खंडवा~तनाव में आकर मेरे पिता ने की आत्महत्या~~

हमारी जमीन पर दूसरों ने किया कब्जा~~

रवि कुमार खंडवा~~



नर्मदा नगर में शुक्रवार को जग मूर्ति सेतु से आत्महत्या करने वाले भगवान दास गवली निवासी डाबरी रैयत के आत्महत्या मामले में शनिवार को मृतक के पुत्र राजेंद्र ने उसके पिता को आत्महत्या करने के लिए प्रेरित करने के मामले में दो लोगों के खिलाफ मुंदी थाने में आवेदन पत्र दिया है।

     मृतक भगवान दास जाति गवली निवासी डाबरी रैयत ने शुक्रवार को नर्मदा नगर में पुल से कूदकर आत्महत्या कर ली थी और इस मामले में मृतक का पोस्टमार्टम पुनासा में किया गया जहां से उसके परिजनों ने मृतक के शव को ग्रह ग्राम ले जाकर अंतिम संस्कार कर दिया।

         शनिवार सुबह मृतक का पुत्र राजेंद्र और उसके परिचित 8 से 10 लोग मुंदी थाने पहुंचे जहां उन्होंने आवेदन देते हुए इस मामले में मृतक को आत्महत्या करने के लिए उकसाने का आरोप लगा कर दो लोग सखाराम गवली एवं प्रभु उम्र 32 निवासी जलवा बुजुर्ग को मानते हुए आरोप लगाकर पुलिस प्रशासन से इस मामले में जांच कर दोषियों के ऊपर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।

          मृतक के पुत्र राजेंद्र एवं परिजनों ने बताया कि ग्राम डाबरी रैयत में हमारी जमीन है जिस पर हम लोग खेती किसानी करते हैं साथ ही कुछ सरकारी जमीन पर भी हम लोग फसल पैदा करते हैं और हमारे पड़ोस में ही सखाराम गवली की भी जमीन है जिसका खसरा नंबर 272/2 रकबा 1.40 हेक्टेयर. है अनावेदक सखाराम ने 7/ 3/ 2018 में गांव के पटवारी दिलीप सैनी से जमीन की नपती करवाई थी जिसमें पटवारी द्वारा जमीन नापी गई और हमारे कब्जे की सरकारी भूमि को अनावेदक सखाराम की भूमि बताकर उसे दे दी गई थी जिस बात पर मेरे पिता स्वर्गीय भगवान दास एवं अनावेदक सखाराम के बीच में काफी वाद विवाद भी हुआ था और इस बात की शिकायत भी बीड चौकी में दे दी गई थी।

इतना कुछ होने के बावजूद भी अनावेदक सखाराम का मन नहीं भरा और उसने 3/7/19. को एक बार फिर दूसरी बार उसी रकबे और खसरे की जमीन  पर सरकारी आदेश पर पटवारी दिलीप सैनी से करवाई और दूसरी बार की नपती में पटवारी दिलीप सैनी के द्वारा जमीन नाप कर हमारे कब्जे की स्वयं की जमीन भी डेढ़ एकड़ अनावेदक की जमीन बताकर उसे दे दी गई जबकि हमारे खेत में कपास की फसल लगी हुई है और उसके बावजूद भी हमारी जमीन को अनावेदक की बता कर दे दिया गया और अनावेदक सखाराम के द्वारा मेरे पिता को धमकाते हुए कहा गया था कि यह जमीन भी मेरी है तुझसे जो करते बने कर ले और उसके बाद मेरे पिता लगातार तनाव में रहने लगे जिससे उन्हें नींद नहीं आती रही इसी बात को लेकर मेरे द्वारा शनिवार को उन्हें खातेगांव में डॉक्टर को दिखाने के लिए ले जाया जा रहा था जहां मेरे पिता ने मुझसे नर्मदा ब्रिज पर पहुंचकर कहा कि मुझे पेशाब करना है और इस बहाने वह उतरकर मेरे सामने ही नर्मदा नदी में कूद गए और उनकी मृत्यु हो गई।

मृतक के पुत्र राजेंद्र ने आगे बताया कि अनावेदक सखाराम एवं प्रभु गांव में विवादित व्यक्ति के नाम से जाने जाते हैं और इनका काम ही लोगों की जमीन हड़पना है इन्होंने हमारे कब्जे वाली सरकारी जमीन लेकर उसमें प्लांट बनाकर बेच दिए और उसके बाद भी इनका मन नहीं भरा तो इन्होंने हमारी खुद की जमीन पर भी पटवारी से सांठगांठ कर डेढ़ एकड़ जमीन हड़प ली और यही मेरे पिता की मृत्यु की वजह बनी है और मैं अब शासन और प्रशासन से न्याय की गुहार लगाता हूं कि मेरे पिता को आत्महत्या के लिए मजबूर करने वाले लोगों के खिलाफ जांच की जाए और इस मामले में दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई हो मृतक के पुत्र राजेंद्र के साथ हैं गांव के रिश्तेदार और अन्य लोगों के साथ मुंदी थाने में इस आशय का शिकायत पत्र एसआई विजय वर्मा को दिया गया।


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