्टीस कर रहे है। मगर फिर भी ना स्वास्थ्य विभाग जाग रहा है ना ही जिला प्रशासन।

*आखिर क्यो नही होती कार्यवाही*
ये कहना भी गलत नही होगा की यदि ग्रामीण क्षेत्रों में बंगालियों  के क्लिनिक नही हो तो स्वास्थ्य विभाग की पोल खुलजाऐ यदि स्वास्थ्य सुविधाएं बहतर होती तो मरीजों को और भोले भाले आदिवासियों  को बंगालियों के पास जा कर पैसा बरबाद करने की जरुरत ही नही होती। इसी को देखते हुऐ स्वास्थ्य विभाग  और जिला प्रशासन झोला छाप पर कार्यवाही नही करते। और अवैध तरीके से लोगो की जान के साथ खिलवाड़ करने की छुट दे रखी है। नाम न बताने की शर्त  पर एक बंगाली तो यहा तक कह दिया की क्लिनिक  चलाने के लिए स्वास्थ्य विभाग को पैसा देते है। जिसका सारा खेल बंक्की मंडल बंगालियों का युनियन अध्यक्ष द्वारा खेला जाता है। और युनियन से पैसा वसूला जाता है।

*कहि क्लिनिक पर मेडिसिन थोक बंद रखा है।*
नगर सहित जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में कही क्लिनिक पर मेडिसिन  थोक बंद रखी हुई है। तो क्या ड्रग इंस्पेक्टर या स्वास्थ्य विभाग का ध्यान नही जाता। ड्रग स्पेक्टर बिना फारमेसी लायंसंन के या मेडिकल पर प्रेक्टीस करना अलाव नही है फिर भी ग्रामीण मे ये जौरो पर चल रहा है।

*आखिर जिला प्रशासन क्यो है महरबान*
स्वास्थ्य विभाग कि ला परवाही और कमजोरी किसी से छुपी नही मे मगर सवाल यह उठता है की जिला प्रशासन इस और ध्यान क्यो नही देता। जिला प्रशासन  के सामने कार्यवाही करने का झुठा नाटक स्वास्थ्य विभाग  द्वारा  किया जा रहा है या यु कहा जा सकता है की जिला प्रशासन के आदेशों का भी मजाक बनाया जा रहा है। स्वास्थ्य  विभाग की तरफ से झोला छाप पर कार्यवाही करने के लिये स्टाप नर्स  और ड्राइवर को भेजा जा रहा है। और औपचारिकता निभाई जा रही है। सवाल यह उठता है की एक नर्स  और ड्राइवर अब डाँक्टर की डिग्री चैक करकर क्या जांच रिपोट  पेश करेगे। यदि जांच हुई भी है तो क्या रिपोट आई क्या कार्यवाही हौई। जिम्मेदारों से इस संबंध  मे चर्चा  की कहा कि कलेक्टर साहब के आदेश पर अलग अलग टीम बनाकर अलग अलग जांच की यदि जांच की तो एक ही टीम ने 3 जगह जांच की और आज भी वो क्लिनिक क्यो संचालित है। और क्या जांच हुई कोई नही जानता। हमारे प्रतिनिधी ने विडियो और फोटो ली है जिसमे साफ दिख रहा है अकेली नर्स  और ड्राइवर  के द्वारा जांच की गयी है। यहा जांच के नाम पर जिला प्रशासन  सहित जिले की जनता की आखों मे धुल झोंकी जा रही है। और औपचारिकता निभाई जा रही है।

*जांच को नगर के जिम्मेदार ही रोक देते है और हंगामा  करते है।*
जिले मे या नगर मे किसी डाँक्टर के यहा जांच होती है तो जिले के नेता और जन प्रति निधि जांच रुकवा देते है। कुछ समय पहले दाहोद नाचा स्थित गुजराती डाँक्टर पटेल के क्लिनिक पर जांच  टीम गयी जांच करने मगर नगर के जाने माने जिम्मेदार  नेताऔ द्वारा  हंगामा किया गया और जांच टीम पर प्रेशर डालकर जांच रुकवा दी और कार्यवाही  वही रोकनी पडी।

*क्या बोले जिम्मेदार*
कलेक्टर समीऊद्दीन साहब के आदेश पर जांच टीम बनाकर जांच  के आदेश दिये गये। अलग अलग टीम बनाकर छापे मारे गये। और उनपर कार्यवाही की गयी।
*सी एच एम औ डाँक्टर प्रकाश  ढौके*


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