देवास ~नवजात बच्ची को मरने के लिए जंगल में छोड़ने वाले निर्दयी मां-बाप गिरफ्तार~~

अनिल उपाध्याय देवास ~~




शनिवार को देवास जिले के बागली-पुंजापुरा मार्ग के बरझाई घाट पर मिली नवजात बच्ची के मामले में पुलिस ने रविवार को खुलासा किया। थाना प्रभारी अमित सोनी के नेतृत्व में पुलिस ने निर्दयी दंपति को तलाश लिया। तीन बेटियों के बाद बेटे की चाह में जन्मी नवजात बेटी तो जंगल में दो दिन पड़ी रहने के बाद भी बच गई, लेकिन उसे मरने के लिए छोड़ने वाले निर्दयी माता-पिता पुलिस हिरासत में जरूर पहुंच गए।
पुलिस के अनुसार उदयनगर थाना क्षेत्र के ग्राम खयड़ीपुरा निवासी सुनीता पति संतोष बागली के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर प्रसव के लिए भर्ती हुई थी। गुरूवार को उसका प्रसव हुआ और उसने एक बेटी को जन्म दिया। गुरुवार को ही सुनीता और संतोष अस्पताल से भाग निकले और नवजात बालिका को रास्ते में बरझाई घाट पर भेरू बाबा क्षेत्र की एक ढलाननुमा स्थान पर छोड़कर वहां से लगभग 37 किमी दूर अपने गांव आ गए। शनिवार को बकरी चराने गए सोबलयापुरा निवासी गोविंद और बंशीलाल ने नवजात का रुदन सुना और नवजात को पुलिस की सहायता से बागली चिकित्सा केंद्र लाया गया। जहां पर उसका प्राथमिक उपचार हुआ। नवजात के सर में घाव था और उसमें से कीड़े निकल रहे थे। साथ ही कीड़े-मकोड़ों ने उसे शरीर के अन्य स्थानों पर काटा भी था। नवजात को देवास रैफर किया गया और जांच शुरू की। जांच के दौरान क्षेत्र के अस्पतालों से हाल ही में हुए प्रसव का रिकॉर्ड खंगाला गया तो पुलिस को सुराग मिल गया। पुलिस खयड़ीपुरा पहुंची तो सुनीता और संतोष के पास नवजात शिशु नहीं मिला और वे संतोषप्रद जवाब भी नहीं दे सके। कड़ाई से पूछने पर उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया। फिलहाल बालिका देवास जिला अस्पताल के एसएनसीयू में भर्ती है। जहां उसकी हालत स्थिर बनी हुई है। आरोपी सुनीता व संतोष को हिरासत मे ले लिया गया हे!


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