18 साल बाद 15 अगस्त को रक्षाबंधन, इस बार बाधा नहीं बनेगी भद्रा , डाँ. अशोक शास्त्री ~~



इस बार रक्षाबंधन 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के दिन रहेगा। दोनों उत्सव एक साथ मनने से पर्व की खुशियां दो गुनी दिखाई…दी । डाँ. अशोक शास्त्री ने कहा कि पूर्णिमा को ब्राह्मण समाज द्वारा श्रावणी पर्व भी धूमधाम से मनाया जाता है ।
                इस बार रक्षाबंधन एवं श्रावणी पर्व 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के दिन रहेगा। तीनों उत्सव एक साथ मनने से पर्व की खुशियां दो गुनी दिखाई देंगी। यह संयोग 18 साल बाद बना है। इसके पहले वर्ष 2000 में रक्षाबंधन व स्वतंत्रता दिवस एक साथ थे। उक्त जानकारी मालवा के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य डाँ अशोक शास्त्री बताई साथ खास बात यह है कि इस बार रक्षाबंधन पर अशुभ माना गया भद्रा योग भी नहीं है, जिस कारण श्रावणी के सभी संस्कार किए जा सकेंगे। इस दिन रात्रि में 9:07 बजे के बाद पंचक प्रारंभ होगा, परंतु इसके पूर्व की राखी बंधवाने से लेकर अन्य सभी अनुष्ठान संपन्न हो जाएंगे। ज्योतिषाचार्य डाँ अशोक शास्त्री के अनुसार भाई-बहनों के पवित्र स्नेह का रक्षाबंधन पर्व इस बार 15 अगस्त को मनाया जाएगा।
इस दिन कई अन्य शुभ योग भी रहेंगे। भद्रा योग न होने के कारण ये सुबह से रात 9 बजे तक मनाया जा सकेगा। खास बात यह है कि इस साल रक्षाबंधन पर काफी लंबा मुहूर्त मिला है। लंबे अर्से के बाद सावन माह में 15 अगस्त के दिन चंद्र प्रधान श्रवण नक्षत्र में स्वतंत्रता दिवस आ रहा है।
14 अगस्त को… रात 1.46 बजे से शुरू होगा पूर्णिमा तिथि का प्रारंभ
राखी बांधने का शुभ मुहूर्त- सुबह 6:03 से 7:33 व सुबह 10:34 से दोपहर 3:04 बजे तक व शाम को 5:18 से शाम 6.57 व रात को 6.57 से रात 9.49 बजे तक रहेगा।
प्रदोष योग…. पूर्णिमा तिथि का प्रारंभ एक दिन पूर्व 14 अगस्त को रात 1.46 बजे से होगा, जो 15 अगस्त शाम 6 बजकर 2 मिनिट तक रहेगी। एक दिन पहले भद्रा दिन के 3:49 से तड़के 4:52 तक ही रहेगी।
          डाँ. अशोक शास्त्री ने कहा कि  आइए अब जानते हैं की राशि अनुसार बहनें अपने भाई को हाथ पर कोन से कलर की राखी बांधें ।

मेष :- राशि के भाई को मालपुए खिलाएं एवं लाल डोरी से निर्मित राखी बांधे.
वृषभ :-  राशि के भाई को दूध से निर्मित मिठाई खिलाएं एवं सफेद रेशमी डोरी वाली राखी बांधे.
मिथुन :-  राशि के भाई को बेसन से निर्मित मिठाई खिलाएं एवं हरी डोरी वाली राखी बांधे.
कर्क :- राशि के भाई को रबड़ी खिलाएं एवं पीली रेशम वाली राखी बांधे.
सिंह :- राशि के भाई को रस वाली मिठाई खिलाएं एवं पंचरंगी डोरे वाली राखी बांधे.
कन्या :-  राशि के भाई को मोतीचूर के लड्डू खिलाएं एवं गणेशजी के प्रतीक वाली राखी बांधे.
तुला :- राशि के भाई को हलवा या घर में निर्मित मिठाई खिलाएं एवं रेशमी हल्के पीले डोरे वाली राखी बांधे.
वृश्चिक - राशि के भाई को गुड़ से बनी मिठाई खिलाएं एवं गुलाबी डोरे वाली राखी बांधे.
धनु :- राशि के भाई को रसगुल्ले खिलाएं एवं पीली व सफेद डोरी से बनी राखी बांधे.
मकर :- राशि के भाई को मिठाई खिलाएं एवं मिलेजुले धागे वाली राखी बांधे.
कुंभ :- राशि के भाई को ग्रीन मिठाई खिलाएं एवं नीले रंग से सजी राखी बांधे.
मीन :- राशि के भाई को मिल्क केक खिलाएं एवं पीले-नीले जरी की राखी बांधे.
              *रक्षाबंधन का मंत्र*.
*येन बद्धो बलिः राजा दानवेन्द्रो महाबलः*।
*तेन त्वामभिबध्नामि रक्षे मा चल मा चल*॥
रक्षाबंधन का धार्मिक महत्व भाई बहनों के अलावा पुरोहित भी अपने यजमान को राखी बांधते हैं  इस प्रकार राखी बंधकर दोनों एक दूसरे के कल्याण एवं उन्नति की कामना करते हैं.
नोट-: समय देश काल स्थान व्यवस्था एवं पंचांग अनुसार रहेंगे .
               *रक्षाबंधन विशेष*

