बड़वानी~हस्तनिर्मित उत्पाद को आशाग्राम में निरन्तर दिया जा रहा है आकार~~


बड़वानी /आशाग्राम ट्रस्ट बड़वानी में ताने व बाने के गठजोड़ को विगत तीन दशकों से हस्त निर्मित दरी उत्पाद के रूप में साकार किया जा रहा है। इस कार्य को कुष्ठ अंतःवासियों की आजीविका से जोड़कर उनके स्वावलंबन और स्वाभिमान को अक्षुण्ण बनाए रखने में ट्रस्ट के प्रयास अनुकरणीय है। उक्त बातें ट्रायफेड के अधिकारी श्री जे.एस. शेखावत ने आशाग्राम ट्रस्ट द्वारा संचालित दरी बुनाई केन्द्र के अवलोकन के दौरान कही। उन्होने कहा ट्रायफेड की सहायता से जिले के जनजातीय समुदाय को हस्तनिर्मित माहेश्वरी, चन्देरी एवं बाघ प्रिंट कला में रोजगार मूलक प्रशिक्षण के लिए आशाग्राम बेहतर विकल्प बन सकता है। इस दौरान ट्रायफेड के श्री शेखावत व श्री प्रभाकर खदाने द्वारा दरी उत्पाद भी क्रय किये गए। अवलोकन के दौरान सहायक संचालक हाथकरघा श्री पी.एम. अंसारी के द्वारा भी हस्तनिर्मित उत्पादों को निर्मित करने में आशाग्राम की भूमिका की सराहना की।
इस दौरान आशाग्राम ट्रस्ट के सचिव डाॅ. शिवनारायण यादव, जनसंपर्क अधिकारी श्री सचिन दुबे, दरी बुनाई केन्द्र के श्री दिनेश चन्द मण्डलोई, नानुराम पाटीदार, हिमांशु वाबले, दुरसिंग गुथरे, अमित भावरे आदि उपस्थित थे।


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