बड़वानी~मनोज पटेल का पंजा कुश्ती की अंतराष्ट्रीय स्पर्धा के लिए दूसरी बार चयन ~~



बड़वानी~ शहर से सटे नर्मदा पट्टी क्षेत्र के ग्राम भीलखेड़ा निवासी 35 वर्षीय मनोज पटेल का पंजा कुश्ती की अंतराष्ट्रीय स्पर्धा के लिए दूसरी बार चयन हुआ है। आगामी माह में उन्हें रोमानिया पहुंचकर स्पर्धा में शामिल होना है। उसके पूर्व में तुर्की के लिए चयन हुआ था। राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर हासिल कर चुके छह पदक।                  
मनोज पटेल का राष्ट्रीय स्तर प्रतियोगिता में 4 थी बार भाग लिया। इस बार फिर उसने दोनों हाथों से पंजा रेसलिंग में 2 रजत पदक प्राप्त किया। मनोज का चयन अंतराष्ट्रीय रेसलिंग चैंपियनशिप की सितंबर माह में रोमानिया में आयोजित होने वाली प्रतियोगिता के लिए भी हुआ है।      उनके पिता खेती करते है। परिवार की कमजोर स्थिति के बावजूद संघर्ष कर ग्वालियर व खंडवा में कृषि संकाय से बीएससी और एमएससी पूर्ण की। वर्तमान में वे जिले के सेंधवा में कृषि विभाग की भूमि संरक्षण कार्यालय में सर्वेयर के रुप में कार्यरत है। राजपुर ब्लॉक उनका फील्ड वर्क है।
व्यायामशाला में भी सीखे पंजा कुश्ती के गुर
गुरुवार को प्रेस क्लब में मनोज पटेल ने बताया कि 2005 में ग्वालियर में बीएससी की पढ़ाई के लिए गए थे। वहां अपने सीनियरों के सानिध्य में आर्म रेसलिंग में हाथ आजमाया और सतत् अभ्यास किया। इसके बाद खंडवा में भी पढ़ाई के दौरान इसका प्रशिक्षण जारी रखा और बारीकियां सीखी। वर्ष 2013 में शासकीय सेवा में आने के बाद अपने पसंदीदा खेल को फ्रंट फुट पर लाए।  बड़वानी की बजरंग व्यायामशाला में अभ्यास करते रहे।
राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर हासिल कर चुके छह पदक
मनोज ने प्रारंंभिक दौर में संभाग स्तर पर इंदौर, भोपाल व ग्वालियर में रजत व कांस्य के तीन पदक हासिल किए। वर्ष 2016 में नागपुर में आयोजित राष्ट्रीय स्तर की स्पर्धा के लिए उनका पहली बार चयन हुआ। वहां उन्होंने कांस्य पदक हासिल किया। इसके बाद वर्ष 2017 में दिल्ली में आयोजित स्पर्धा में कांस्य और वर्ष 2018 में लखनऊ में आयोजित स्पर्धा में रजत पदक के साथ द्वितीय स्थान पर रहे। वहीं गत वर्ष 2018 में पहली बार उनका तुर्की में आयोजित अंतराष्ट्रीय स्पर्धा के लिए चयन हुआ, लेकिन आर्थिक व अन्य परेशानियों के चलते शामिल नहीं हो पाए। इस वर्ष  भी रोमानिया में आयोजित अंतराष्ट्रीय स्तरीय स्पर्धा में उनका चयन हुआ है।
दो लाख रुपए से अधिक आएगा अनुमानित खर्च
खिलाड़ी को रोमानिया जाने के लिए उन्हें अनुमानित 2 लाख रुपए से अधिक खर्च होगा। जिसकी फिलहाल उनके पास व्यवस्था नहीं है। मनोज ने बताया कि जल्द ही खेल विभाग, प्रशासन और सांसद-विधायक से संपर्क कर सहयोग की गुहार लगाएंगे। अगर कहीं से सहयोग नहीं मिला तो दूसरी बार फिर वे अंतराष्ट्रीय स्पर्धा में खेलने से वंचित रह जाएंगे। खास बात हैं कि सीधे पैर से दिव्यांग मनोज अपने दोनों हाथों से वरेसटलिंग करते है। इंडियन आर्म   वरेसटलिंग   फेडरेशन द्वारा यह स्पर्धा आयोजित करवाई जाती है। इंदौर, भोपाल और ग्वालियर में फेडरेशन संचालित है।            


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