*बड़वानी~नर्मदा हमारी जीवन रेखा । नहीं मरण रेखा। अनिश्चितकालीन सत्याग्रह का दूसरा दिन*~~

*सत्याग्रह के दूसरे दिन भी डटे विस्थापित परिवार, बिना पुनर्वास डूब नामंजूर के नारे के साथ सत्याग्रह जारी*~~

*सरदार सरोवर बांध में पानी रोकने से राजघाट में पहुंचा 129 मीटर पानी का लेव्हल*~~

*बड़वानी SDM और तहसीलदार ने पुलिस बल के साथ दुकानों, घरों खाली करवाकर समान टीनशेड्स में रखवाया गया*~~



*बड़वानी।* सरदार सरोवर बांध प्रभावित परिवारों द्वारा केंद्र सरकार और गुजरात सरकार द्वारा बिना पुनर्वास सरदार सरोवर बांध में 139 मीटर पानी भरने पर विस्थापितों ने जल, जंगल, जमीन बचाने को लेकर सत्याग्रह पर लगातार दूसरे दिन बैठे रहे।

सत्याग्रहियों से कोई भी जवाबदार अधिकारी नहीं पहुँचा चर्चा के लिये जबकि सत्याग्रह पर बैठे विस्थापितों का कहना है कि आज भी घाटी में 32,000 परिवार बसे हुए हैं जिनके उचित पुनर्वास की कोई भी उचित व्यवस्था नहीं की गई है। पुनर्वास स्थलों पर आज भी पीने का पानी, बिजली, सड़क जैसी सुविधा उपलब्ध नहीं करवा पाये।


जबकि प्रशासन के द्वारा कोई भी चर्चा न करते हुए बड़वानी SDM, तहसीलदार और अन्य अधिकारियों ने पुलिस बल के द्वारा राजघाट गांव के  विस्थापितों के घरों , दुकानों में घुसकर   उनको डरा धमकाकर ट्रैक्टर ट्राली में सामान रखकर टीनशेड्स में ले जाया जा रहा है। प्रशासन द्वारा एक बूढ़ी महिला का घर खाली करवाया गया जबकि उसे घर बनाने के लिए मुख्यमंत्री की घोषणा अनुसार 5 लाख 80 रुपये न देते हुए टीनशेड्स में ले जाया गया और जिन दुकानदारों की दुकानें हटवाई गई उनको भी अभी तक दुकान के लिए भूखण्ड नहीं दिया गया।



नर्मदा घाटी के विस्थापित अपनी मांगों को लेकर राजघाट गांव  में सत्याग्रह पर बैठे है। डुब का पानी सत्याग्रह स्थल से मात्र कुछ ही दूरी पर होते हुए भी, न तो प्रशासन से और न ही सरकार की ओर से कोई सत्याग्रहियों से चर्चा के लिए पहुँचे।
सत्याग्रहियों का आग्रह है कि जबकि सभी का पुनर्वास नही हुआ है। ऐसे में हमारे घर, दुकाने, जमीने डुबाना गैर कानूनी है। इसलिए सरदार सरोवर के गेट खोल कर गांवो में पानी भरने से रोकना चाहिए।
मध्यप्रदेश सरकार ने गेट खोलने की मांग करते हुए, सही वाटर रेगुलेशन की नीति अपनानी चाहिए।

*कैलाश यादव, भगीरथ धनगर, बालाराम यादव, धनराज अवास्या, कमला यादव, सरस्वती बहन, मेधा पाटकर*

*संपर्क रोहित सिंह 6263663379*


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