बडवानी ~भारत में विचारधारा अब्दुल कलाम की होना चाहिए ,आतंकी कसाब कि नहीं - फैज मोहम्मद खान ~~

गोवंश रक्षार्थ सद्भावना यात्रा का हुआ  आगमन~~



बडवानी ~मैं संपूर्ण भारत देश में गोवंश रक्षार्थ सद्भावना यात्रा निकालते हुए प्रत्येक क्षेत्र से गुजर रहा हूं मगर मुस्लिम होने के बाद भी मुझे किसी भी प्रकार का डर नहीं लग रहा है किसी प्रकार से मुझ पर आक्रमण नहीं हो रहा है जबकि हिंदू समाज के लोगों के द्वारा मेरी यात्रा का सम्मान किया जा रहा है और बड़ी संख्या में स्वागत कर सहयोग किया जा रहा है! मेरी यात्रा के दौरान मुझे कहीं भी मॉब लिंचिंग या सांप्रदायिकता बिगड़ने वाला माहौल नजर नहीं आया! जहां हिंदू मुस्लिम सिख इसाई सभी धर्मों के लोग एक साथ रहते हैं तथा सभी अपने-अपने उपासना स्थलों की पूजा अर्चना करते हैं ! मंदिरों पर्वतों नदियों तथा अपने-अपने धर्म स्थलों की परिक्रमा करते हैं विश्व में ऐसा देश सिर्फ एक ही है वह है मेरा हिंदुस्तान!भारत देश में विचारधारा अब्दुल कलाम की होना चाहिए आतंकी कसाब की नहीं! जो लोग देश मे डर लगने की बात करते है  या  माब लिन्चीँग से देश का वातावरण बिगड़ना चाहते है वह भ्रम फेला रहे है !

  उक्त विचार गोवंश रक्षा एवं सद्भावना पदयात्रा कर रहे मोहम्मद फैज खान ने बड़वानी प्रेस क्लब में पत्रकारों से रूबरू होते हुए कही! फेज  ने  कहा की मैंने सोचा कि विश्व के सबसे बड़े उपासना स्थल भारतवर्ष की परिक्रमा की जाए तो सभी जाति धर्म मंदिरों मे गया किसी ने नही रोका,प्रवेश करा कर  भगवान के दर्शन कराए! गौ माता नर्मदा माता गोवर्धन पर्वत जैसी सारी परिक्रमा एक साथ पूरी हो जाएगी ! मुझे किसी ने नही रोका! इसलिए 24 जून 2017 को सिंधु तट पर स्थित लद्दाख से सद्भावना पदयात्रा की शुरुआत की अब तक 14000 किलोमीटर की यात्रा पूरी कर ली है ! आपने कहा कि  मां नर्मदा को साफ रखना है!  देश में जल की समस्या है खान ने कहा कि संपूर्ण यात्रा जो कि सामाजिक सद्भाव की है आज देश को आवश्यकता है मगर अफसोस की प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और समाचार पत्रों के द्वारा एशि यात्राओं को ठीक ढंग से कवरेज नहीं किया जा रहा है! ऐसी यात्राओं को जो कि सामाजिक सद्भाव के लिए होती है उसे जन-जन तक पहुंचाने में सभी का सहयोग होना चाहिए!

गोमाता की हो रक्षा

फेज मोहम्मद ने कहा कि वर्तमान में गौ माता की रक्षा के लिए भारतीय देशी गोवंश की सेवा संरक्षण एवं संवर्धन के लिए जन जागरण गाय के नाम पर फैलाए गए वैमनस्य को दूर कर सद्भावना स्थापित करना ! देशी गोवंश के पर्यावरण ,समाज ,स्वास्थ्य प्रकृति के महत्व को जन-जन तक पहुंचाना गोहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध हेतु केंद्रीय कानून बनाने के लिए जनप्रतिनिधियों को जागृत करना नदी संरक्षण पौधारोपण स्वच्छता कन्या भ्रूण हत्या और नारी की गरिमा हेतु जन जागृति लाना अखंड भारत का निर्माण पुण्य भारत के प्राचीन वैभव को स्थापित कर विश्व गुरु का दर्जा दिलाना आदि उद्देश्य को लेकर यह पदयात्रा निकाली जा रही है!

दो चरण  होगी यात्रा

यह पदयात्रा कुल 14000 किलोमीटर तथा समय 3 वर्ष 24 जून 2017 ले लद्दाख से प्रारंभ की गई है प्रथम चरण में लेह से कन्याकुमारी तथा  दुसरे चरण में कन्याकुमारी से अमृतसर की है ! आपने बताया कि 11550 किलोमीटर की पदयात्रा पूर्ण हो चुकी है तथा अमृतसर तक की बची हुई पदयात्रा दिसंबर 2019 तक पूर्ण करना है इस अवसर पर गौ भक्त गौ भक्त मौजूद थे! फेज मोहम्मद नगर की गोशला मे गये व देखा!


Post A Comment:

0 comments: