देवास~खातेगांव में महिला के अंधे कत्ल की पुलिस ने सुलझाई गुत्थी ,~~

अंधे कत्ल का खुलासा करते हुए पुलिस ने 3 आरोपियों किया गिरफ्तार~~

साले के बेटे की गृहस्थी उजाडऩे का बदला लेने के लिए की थी हत्या~~

अनिल उपाध्याय
खातेगांव /देवास ~~



6 अगस्त की सुबह खातेगांव तहसील के ग्राम बरछा व साक्टया के किसान जब अपने अपने खेतों की ओर जा रहे थे!
उसी दौरान एक अज्ञात महिला का पत्थर से कुचला शव पड़ा होने पर उन्होंने तत्काल हंड्रेड डायल को सूचना दी हंड्रेड डायल और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सब का मौका पंचनामा तैयार कर सब पीएम के लिए खातेगांव के सरकारी अस्पताल भिजवाया और महिला की शिनाख्त के लिए सभी पुलिस थाने पर गुमशुदगी एवं अन्य अपराधों के संबंध में जानकारी लेना शुरू किया लेकिन कहीं से भी महिला के संबंध में जानकारी प्राप्त नहीं हुई उसी दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि खातेगांव की जेपी कॉलोनी में एक महिला रहती है! जो संभवत इस महिला को पहचानती है मृतक महिला के हाथ पर चंदाबाई लिखा हुआ था। जब पुलिस ने जेपी कॉलोनी से उक्त दीपिका नामक  महिला को बुलाई तो दीपिका ने उक्त शव की पहचान उसकी मां के रूप में की और पुलिस को कहा कि मेरी मां चंदाबाई पति शंकर प्रजापत  56 वर्ष निवासी ग्राम निवासी ग्राम जामली, सिविल लाईन, जिला हरदा हालमुकाम त्रिमूर्ति कालोनी खातेगांव मे मेरे भाई के साथ किराये के मकान मे रहती थी। पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया था। तथा अज्ञात आरोपी की तलाश शुरू कर दी पुलिस को महिला चंदाबाई की हत्या के मामले में अहम सुराग लगे और यह पूरा मामला साले के बेटे की गृहस्थी उजाडऩे का बादला लेन के लिए की थी। पुलिस ने हत्या के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। चंदाबाई की हत्या लालचंद पिता रामाधार विश्नोई निवासी ग्राम बडी,जिला हरदा और रामविलास नाय पिता हरिराम निवासी सिरोल्या, खातेगाव ने गमछे से गला दबाने के बाद सिर पर पत्थर से हमला कर की थी। वहीं अन्य व्यक्ति की आईडी पर सिम बेचने वाले दीपक पिता लक्ष्मीनारायण खले निवासी ग्राम ऊडा जिला हरदा को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

जिला पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर सोलंकी ने किया पत्रकार वार्ता में खुलासा
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देवास जिला पुलिस पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर सोलंकी ने मंगलवार को कंट्रोल रूम पर आयोजित पत्रकारवार्ता में हत्याकांड का खुलासा करते हुए बताया कि   मृतिका चंदाबाई गांव के रामलाल विश्नोई के विवाहित बेटे राजेश के साथ अवैध संबंध हो गये थे। जिसके बाद राजेश अपने साथ चंदाबाई को लेकर चला गया। और एक दिन राजेश कछ रूपये अपने घर से लेकर चंदा बाई को लेकर भाग गया। राजेश के फूफा लालचंद को पता चली तो उसने ठान लिया कि चंदा बाई को मौत के घाट उतार देगा। पुलिस ने  लालचंद को पकड़ा और उससे पूछताछ की तो बताया कि उसने  दीपक नाम के सिम विक्रेता से फर्जी सिम खरीद कर मृतिका से फोन पर बात करके उसे अपनी बातो में फंसा लिया था जिसे अपने दोस्त रामविलास नाथ के साथ मिल कर फर्जी सिम से फोन करके चंदा बाई को सूनसान जगह पर बुलाकर अपने गमछे से रामविलास के साथ उसका गला घोटकर दिया और सिर पर पत्थर पटक कर हत्या कर दी थी । पुलिस ने चंदाबाई की हत्या करने के मामले में आरोपी लालचंद पिता रामाधार विश्नाई निवासी ग्राम बैडी जिला हरदा,रामविलास पिता हरिराम निवासी सिराल्या खातेगाव एवं फर्जी सिम बचने वाले दीपक पिता लक्ष्मीनारायण खले निवासी ग्राम ऊडा जिला हरदा को गिरफ्तार किया गया।


हत्याकांड का पर्दाफाश करने वाले पुलिसकर्मियों को मिलेगा 10  हजार का इनाम
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अंधे कत्ल का खुलासा करने में पुलिस अधीक्षक चन्द्रशेखर सोलंकी के मार्गदर्शन में एएसपी जगदीश डाबर के निर्देशन में एसडीओपी कन्नौद निर्भय सिंह अलावा के नेतृत्व में थाना प्रभारी निरीक्षक सज्जन सिंह मुकाती, सब इंस्पेक्टर आरसी बिल्लोरे, अरविन्द भदोरिया, आरक्षक रवि राव , जितेन्द्र तोमर, राहुल  आर्य , सायबर सेल के आरक्षक शिवप्रताप सेंगर , आरक्षक मनीष, पवन शर्मा, ओमप्रकाश पाटिल, ओमप्रकाश पटेल, अरूण , सुधीर, सैनिक मनीष बाथौले की भूमिका रही। एसपी ने टीम को 10 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है ।


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