*अलीराजपुर~ डानबास्को स्कूल के बच्चे की नदी मे डूबने से हुई मौत स्कूल उपबंधक की लापरवाही*~~

*स्कूल परिसर मे शव को रखकर परिजन ने किया हंगामा* ~~

*परिजन ने लगाये आरोप बगैर परिजन की इजाजत बगैर जानकारी दिये बच्चे को पिकनिक पर ले गये।*~~

✍🏻जुबेर निज़ामी की रिपोर्ट ✍🏻
अलीराजपुर 📲9993116518~~



अलीराजपुर डान बास्को स्कूल अलीराजपुर  का एक छात्र सोरभ पिता थानसिग निवासी गव्हाण कि पानी मे डूबने से मौत हो गयी। आपको बता दे की अलीराजपुर डान बास्को स्कूल की तरफ से बच्चो को पिकनिक पर  छोटा उदेपुर गुजरात ले गये थे  जहा वनार नदी मे डूब नै से  बच्चे की मौत हो गयी।  स्कूल पंबंधक ने घटना की जानकारी परिजन को नही दी 3 बजे की घटना और परिजन को शाम छै बजे जानकारी दी और बताया की स्कूल से  वाहन तुफान से  6 शिक्षको के साथ करीब 80 बच्चे वनार घुमने गये थे इस दौरान नदी  किनारे खडे सोरभ का पैर फिसलने से नदी मे  डूबने से मौत हो गयी मृतक के परिजन छोटा उदेपुर पहुच गये है फिलहाल शव का पोस्टमार्टम कर शव परिजन को सौप दिया गया।

*जिम्मेदार कोन*
सवाल यह उठता है की यदि शिक्षक  साथ गये थे तो इतनी ला परवाही केसे हुई जब पानी अधिक था तो नदी किनारे जाने ही क्यो दिया कही न कही स्कूल पबंधक भी पुर्ण रुप से जिम्मेदार है। क्यो की भारी बारिश के चलते  सभी जगह नदी नाले उफान पर है तो ऐसी स्थिति मे इतनी ला परवाही करना  कहा तक उचित था। और कुछ बच्चो ने तो यहा तक कहा की शिक्षक खुद सेल्फी लेने और फोटो खिचने ए बिजी थे। सवाल यह भी है की 80 बच्चो के साथ सिर्फ  6 शिक्षक वो भी ला परवाह। परिजन ने कहा सभी पर एफ आय आर करे अन्यथा शव यहा से नही उठाया जाएगा।


*परिजन का आरोप स्कूल जिम्मेदार*
स्कूल पबंधक की लापरवाही शव को हॉस्पीटल मे छोडकर भांग गये। स्कूल का कोई भी शिक्षक या स्टाप हॉस्पीटल मे मौजूद नही परिजन का कहना है की स्कूल पबंधक की ला परवाही के चलते हुआ हादसा। परिजन ने लगाये गम्भीर आरोप कहा पेरेन्स की बगैर अनुमति बगैर सूचना दिये बच्चे को अपनी मर्जी  से ले गये। बच्चे की मौत का परिजन स्कूल पबंधक पर लगाया आरोप। कहा जब बच्चा दोपहर 3 बजे से पानी मे डुबा था तो परिजन को 6:30 पर खबर क्यो दि गयी। वो भी ये कहा गया की आपके बच्चे  ने पानी पी लिया है आप जल्द छोटा  उदेपुर आ जाऐ जब परिजन मौके पर पहुंचे तो बच्चे का शव उनके सुपुर्द करदिया गया। और स्कूल का कोई भी स्टाफ मौके पर नही था सब फरार हो गये थे।

*शव को स्कूल गेट पर रखकर किया स्कूल का घेराव*
परिजन ने सबेरे 9 बजे से बच्चे के शव को स्कूल परिसर मे रखकर स्कूल का घेराव किया जिम्मेदार को सामने बुलाने की जिद की और कहा हमारे बच्चे की मौत का कारण कोई बताऐ की आखिर हुआ क्या है बच्चे की मौत केसे हुई एस डी औ पी धीरज बब्बर सहित थाना प्रभारी दिनेश सोलंकी, द्वारा समझाईष दी गयी और शव का अंतिम संस्कार करने को कहा गया और कहा पुलिस दोषियों पर कडी कार्यवाही करेगी एस डी औ पी साहब के आने के बाद उनके कहने पर प्रिंसीपल फादर परिजन के  सामने आए मगर उन्होने भी अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया कहा  बोडिग मेनेजमेन्ट की जिम्मेदारी है पिकनिक पर जाने के लिये बच्चो ने जिद की थी। और कहा जो भी है स्कूल समिति जांच  करेगी और जो भी दोसी पाया जाऐगा उस पर स्कूल समिति द्वारा कार्यवाही की जिऐगी।

*सेफ्टी के लिये स्कूल पबंधक द्वारा कोई साधन नही दिये गये।*
ये भी बडी ला परवाही है की स्कूल पबंधक द्वारा सेफ्टी के लिये कोई भी साधन बच्चो को नही दिये गये थे जब की नदी मे नहाने या देखने के लिये करीब जाने पर सेफ्टी जैकेट, ट्यूब या फीर और कोई भी उपकरण जिससे पानी मे डूबने से बचा जा सके। इतनी बडी स्कूल मे इतनी लापरवाही फिर भी जिम्मेदार मौन है। जबकी जिला प्रशासन के सख्त आदेश है की ऐसी जगह पर  जाने के लिये भी परमिशन लेनी होती है। भारी बारिश के चलते जिला प्रशासन अल्ट  रहा इन दिनो स्कूल की भी छुट्टी घोषित की गयी बावजूद स्कूल पबंधक अपनी मन मर्जी चलाते हुऐ मात्र पैसा कमाने की लालच मे इतनी ला परवाही करता है।

*निजी स्कुलों की ला परवाही  मे जिले की यह पहली घटना नही है*
आपको बता दे पूर्व मे भी अलीराजपुर जिले की स्वामी विवेकानन्द विद्यालय मे भी स्कूल का गैट गिरने से दो बच्चो की दर्द नाक मौत होगयी थी। और जोबट मे भी आदिवासी बालीका को मात्र 200रुपये गुम हो जाने के कारण नग्गा कर शिक्षकों द्वारा चैक करने बे इज्ज़त करना ऐसी शर्म नाक घटनाऔ के बाद भी कोई कार्यवाही नही होना भी कही न कही शंका का विषय है हर बार  ऐसी घटना होती और फिर एक नयी घटना के लिये तैयार रहते है।  निजी स्कूलों की इतनी बडी ला परवाही होने के बाद भी शिक्षा विभाग कुम्भकरण की  नीन्द  सौता है। निजि स्कूलो की ला परवाही का खामयाजा गरीब भोले भाले आदिवासियों को ही भुगतना पडता है हर बार उन्हें आश्वासन देकर केस को रफा दफा करदिया जाता है।

*नगर मे रहा चर्चा का विषय*
नगर मे ये भी चर्चा का विषय बना हुआ है की आखिर जनजाति ग्रामीणों के ही बच्चों को क्यो?  कही लोगो के मन मे ये सवाल भी उठ रहे है की कही ट्रिप बच्चो के धर्मातरण से तो कोई संबंध नही है क्यो की आदिवासी ग्रामीणों के जनजाती के  ही बच्चों को क्यो ट्रिप पर ले जाया गया। और अन्य बच्चों को क्यो नही।


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