पूजा की थाली में ये 7 चीजें अनिवार्य रूप से होनी चाहिए।
इस दिन सभी बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधने से पहले एक विशेष थाली सजाती है. इस थाली में 7 खास चीजें होनी चाहिए.
1. कुमकुम
2. चावल
3. नारियल
4. रक्षा सूत्र (राखी)
5. मिठाई
6. दीपक
7. गंगाजल से भरा कलश

पूजा की थाली में क्यों रखनी चाहिए यह खास 7 चीजें?
1) कुमकुम- बहन भाई को कुमकुम का तिलक लगाती है जो सूर्य ग्रह से संबंधित है और दुआएँ करती है कि आने वाले साल में भाई को हर प्रकार का यश और ख्याति प्राप्त हो।

2) चावल(अक्षत) - पूजा में चावल को सबसे शुभ माना जाता है। बहन भाई को कुमकुम के तिलक के ऊपर चावल लगाती है, जो कि शुक्र ग्रह से संबंधित है और दुआएँ करती है कि "मेरे भाई के जीवन में हर तरह की शुभता आए और मेरा मेरे भाई से हमेशा प्रेम बना रहे।"

3) नारियल - इसको पूजा में श्रीफल कहा जाता है। यह राहु ग्रह से संबंधित  है। बहन जब भाई को श्रीफल देती है तो इसका अर्थ है कि आने वाले वर्ष में भाई को सभी प्रकार के सुख सुविधा मिले।

4) रक्षा सूत्र (राखी) - रक्षासूत्र हमेशा दाएँ हाथ की कलाई पर बांधा जाता है। यह मंगल ग्रह से संबंधित है, जो कहता है कि बहन की दुआएँ हैं कि उसके भाई सभी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष मुश्किलों से उसकी रक्षा करें।

5) मिठाई- बहन भाई को मिठाई खिलाती है जो कि गुरु ग्रह से संबंधित है, और दुआ करती है कि उसके भाई पर लक्ष्मी की कृपा रहे। भाई के संतान और वैवाहिक जीवन भी सुखद रहे। भाई के घर में सभी कार्य निर्विघ्न पूरे हों।

6) दीपक- फिर बहन भाई की दीपक से आरती करती है, जो शनि और केतु ग्रह से संबंधित है और दुआएँ करती है कि मेरे भाई के जीवन में आने वाले रोग और कष्ट सभी दूर हों।

7) जल से भरा कलश - फिर जल से भरे कलश से भाई की पूजा करें, जो कि चंद्रमा से संबंधित है, जिसमें बहन दुआएँ करती है कि मेरे भाई के जीवन में मानसिक शांति हमेशा बनी रहे।

8) गिफ्ट  - मित्रों !! ऊपर की इन 7 चीजों में बहन की दुआओं के साथ आप के 8 ग्रह शुभ होते हैं। अब रहा नवाँ ग्रह - बुध। बुध ग्रह को बहन का कारक ग्रह माना गया है। अब आप जो बहन को उपहार देंगे उससे आपका बुध ग्रह शुभ होकर फल देगा। कहते हैं बुध ग्रह जो आपके व्यापार से संबंधित  है, अगर आपकी बहन या भाई की दुआएँ मिल जाए तो आपके व्यापार में वृद्धि कर देता है। इसलिए हमेशा अपनी बहन को गिफ्ट देकर उनकी दुआएँ लेते रहें।

तो ये थे रक्षा सूत्र के कुछ लाजिक जिसमें बहन की शुभकामनाओं  से भाई का आने वाला समय शुभ होता है। इसलिए हर्ष के साथ अपनी बहन की दुआएँ लीजिए। जय हो  ( डाँ. पं. अशोक शास्त्री )

                          सादर प्रणाम

                       डाँ. पं अशोक शास्त्री


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